15-Apr-2020 11:37

किसान हितैषी, जनसेवी कृषि उत्पादों का समर्थनमूल्य बढाने व आपदा राहत दे सरकार : चन्द्रमणि

15 मई तक किसान समस्या पर गम्भीर पहल करते हुए, यदि सरकार ने समर्थन मूल्य बढाने व आपदा राहत देने की दिशा में ठोस पहल नहीं किया

आज जनहित में निरन्तर जनता की आवाज बुलन्द करने वाले समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय सुदामाजी ने चुनाव में किसान हितैषी बनने वाले नेताओं अभिनेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए लाकडाउन के दौरान अपना गेंहू काटने का वीडियो जारी कर चुनौती देते हुए कहा कि सच्चे किसान हितैषी व धरती पुत्र कहलाने वाले आयें मेरे साथ खेत काटकर दिखायें। उन्होने कहा कि किसानों के प्रति हमदर्दी है तो चुनाव में गेंहूं काटना नहीं किसानों का दुःख बांटना जरूरी है। नेता अभिनेता जनप्रतिनिधि अपने स्तर से उचित फोरम पर कृषि उत्पाद का समर्थन बढाने व बेमौसम बरसात व ओलावृष्टि से हुए, नुकसान को देखते हुए, आपदा राहत घोषित करने की मांग कर सच्चा किसान हितैषी बनें।

समाजसेवी सुदामा निरन्तर न केवल जनहित में संघर्षरत रहते हैं अपितु आये दिन शासन प्रसासन व जनप्रतिनिधियों के समक्ष चुनौती प्रस्तुत करते रहते हैं उन्होने पूर्व में अमहटपुल निर्माण हेतु कई दिनों का जलसत्याग्रह व जिलाधिकारी कार्यालय पर 23 दिन आमरण अनशन तथा तटबन्ध विहीन गांवों में बांध ठोकर निर्माण हेतु कई बार कई कई दिनों तक भूख हडताल व उफनाती घाघरा में जलसमाधि लेने व जिलाधिकारी कार्यालय पर सैकडों समर्थकों संग थाली लेकर भोजन हडताल के साथ साथ स्टाम्प ड्युटी शुल्क में प्रस्तावित कई गुना वृद्धि रोकने हेतु रजिस्ट्री गेट पर शवासन से अकेले चंद सहयोगियों के साथ प्रसासन से अपनी मांग मनवाने में सफलता अर्जित की है।

जनपद में पहली बार उन्होने सांसद आवास का भी घेराव कर दिखाया है। श्री पाण्डेय आये दिन गेंहू गन्ने सहित समस्त कृषि उत्पादों का समर्थन मूल्य बढाने व स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग करते रहते है। किन्तु जब भी किसान आन्दोलन को धार देना चाहते हैं धारा 144का हवाला देकर प्रसासन उनकी आवाज दबा देता है।

इस बार समाजसेवी ने आगाह किया है कि 15 मई तक किसान समस्या पर गम्भीर पहल करते हुए, यदि सरकार ने समर्थन मूल्य बढाने व आपदा राहत देने की दिशा में ठोस पहल नहीं किया। तो वो लाकडाउन बढने की भी दशा में जिलाधिकारी कार्यालय पर एकल भूखहडताल करेंगें। उन्होने कहा कि आज समाज के सभी वर्गो के जीवन यापन का साधन कृषक व कृषि उत्पादन बना है ऐसे में उसके हितों की उपेक्षा दुर्भाग्यपूर्ण है।

15-Apr-2020 11:37

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