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02-Dec-2019 10:23

अंतराष्ट्रीय रेत कला उत्सव-2019 में शामिल होंगें, बिहार के लाल सुप्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र

मोतिहारी, पूर्वी चंपारण : विश्वप्रसिद्ध सोनपुर मेला व अंतराष्ट्रीय राजगीर महोत्सव के दौरान बेहतरीन कला प्रदर्शन कर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा सराहना पा चुके चंपारण के लाल युवा रेत कलाकार मधुरेन्द्र ओड़िसा सरकार के पर्यटन विभाग द्वारा 2011 से आयोजित हो रहे प्रत्येक साल की तरह होने वाले 9 वें अंतराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवल 2019 शामिल होने जा रहे हैं। भारत के ओर से अन्य डेलीगेट आर्टिस्ट के अलावा बिहार से एकमात्र चंपारण से मधुरेन्द्र को निमंत्रण मिला हैं। इसके लिए जिलाधिकारी रमण कुमार व एसपी उपेन्द्र शर्मा ने मधुरेन्द्र कुमार को बधाई दी हैं।

उतर भारत से एकलौते प्रतिभागी होने पर चम्पारण के सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र को डीएम-एसपी ने दी बधाई

सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने ओड़िसा रवानगी से पूर्व दूरभाष पर बताया कि ओड़िसा टूरिज्म के ईमेल से मुझे यह आमंत्रण पत्र मिला हैं। यह आयोजन 1 से 5 दिसंबर कोणार्क के चंद्रबग्घा बीच पर आयोजित किया जा रहा हैं।जिसमें सार्क सदस्यों देशों भारत, श्रीलंका, यू एस ए, अमेरिका, स्पेन, इटली, कोलंबो, मलेशिया और रूस सहित अन्य देश के 18 से लेकर 80 वर्ष के 100 सैंड आर्टिस्ट भाग ले रहें हैं। वर्ल्ड हेरिटेज, त्योहार, मेला, प्रकृति व पर्यावरण के साथ महान पर्व पर आधारित कला का प्रदर्शन करेंगें। कई देशों के सैंड आर्टिस्ट अपने देशों का प्रतिनिधित्व करेंगें। बता दे कि पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासहन बनकटवा प्रखंड क्षेत्र के बिजबनी गांव निवासी शिवकुमार साह व गेना देवी के पुत्र हैं। अपनी कठिन मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के जरिये अपनी मूर्तिकला का पहचान विश्व पटल पर स्थापित की हैं। वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय से संबद्ध कला एवं शिल्प महाविद्यालय, भोजपुर में वह मूर्तिकला का छात्र भी है।

गौरतलब हो कि युवा सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र राज्य और राज्य के बाहर कई मेलों, महोत्सवों व सरकारी आयोजनों में सैंड आर्ट और पेंटिंग के नमूने प्रदर्शित कर चुके है। कला की बदौलत उसे राष्ट्रपति सम्मान, बिहार रत्न, चंपारण गौरव, मगधरत्न, आईकॉन ऑफ पीपुल, आम्रपाली सम्मान, वैशाली गणराज्य सम्मान समेत दर्जनों से ज्यादा कई राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार भी मिल चुके हैं, जिससे विश्व पटल पर बिहार ही नही अपितु अपनी मातृभूमि हिंदुस्तान का मान-सम्मान बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहें हैं। नेपाल के विश्वप्रसिद्ध गढ़ी माई मेले में वह भारत - नेपाल के मैत्री संबंधों पर आधारित बेटी-रोटी नामक कलाकृति प्रस्तुत कर चुके है। सैंड आर्ट में अब तक वह नशा का दुष्प्रभाव, मानव स्वास्थ्य, भारतीय नृत्य, महापुरुषों व देवी-देवताओं की प्रतिमाएं, नारी उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, गरीबी, मजदूर, शोषण, धूम्रपान, पर्यावरण संरक्षण, बाल विवाह, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, दहेज प्रथा, आतंकवाद, जनसंख्या नियंत्रण, देश विदेश में घटित घटनाओं तथा कई ज्वलंत विषयों पर आधारित कलाकृतियां बना चुका है। इन्होंने अपनी कला से 2012 में राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, बड़े बड़े राजनीतिक हस्तियों समेत देश के कई वरीय पदाधिकारियों को अपनी कला का लोहा मनवा चुका हैं।

वही सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र कुमार को पटना आर्ट कालेज ने 2011 में उसे पुरस्कृत किया था। इसके अलावें 2012 में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने भी इनके कला का सराहना की थी। उत्तरप्रदेश, पंजाब, दिल्ली और बंगाल में भी वह पुरस्कृत हुआ। उसे बिहार गौरव अवार्ड, बिहार रत्न तथा चंपारण रत्न भी मिल चुका हैं। उसके खाते में कई पुरस्कार हैं। भविष्य में ऊंचाई की सारी संभावनाएं लिए यह कलाकर अपने लक्ष्य की ओर बढता जा रहा है। ★ उत्सव में भाग लेने के लिए मोतिहारी के सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र का हुआ चयन। ◆ ओड़िसा सरकार ने बिहार से एकमात्र चंपारण के मधुरेन्द्र को किया आमंत्रित। ★ 1 से 5 दिसम्बर तक ओडिशा के कोणार्क में चंद्रबग्घा बीच पर होगा यह आयोजन। ★ सार्क देशों से 100 से ज्यादा सैंड आर्टिस्ट डेलीगेट होंगें शामिल।

02-Dec-2019 10:23

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