02-Jun-2018 10:28

शिक्षा के साथ ही फैशन की दुनिया में सशक्त पहचान बनायी नीतु खोसला ने

        जुनूँ है ज़हन में तो हौसले तलाश करो                मिसाले-आबे-रवाँ रास्ते तलाश करो               ये इज़्तराब रगों में बहुत ज़रूरी है               उठो सफ़र के नए सिलसिले तलाश करो

आज बादलों ने फिर साज़िश की     जहाँ मेरा घर था वहीं बारिश की     अगर फलक को जिद है , बिजलियाँ गिराने की     तो हमें भी ज़िद है ,वहि पर आशियाँ बनाने की         मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2017 नीतु खोसला  न सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में धूमकेतु की तरह छायी बल्कि फैशन और सामाजिक दुनिया के क्षितिज पर भी सूरज की तरह चमक रही हैं। उनकी ज़िन्दगी संघर्ष, चुनौतियों और कामयाबी का एक ऐसा सफ़रनामा है, जो अदम्य साहस का इतिहास बयां करता है।नीतु खोसला ने अबतक के अपने करियर के दौरान कई चुनौतियों का सामना किया और हर मोर्चे पर कामयाबी का परचम लहराया।            हरियाणा के अंबाला में जन्मी नीतु खोसला के पिता बलवंत कुमार दुपर और मां शमा दुपर घर की लाडली बड़ी बेटी को डॉक्टर बनाना चाहते थे। हालांकि वह शिक्षिका के तौर पर अपनी पहचान बनाना चाहती थी। नीतु खोसला ने अंबाला कैंट के एसडी कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद नीतु ने कुरूक्षेत्र यूनिवर्सिटी से एमएससी की पढ़ाई पूरी की।वर्ष 1999 में नीतु शादी के अटूट बंधन में बंध गयी। उनके पति  श्री मनु खोसला कर्नल हैं जो उन्हें हर कदम सर्पोट करते हैं। नीतु खोसला के दो जुड़वा बच्चे आकर्षण खोसला और अनाहिता खोसला हैं। जहां आम तौर पर युवती की शादी के बाद उसपर कई तरह की बंदिशे लगा दी जाती है लेकिन नीतु खोसला के साथ ऐसा नही हुआ। नीतु के पति के साथ ही ससुराल पक्ष के लोगों उन्हें हर कदम सर्पोट किया। कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया है नीतु खोसला ने ।         जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना         सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना         कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें         बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।   नीतु खोसला यदि चाहती तो विवाह के बंधन में बनने के बाद एक आम नारी की तरह जीवन गुजर बसर कर सकती थी लेकिन वह खुद की पहचान बनाना चाहती थी। नीतु अपने पति के साथ पुणे चली गयी। पुणे में नीतु खोसला ने आइआईटी और पीएमटी के छात्रों को पढ़ाना शुरू किया। नीतु ने कई गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी है।वर्ष 2005 में नीतु अपने पति के साथ भोपाल आ गयी। जहां वह भाभा इंजीनियरिंग कॉलेज में केमेस्ट्री की असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करने लगी। इसी दौरान नीतु खोसला को कॉलेज की ओर से प्रकाशित अंग्रेजी मैगजीन हेलिओस का चीफ एडिटर भी बनाया गया।          खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है,         जमीं नहीं है मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है,         लहरों की ख़ामोशी को समंदर की बेबसी मत समझ ऐ नादाँ,         जितनी गहराई अन्दर है, बाहर उतना तूफ़ान बाकी है…         नीतु खोसला मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहती थी। वर्ष 2017 में नीतु खोसला ने मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2017 महाराष्ट्र  में हिस्सा लिया और विजेता का ताज अपने नाम कर लिया। नीतु का मानना है कि जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना, सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें, बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना। इसके बाद नीतु खोसला मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2017 ग्लैमरस बनायी गयी और उदयपुर में हुये मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2017 वर्ल्ड में भी हिस्सा लिया और विजेता का खिताब अपने नाम कर लिया।

        नीतु खोसला सामाजिक और शिक्षा के क्षेत्र में भी काम करना चाहती थी। इसी को देखते हुये उन्होंने शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में काम करने शुरू किये। नीतु खोसला अपनी व्यस्त जीवनशैली से समय निकालकर समाजसेवा में भी अपना पूरा योगदान देती हैं।नीतु खोसला का कहना है कि समाज के विकास में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान होता है इसलिए जरूरी है कि समाज के सभी लोग शिक्षित हो। शिक्षा ही विकास का आधार है। समाज के लोग ध्यान रखें कि वह अपने बेटों ही नहीं बल्कि बेटियों को भी बराबर शिक्षा दिलवाएं। वर्तमान परिप्रेक्ष्य में शिक्षा की महत्ता सर्वविदित है. स्पष्ट है कि सामाजिक सरोकार से ही समाज की दशा व दिशा बदल सकती है। नीतु खोसला को स्वयं सेवी संगठन संपर्क , ऑल इंडिया ऐसोसियेशन ऑफ फिजियोथेरेपी,ओंपटिकॉन और माहेर का ब्रांड अम्बेसडर बनाया गया है।       वक़्त आने दे दिखा देंगे तुझे ऐ आसमाँ       हम अभी से क्यूँ बताएँ क्या हमारे दिल में है

नीतु खोसला की फैशन के प्रति समझ को देखते हुये उन्हें हाल ही में मिस एंड मिसेज रेशम फैशनिस्टा (नार्थ इंडिया) 2018 का ब्रांड एम्बेसडर बनाया गया है। नीतु खोसला आज कामयाबी की बुलंदियों पर है।नीतु खोसला के सपने-सपने यूं ही पूरे नही हुये , यह उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलू ज़िन्दगी का इम्तेहान होता है। डरने वालो को मिलता नहीं कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालो के कदमो में जहां होता है। नीतु खोसला को कई बॉलीवुड और टीवी फिल्मों में काम करने के प्रस्ताव मिल रहे है। नीतु खोसला ने बताया कि वह अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने पति के साथ ही ससुर गुरूचरण खोसला और सास चंद्र प्रभा खोसला  को देती है।

जिन्होंने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है। नीतु अपने पति को रियल हीरो मानती है उन्हें याद कर गुनगुनाती है , मिले हो तुम हमको बड़े नसीबों से चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से , सदा ही रहना तुम मेरे करीब होके चुराया है मैंने किस्मत की लकीरों से।         नीतु अपनी सफलता का मूल मंत्र इन पंक्तियो में समेटे हुये हैं।                 रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा,                 प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा;                 थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर,           मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा।

02-Jun-2018 10:28

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