17-Apr-2020 04:51

कला, संस्कृति एवं युवा विभाग देगा बिहार के ग्रामीण कलाकारों को प्रोत्‍साहन

बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग का होगा। किसी भी तरह के फिल्मी गीतों अथवा फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य का वीडियो इस योजना के लिए वैध नहीं होगा।

पटना, 17 अप्रैल 2020 : कोरोना संकट के बीच कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार ने प्रदेश के उन ग्रामीण कलाकारों को यथासंभव प्रोत्‍साहन देने निर्णय लिया है, जिसकी संपूर्ण जीवीका उनके कला प्रदर्शन पर ही निर्भर है। इसके लेकर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग युवा विभाग द्वारा एक चिट्ठी भी जारी की गई है। इस बारे में कला संस्कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के मंत्री प्रमोद कुमार ने बताया कि यह बिहार के उन कलाकारों के लिए है जो ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करते हैं और अपनी आजीविका हेतु पूर्ण रूप से कला लोक कला के प्रदर्शन पर निर्भर हैं। उन्‍होंने बताया कि आधार कार्ड में दर्ज पता ग्रामीण क्षेत्र तय करने का आधार होगा। इसके तहत बिहार की कोई भी प्रदर्शनकारी लोक कला, लोक वाद्य यंत्र, वादन, एकल नृत्य, एकल लोकगायन आदि सम्मिलित किया जा सकता है। पत्रता के संबंध में तथा प्राथमिकताएं तय करने के संबंध में निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार बिहार सरकार के कला संस्कृति एवं युवा विभाग का होगा। किसी भी तरह के फिल्मी गीतों अथवा फिल्मी गीतों पर आधारित नृत्य का वीडियो इस योजना के लिए वैध नहीं होगा।

उन्होंने कलाकारों से अपील की है कि वह कोरोना महामारी की रोकथाम हेतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम जागरूकता तथा इस महामारी के संबंध में संबंधित बचाओ उपायों से संबंधित अपनी कला प्रस्तुति का 15 से 20 मिनट का वीडियो अपने स्थान पर रहकर तैयार कर विभाग द्वारा जारी ईमेल आईडी culturebihar@gmail.com पर अटैच या अपलोड कर भेजे। उन्‍होंने विभाग द्वारा जारी पत्र के हवाले से कहा कि प्रस्तुति की रिकॉर्डिंग के समय सोशल डिस्टेंस का पूर्ण पालन करना अनिवार्य होगा। एक से अधिक व्यक्ति उस प्रस्तुति में शामिल ना हो। कलाकार अपने प्रदर्शन से पहले अपना पूरा परिचय देंगे। जैसे – नाम, पिता का नाम, पूर्ण पता और मोबाइल नंबर बोलकर दर्ज करें। उसके बाद बतायें कि वह कौन सी कला का प्रदर्शन करने जा रहे हैं। यानी कला का नाम बतायें और फिर अपनी प्रस्तुति आरंभ करें। वीडियो की कुल अवधि 15 से 20 मिनट से अधिक न हो इसका ख्‍याल करें।

उन्‍होंने आगे बताया कि इस वीडियो को अटैचमेंट के रूप में अपलोड करने के साथ-साथ ईमेल में निम्नांकित विवरण भी दर्ज करें। जैसे – नाम, पिता/पति का नाम, आधार नंबर, मोबाइल नंबर, कला का नाम, पता, स्वयं के बैंक खाते का विवरण अंग्रेजी में नाम, बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम और आईएफएससी कोड, आधार कार्ड की फोटो एवं एक चेक उपलब्ध हो तो फोटो उसका फोटो अटैच करें। वीडियो रिकॉर्डिंग किसी भी मोबाइल कैमरे से अच्छे कैमरे से की जा सकती है। बस वीडियो कम से कम इस स्तर का हो कि लोग उसको देखकर स्पष्ट परिस्थिति का आनंद ले सकें और मूल्यांकन समिति द्वारा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड करने योग्य समझा जाए। इस वीडियो की विभाग द्वारा गठित एक मूल्यांकन समिति द्वारा समीक्षा की जाएगी। यदि प्रस्तुति उपयुक्त पाई गई तो उसका चयन कर विभाग द्वारा संबंधित को सूचना विभागीय वेबसाइट www.yac.bih.nic.in के माध्यम से दी जाएगी। इसके बाद निर्धारित दरों पर कलाकारों को सीधे भुगतान उनके बैंक अकाउंट में किया जाएगा।

विभाग द्वारा जारी पत्र के अनुसार, इसका कारण कार्यान्वयन हेतु नोडल एजेंसी सांस्कृतिक कार्यालय कार्य निदेशालय होगी, मूल्यांकन समिति का गठन कला संस्कृति एवं युवा विभाग के पूर्व अनुमति से नोडल एजेंसी द्वारा किया जाएगा। व्याख्या संबंधित विवाद तथा अन्य विवाद पर कला संस्कृति विभाग का निर्णय अंतिम होगा। इसके संबंध में कोई अपील नहीं किया जा सकेगा। यह कार्यक्रम सहायतास्‍वरूप है, इसलिए न्यायालय में कोई वाद दायर नहीं किया जा सकेगा। इसका क्रियान्वयन कला संस्कृति एवं युवा विभाग के सांस्कृतिक कार्यक्रम के आयोजन से संबंधित कांचन कार्यशाला सेमिनार मद के अंतर्गत किया जाएगा।

17-Apr-2020 04:51

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