14-Apr-2020 05:40

पानी पानी को तरसते लगुराव बिलंदपुर के लोग, जिला प्रशासन राजनीतिक भक्ति में लीन

वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के लगुराव बिलंदपुर पंचायत मे वार्ड नंबर 3 पिछले कई महीने से नलजल का पानी बंद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तक भाषणों की बाजीगरी में आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। निर्माण में जातिवादी आरक्षणों और जातिवादी राजनीति ने भारतीय जनता की बलि चढ़ा दिया है। 70 सालों से कहते कहते अब 74 वर्षों के बाद भी जिसमें स्वघोषित विश्व नेता और राष्ट्र भक्त पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री सहित प्रधानमंत्री बने लगभग 20 वर्षों का सफ़र तय कर लिया। लेकिन इतने समय में एक ऐसी व्यवस्था नहीं तैयार कर पाए, जिससे अंतिम नागरिकों तक पहुंचने का रास्ता साफ करता हो।

पिछले वर्ष 2019 में जिस तरीके से पानी-पानी पीने को लेकर पूरे बिहार में हाहाकार मचा, उससे नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर ना चौकन्ना हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार। भाजपा के साथ गलबहियां डाले गुजरात मॉडल को नीतीश कुमार ने आगे बढ़ने का ऐसा सपना देखा कि आज खुद के सपने ही ख्वाबों में नज़र आ रहे हैं। नीतीश कुमार और सुशील मोदी, उपेन्द्र कुशवाहा जैसे लोगों ने जंगल राज जो लगातार 15 सालों तक चलाया गया, उसके लिए संघर्षरत रह कर एक नई सोच के साथ बिहार को नया आयाम दिया। लेकिन जैसे ही गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने झुठे गुजरात मॉडल को समाचार चैनलों, समाचार एजेंसियों, समाचार पत्रों, सोशल नेटवर्किंग साइट, ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम ना जाने कितने ढकोसले कर भारत को निर्माण करने वाली जुमलेबाजी कर डाली।

लालू प्रसाद यादव, रामविलास पासवान की पार्टी ने मिलकर 1990 से 2005 तक बिहार की राजनीति में नौटंकी करते रहे। जिसका परिणाम यही रहा कि अटल बिहारी वाजपेई की सरकार को एक मतों से केंद्र में सरकार गिराने वाले रामविलास पासवान आज मोदी सरकार के सबसे भरोसेमंद राजनीतिक शक्ति है। पिछले 7 सालों से 70 सालों की कहानियां लगातार सुनाई जा रही हैं। लेकिन नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बनी भारत सरकार आज तक 6 सालों में भी एक तैयारी नहीं कर पाए। जिसके बल पर आज भारत के 130 करोड़ लोगों तक पहुंचाने वाली व्यवस्था लागू कर पाते।

अब एक छोटे से गांव की बातों से समझिए कि वैशाली जिले के राजापाकर प्रखंड के लगुराव बिलंदपुर पंचायत में वार्ड नंबर 3 कई महीने से नलजल का पानी बंद होने से परेशान हैं। ग्रामीणों ने लगातार, वार्ड सदस्य, पंचायत सचिव, प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवेदन दे-दे-कर थक गए। वहीं की समाचार पत्रों की सुर्खियों में भी जगह दी गई। लेकिन कोई भी अधिकारी, पदाधिकारी ने इस बातों पर गौर नहीं किया। अहान न्यूज़, के प्रधान संपादक द्वारा जब राजापाकर के प्रखंड विकास पदाधिकारी से 31 मार्च 2020 को बातें कि, तो प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि मुझे पता है और मैं एक महिने पहले ही आया हूं। पिछले प्रखंड विकास पदाधिकारी के समय की लापरवाही हैं। प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि मैं एक-दो दिन में सामाधान करा देता हूं। मुझे भी अपने क्षेत्र की चिंता है। लेकिन फिर से जब 11 अप्रैल 2020 को बात किया तो कहने लगे कि कैसे हम करें। कोरोना वायरस के कारण लाॅक डाउन के बाद बहुत परेशानी हैं। मिस्त्री की जरूरत है और आज मिस्त्री नहीं है। प्रखंड विकास पदाधिकारी जिन्होंने कहा था कि मुझे अपने क्षेत्र के बारे में पता है और मैं काम करूंगा, जो अब तक नहीं किया। लाॅक डाउन के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी अपनी जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रहे हैं जैसे आज भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

14-Apr-2020 05:40

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