14-Apr-2020 07:34

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के फायदे के लिए ऐसा किया तो बुरे फंसेंगे, रकम देनी होगी वापस

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में गलत जानकारी देने से बचें।

पीएम किसान योजना की वेबसाइट के मुताबिक यदि आप गलत जानकारी देकर स्कीम का लाभ लेते हैं और बाद में पकड़े जाते हैं तो बैंक खाते में ट्रांसफर की गई पूरी रकम वापस ली जाएगी। यही नहीं आपको धोखाधड़ी के आरोपों के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना होगा। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में गलत जानकारी देने से बचें। देश के करीब 9 करोड़ किसानों को अब तक कवर कर चुकी पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत हर साल कृषकों को 6,000 रुपये की राशि तीन किस्तों में मिलती है। यह राशि देश के 14 करोड़ ऐसे किसानों को दिए जाने का लक्ष्य है, जो अपनी जमीन पर खेती करते हों और कोई भी उनके परिवार में टैक्स न भरता हो। इसके अलावा चतुर्थ श्रेणी के अलावा अन्य किसी स्तर की सरकारी नौकरी वालों या जनप्रतिनिधियों को भी यह लाभ नहीं मिल सकता है।

ऐसे में यह ध्यान रखना जरूरी है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लिए आवेदन करते वक्त स्कीम की सभी शर्तों के बारे में जान लिया जाए। पीएम किसान योजना की वेबसाइट के मुताबिक यदि आप गलत जानकारी देकर स्कीम का लाभ लेते हैं और बाद में पकड़े जाते हैं तो बैंक खाते में ट्रांसफर की गई पूरी रकम वापस ली जाएगी। यही नहीं आपको धोखाधड़ी के आरोपों के तहत कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना होगा।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत ऐसे किसानों को एक साथ मिलेंगी कई किस्तें, रजिस्ट्रेशन को मंजूरी मिलते ही खाते में आएगी पूरी रकम। इसके अलावा यदि आपके पास खेती की जमीन है और आप उसे किसी और इस्तेमाल में लाने लगे हैं तो फिर उसके आधार पर पीएम किसान योजना का लाभ नहीं ले सकते। जैसे अपनी खेती की भूमि पर व्यवसायिक गतिविधियां शुरू करना या फिर घर और दुकान आदि का निर्माण करना। ऐसा करने पर आप पीएम किसान योजना के लाभार्थी नहीं माने जाएंगे। ऐसे में यह जरूरी है कि आवेदन से पहले आप इन शर्तों को ध्यान में रखें। बता दें कि कोरोना के संकट में सरकार की ओर से देश के 9 करोड़ 34 लाख से ज्यादा किसानों के खातों में 2,000 रुपये की किस्त ट्रांसफर की जा रही है। सरकार ने इस स्कीम से देश के 14 करोड़ किसानों को जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।

गौरतलब है कि पीएम किसान योजना के तहत शुरुआत में लघु एवं सीमांत किसानों को जोड़ने का ही फैसला लिया गया था। हालांकि बाद में सभी किसानों को इस योजना के दायरे में लाने का ऐलान किया गया। भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को इस स्कीम से बाहर रखा गया है। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए परिवार की परिभाषा भी तय की गई है, जिसके मुताबिक पति-पत्नी और नाबालिग बच्चों को परिवार माना जाएगा। यदि एक ही परिवार में बंटवारा हो जाता है तो जितने भी लाभार्थी जमीन और परिवार की परिभाषा को पूरा करेंगे, उन्हें इस स्कीम का लाभ मिलेगा।

14-Apr-2020 07:34

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