04-Oct-2019 09:43

कोई मेरी बिटिया को बचा लो

श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना माननीय सुखदेव सिंह गोगामेडी टीम समाज के हर वर्ग की सेवा के लिए सदा तत्पर

जी हां यह गुहार है एक निरीह और लाचार पिता ज्ञानी पासवान की है जो धरहरा मुंगेर का रहने वाला है । ज्ञानी पासवान की 17 वर्षीय पुत्री जो इंटर की छात्रा थी। विगत दिसंबर 2018 से ब्रेन ट्यूमर से ग्रसित है इसे देखने के लिए मुंगेर जिला के विधायक मंत्री माननीय शैलेश कुमार जी उसके घर तक आए और व्यक्तिगत आर्थिक सहयोग भी की है तथा सरकारी सुविधा दिलवाने में मदद करने की बात कही आर्थिक सहयोग में धरहरा प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं धरहरा पंचायत के मुखिया अजय सिंह भी सहयोग किए। आपको बता दें कि यह एससी एसटी के तहत आता है और इसका आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड नहीं बना हुआ था। उस समय के वर्तमान जिला अधिकारी माननीय आनंद शर्मा जी ने इस मसले को व्यक्तिगत रूप से लिया और उन्होंने खुद गोल्डन कार्ड ही नहीं बनाया। अपितु तो इस बच्ची को इलाज के लिए व्यक्तिगत आर्थिक सहायता के साथ बेंगलुरु में भेजने के लिए इस बच्ची को अपनी गाड़ी में लेकर ट्रेन में भी चढ़ाएं। लेकिन दुर्भाग्य तो इस बात की है जिलाधिकारी से लेकर बिहार के मंत्री तक इस बच्ची को सहयोग करने की कोशिश की। इसके बावजूद भी इस बच्ची का आयुष्मान भारत के तहत कोई भी सरकारी सुविधा कल तक नहीं मिल पाई थी।

सामाजिक सहयोग या जिलाधिकारी सहयोग के द्वारा जो पैसा इसे मुहैया कराया गया था। उससे यह अपनी बेटी कि आधा अधूरा इलाज कराया वापस अपने घर आ गया। विगत 1 सप्ताह पहले इसकी हालत खराब हो गई इससे सदर अस्पताल मुंगेर में भर्ती कराया गया। यहां भी आयुष्मान भारत के तहत इसे कोई सुविधा नहीं दी गई और परसों इसकी तबीयत अचानक ज्यादा खराब होने पर वहां के डॉक्टर को जब ज्ञानी पासवान ने कहा कि सर चलकर मेरी बच्ची को देख ले। तो डॉक्टर साहब ने इसे रेफर कर दिया और अविलंब इसे मुंगेर अस्पताल से ले जाने के लिए कहा ज्ञानी पासवान इसकी सूचना श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रमंडल अध्यक्ष समरेश सिंह और मुझे दी हम लोगों ने मुंगेर जाकर स्थिति का जायजा लिया और सीएस डॉ प्रशांत जी से बातें की। डॉ प्रशांत जी का कहना था कि आज तक मुझे या नहीं। बताया गया कि यह आयुष्मान भारत के तहत आता है और इसके पास गोल्डन कार्ड है डॉक्टर प्रशांत ने हमारी उपस्थिति में इसके गोल्डन कार्ड को ऑनलाइन कराया और वादा किया कि आज से इसकी वीआईपी ट्रीटमेंट की जाएगी और अब तक जो दवाई में मैं इसका खर्च हुआ है। उसे हम वापस करेंगे साथ ही जिस डॉक्टर ने बच्ची को सुविधा देने के बजाय उसे बाहर का रास्ता दिखाया। उस डॉक्टर को भी डॉक्टर मोहम्मद फैज की उपस्थिति में फटकार लगाई। अब देखने वाली बात है कि इसी सीएस डॉ प्रशांत जीके आश्वासन के बाद इस बच्ची को कितनी सुविधा मिलती है।

यह बच्ची sc-st के तहत आता है, इसका आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड बना हुआ है। लेकिन यह 1 साल से धक्के खा रहा था, मुंगेर से लेकर बेंगलुरु तक भी गया। लेकिन आप सर्च किया बात है कि आज तक इसका गोल्डन कार्ड ऑनलाइन भी नहीं हुआ था और अब किस बच्चे की स्थिति बहुत ही खराब है बिल्कुल मरणासन्न है।

आप तमाम लोगों से विनम्र प्रार्थना है कि आप सभी इस गरीब को सहायता प्रदान करने की कृपा करें जो व्यक्ति ज्ञानी पासवान को मदद करना चाहते हैं वे उनके खुद संपर्क करें। ज्ञानी पासवान, संपर्क सूत्र है, 9337557643 या मुझ हमसे भी संपर्क कर सकते हैं। संजीव कुमार सिंह, 9771105678, समरेश सिंह उर्फ बाबू साहेब, 8178323327।

04-Oct-2019 09:43

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