05-Jul-2019 04:42

अपराधियों और आम जनता के डर से भागते फिर रहे मानवजीत सिंह ढिल्लो

एक-एक सक्रिय व्यक्तियों के मन में हैं डर, अगला नंबर अब किसका ?

मौत की आहट सुनाई दे रही हैं और जिनके जिम्मेदारी में आम आवाम़ की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वहीं कार्यालय और अपना सरकारी आवास छोड़कर पता नहीं कहां भटक रहा है। जी हां मैं बात कर रहा हूं वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो की। वैशाली जिले में लगातार मौत का खेल चल रहा है और वैशाली के पुलिस अधीक्षक लगातार निष्क्रियता के साथ जमे हुए हैं। वैशाली पुलिस अधीक्षक की लागातार कहानी है कि हत्या से नहीं घबराते हैं और लगातार हत्याकांड में आरोपी परिवार को ही बनाकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। जिला प्रशासन की भागीदारी कहीं भी किसी भी मुद्दे पर सक्रिय नहीं दिखाई देती हैं। इसी हत्या के डर से आज वैशाली के युवाओं की एक बड़ी टीम पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो से मिलने पहुंची उनके कार्यालय, लेकिन ढिल्लो साहब कार्यालय तो छोड़िए घर से भी भाग निकले। मानवजीत सिंह ढिल्लो जब से जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में आयें हैं तबसे हत्या की दुकान चल पड़ी हैं। अपराधियों में मानवजीत सिंह ढिल्लो का जरा भी डर नहीं है इसलिए अपराधियों को हत्या, लूट करने में बहुत ही आसानी होती हैं और सफ़लता पूर्वक अपने लक्ष्य को अपराधी प्राप्त कर लेते हैं। हत्या आज किसी का हो लेकिन सहम जाता है पुरा जिला और सब के जुबां पर एक ही बातें आती हैं अब अगला कौन ?

अगले नंबर के डर में डरी वैशाली की युवा शक्ति ने हुंकार भरी और आज वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो से मिलने समाहरणालय पहुंचे। लेकिन दुर्भाग्यवश पुलिस अधीक्षक को युवाओं की भागीदारी का पता चला और वो कार्यालय नहीं आयें। जिसके बाद सब युवाओं की रैली का रूख पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो के आवास की तरफ हुआ तो आने की सुचना आई जरू, लेकिन मानवजीत सिंह ढिल्लो कहीं भाग निकले। सुबह 9:30 से युवाओं का अक्षयवट राय स्टेडियम में आना शुरू हुआ और देखते ही देखते सैंकड़ों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। जिसके बाद समाहरणालय में सभी इंतजार करते रहे, लेकिन वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो नहीं आये तब जिलाधिकारी वैशाली बुलाकर सभी से बातें की। जिलाधिकारी ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर स्थिति हैं, जिसके लिए चिंतित हूं। इसके लिए पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो से वो बातें करेंगे। रही सुरक्षा की बातें तो जिलाधिकारी वैशाली ने कहा कि हम अपने संयंत्रों पर बैंकिंग सुविधाओं में सुधार करेंगे, ताकि लूटकांड ना हो, या रविवार को बैंकों का काम प्रत्येक बैंक का पैसा एक ही बैंक में जमा किया जाएगा। वहीं सुरक्षा के लिए सरकारी स्तरों पर बांडी गार्ड की अनुशंसा करूंगा। लेकिन एक व्यक्ति को बांडी गार्ड देना संभव होगा। जिलाधिकारी वैशाली ने पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो से बातें कर सुरक्षा की जिम्मेदारी तय करने का आश्वासन दिया।

प्रमुख मांगों को लेकर जो भी गये, उन्होंने बताया कि जब भी किसी भी प्रकार का आंदोलन आम आवाम़ द्वारा किया जाता है तो पुलिस मध्यस्थता करती हैं। वहीं आज तक जो भी मध्यस्थता के पुलिस टीम होते हैं माहौल शांत करने के बाद नींद से सो जाते हैं। आज तक किसी भी प्रकार से कोई भी पुलिस टीम अपनी जिम्मेदारी को नहीं निभाते दिखे हैं। जिसके बाद जो आवाज़ सामाजिक कार्यकर्ता से उठता हैं उसे दबाने के लिए अपराधियों के माध्यम से हत्या करा दी गई है। कुछ हत्या आपसी रंजिश या व्यवसाय के बीच हुए मतभेदों के कारण हुई तो भी हत्या हुई हैं। और कुछ घटनाओं पर गौर करें तो कुछ अपराधी किस्म के भी लोग मारे गए हैं, जो न्यायिक नहीं रहा हैं। मानवजीत सिंह ढिल्लो के आने के बाद जो भी हत्या हुई, लगभग सभी हत्या को घर में उलझाकर रख दिया गया या हत्या हुए लोगों को ही अपराधी घोषित कर दिया करते रहे हैं। जो भी हो गुनेहगार को सजा हो, यह कानून और पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो का संवैधानिक कर्तव्य है। परंतु अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए आज तक वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कोई कदम नहीं उठाया। लगातार हो रही हत्या के कारण आज पुरा शहर डर के साये में जी रहा है। पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो ड्राईविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, गाड़ी के कागज, हेलमेट, जुते चेक करने में व्यस्त हैं। बालू की खेती, खेती योग्य भूमि पर हो रही हैं। अपराधमुक्त वैशाली अब बनने से रहा इसलिए वैशाली को पुलिस मुक्त बनाया जाए इस मुहिम को मजबूत करने का प्रयास अब युवाओं का रहेगा।

आज हुए संवैधानिक आंदोलन में उपस्थित रहे शहर के प्रमुख युवाओं में राकेश कुमार यादव, सतीश कुमार जायसवाल, विकास सिंह, सत्येन्द्र यादव, पंकज सिंह, अनिश रंजन, रोहित कुमार, विशाल कुमार, दिवाकर यादव, मनीष तिवारी, छोटू सिंह चंदेल, संजीव कुमार सिंह, मुकेश कुमार, संतोष कुमार, रौशन कुमार, चंदन कुमार, प्रेम बहादुर सिंह, सोम कुमार सिंह, विनोद कुमार, चंदु कुमार साह, कृष्ण बल्लभ, मो. नसीम, नीसू सिंह, शिवम्, राजू जा, प्रियदर्शिनी, चंचल, कुंदन, अजीत सिंह, ललित राय, नरेश कुमार, अनिल कुमार, स्थूल कुमार, विपिन कुमार, विश्वजीत कुमार, राहुल कुमार, अभिषेक कुमार, पवन राय, सुबोध कुमार, कुंदन यादव, विशाल यादव, नंद किशोर साहू, उमेश सिंह राजीव ब्रहृर्षी, मनीष कुमार सिंह आदि के साथ सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी रही। यह एक बहुत ही सशक्त माध्यम से वैशाली को स्वच्छ बनाने के लिए आगे निकल कर इन युवाओं ने कहा कि हम सब मिलकर निडर वैशाली बनायेंगे। वहीं मानवजीत सिंह ढिल्लो के पुलिस अधीक्षक कार्यकाल को हम अपनी यादों से निकालने का प्रयास कर डर मिटायेंगे। अब अगर दो दिनों में वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो ने कोई निडरता वाली कार्रवाई नहीं की तो अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना प्रदर्शन कर वैशाली को बंद कर दिया जाएगा।

05-Jul-2019 04:42

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