21-Sep-2018 10:31

धारा 144 के बाद भी दो अखाड़े की आपसी मुठभेड़ में दो की हत्या

वैशाली जिले में पुलिस के भरोसे कोई सुरक्षित नहीं, चिकित्सकों के साथ एक बार फिर हुई अभ्रदता। जिला प्रशासन द्वारा गुरुवार की शाम में ही धारा 144 लगाया गया था। सामने आई जिला प्रशासन की भारी लापरवाही और हो गई दो हत्या।

वैशाली ज़िला अधिकारी द्वारा ड्यूटी पर तैनात किए जाने के बावजूद घटना के वक़्त चौक से गायब थी पुलिस बल। धारा 144 के मायने कहीं भी जिला के अंदर दिखने को नहीं मिला। सदर अस्पताल में हंगामा एवं एम्बुलेंस की तोड़ फोड़ की गई और साथ ही डाँक्टर पर भी हमला किया गया। ज्ञात हो कि कुछ समय पहले ही महनार अनुमंडल अस्पताल पर अज्ञात लोगों द्वारा डाँक्टर पर हमला हुआ था और डाँ ठाकुर मुकेश सिंह चौहान के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया गया था। वहाँ स्पष्ट था कि जिला पुलिस की भारी लापरवाही के कारण ही हमेशा डाँक्टरों पर हमला हुआ। वहीं आज की घटना के बाद एकबार और पुलिस की कलई खुल गई और डाँक्टरों का हड़ताल होते होते रह गया, तो इसमें डाँक्टर ठाकुर मुकेश सिंह चौहान की भूमिका मानवीय मूल्यों के आधार पर महत्वपूर्ण रहा और डाँक्टरों ने सेवा जारी रखा। वहीं ज्ञात हो कि गुरुवार की सुबह हिंदू पुत्र संगठन के संरक्षक राजीव ब्राह्मर्षि की गिरफ्तारी को लेकर शहर में काफी तनाव बढ़ गया था। जिसको नजर में रखते हुए जिलाधिकारी वैशाली जिला में मुहर्रम 2018 के त्यौहार के अवसर पर विधि व्यवस्था एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से 21 सितंबर के पूर्वाहन से दिनांक 23 सितंबर 2018 के अपराह्नन तक संपूर्ण वैशाली जिले में भारतीय दंड विधान संहिता की धारा 144 (1)(2) लागू किया जाता है । इस अवसर पर असामाजिक तत्व एवं उसके समर्थकों द्वारा त्यौहार के अवसर पर व्यवधान डालने तथा अशांति फैलाने की संभावना के दृष्टिकोण से उपरोक्त त्यौहार के अवसर पर शांति व्यवस्था एवं विधि व्यवस्था कायम रखने के लिए और इसी तरीके से एवं पर रोक लगाने हेतु निरोधात्मक कार्रवाई की अत्यंत आवश्यकता है। उपर्युक्त के संतुष्ट होकर जिलाधिकारी वैशाली जिला दंडाधिकारी वैशाली राजीव राजन द्वारा धारा 144 (ए)(1)(2) के अंतर्गत शक्तियों का प्रयोग करते हुए संपूर्ण वैशाली जिले में धारा 144 लगा दी। जिसमें कहा गया शास्त्र भाला, गाराशा, तलवार, पटाखा, तीर-धनुष एवं अन्य घातक हथियार पुलिस के अलावा किसी के पास नहीं होगा। किसी भी प्रयोजन से ध्वनि विस्तारक यंत्र व्यवहार करने से पूर्व अनुज्ञप्ति संबंधित अनुमंडल दंडाधिकारी से प्राप्त करना अनिवार्य होगा। इस संदर्भ में माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में गृह विभाग एक पत्रांक 751 दिनांक 21 जनवरी 2016 प्रभावी होगा। यह आदेश गुरुवार 2018 की शाम जिला दंडाधिकारी द्वारा दी गई थी। जिसे वैशाली जिला जनसंपर्क पदाधिकारी द्वारा सभी पत्र-पत्रिकाओं में भेजा गया।

ज्ञात हो कि मस्ज़िद चौक पर दो अखाड़ों के बीच झड़प, फायरिंग से साथ हंगामा और तोड़ फोड़ हुई। जिसके बाद घायल युवक को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहाँ डाँक्टरों ने एक को मृत घोषित कर दिया और दूसरे को पी एम सी एच भेजा गया। जिसके बाद पुलिस के सामने तोड़ फोड़ करते रहे उपद्रवी और मुकदर्शक बनी रही पुलिस प्रशासन। तमाशवीन बनी देखती रही पुलिस ने एक शब्द बोलना भी उचित नहीं समक्षा और एक खा़स राजनैतिक जाति को राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति करने का काम किया। जिसके बाद शहर के मुस्लिम समाज पर काबु करने में पुलिस कामयाब नहीं हुई और स्थिती भयावह होती गई। वहीं आपसी रंजिश को दुसरा रंज देकर हिन्दु समाज के घर पर आगजनी और पथराव और अन्यत्र शस्त्रों का प्रयोग प्रशासन के सामने होना दुर्भाग्यपूर्ण रहा है । मुस्लिम समाज के अंदर खत्म हुआ प्रशासन पुलिस और कानुन का डर यह जताते सामने आया कि पुलिस सिर्फ़ राजनैतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति के लिए उतना ही कार्यावाई कर रही हैं जिससे राजनीतिक समीकरण ना बिगड़े। बताते चले कि घटना मध्यरात्रि दिनांक 20/9/18 की है। जब दो तजिया राईन अखाङा और पंदरिबा अखाङा के बीच हिंसक झड़प हुई। जिसमे एक मुस्लिम की मौत हुई और एक घायल हो गया। जिसके बाद मुस्लिमोंं ने अपना झगङा छोङ योजनाबद्ध तरीके से सबसे पहले मस्जिद के सी सी टीवी कैमरे को बन्द किया। उसके बाद महावीर मंदिर मेंं तोङ-फोङ, पत्थरबाजी, अन्य अस्त्रों का प्रयोग व नाली के गंदगी को मंदिर मेंं फेंंककर पूरी तरह से मंदिर को छत-विछत करने के बाद सभी हिन्दुओ के घर पर आगजनी, पत्थरबाजी और अस्त्रों से हमला करने लगा। अस्पताल में हुए भारी हंगामें के बाद जिला प्रशासन की आँखे खुली और घटना स्थलों पर पुलिस फोर्स की तैनाती तेजी से कि गई। जबकि जिला में धारा 144 लागू थी।

खास बातें बतायें तो वहीं जिला प्रशासन घटनास्थल पर मूकदर्शक बनी रही। बताते चले कि महावीर(मस्जिद) चौक के मस्जिद मेंं CCTV CAMERA बंद करने के बाद मस्जिद की मीनारोंं से मुसलमानो द्वारा पत्थरबाजी आगजनी और पेट्रोल बम फेंंक कर एक हिन्दू परिवार रामलखन साह के घर मेंं आग लगा दी गयी। वहीं खरीदे गये शादी के सामान को तजिया में शामिल असमाजिक तत्वों द्वारा लुट लिया गया। वहीं उनके पुत्र को बुरी तरीके से मारा गया है, जिसकी हालत गंभीर है। जिसपर प्रशासन को उसका इलाज कराने के बजाय उसके गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत रही है । धन्य है शासन-प्रशासन जो राजनैतिक तुष्टिकरण का कार्य कर रही है, जिसमेंं सांसद व विधायक की मौन सहमति की बातें सामने आ रही है। बहुत ही स्थिति बिगड़ने के बाद -- हत्या के बाद तनाव , इलाका पुलिस छावनी में तब्दील। -- डीएम एसपी पहुंचे भारी संख्या में पुलिस बल तैनात। -- स्थानीय लोगोंं ने घरोंं की छतोंं से पुलिस पर किया पथराव। -- झड़प और पथराव में कई पुलिसकर्मी हुए घायल। -- पुलिस ने उपद्रवियों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा। -- उपद्रविओ को हटाने के लिए पुलिस को करनी पड़ी कई राउंड फायरिंग। हत्या के बाद शहर में हुआ बवाल .....भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर के इलाके को छावनी में तब्दील किया गया .....डीएम एसपी सहित वरीय अधिकारी घटनास्थल पर कर रहे हैं कैम्प ....... । महत्वपूर्ण जानकारी एक बार और बताये कि हाजीपुर में गुरुवार की देर रात व शुक्रवार की भोर में एक युवक की हत्या के बाद सुबह में जम कर उपद्रव हुआ। ...... नगर थाना क्षेत्र के मस्जिद चौक पर देर रात एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई , जिसके बाद दो गुटों में जमकर पथराव हुआ ....। हालात को बेकाबू होते देख भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात कर दिया गया। इस दौरान घरोंं के छतोंं से पुलिस पर पथराव शुरू हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उपद्रवियों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। पुलिस और पब्लिक के झड़प में कई पुलिसकर्मियों को भी चोट आई है। वहीं उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने कई राउंड हवाई फायरिंग भी की है। बताया जा रहा है कि शाहनवाज कुरैशी नाम के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद स्थानीय लोग आक्रोशित थे। इलाके में अब भी तनाव बरकरार है जिसको लेकर एस एस बी के जवानों को भी तैनात किया गया है।

धारा 144 क्या है और ये कब लागू की जाती है? आपने धारा 144 के बारे में ज़रूर सुना होगा और हो सकता है कि अखबार और टीवी में आपने इस धारा के बारे में पढ़ा-देखा भी होगा और आपको इसका अंदाज़ा भी होगा कि शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए इस धारा को लागू किया जाता है लेकिन क्या आपको धारा 144 से जुड़ी सभी ज़रूरी बातें पता हैं? नहीं ना! तो चलिए, आज आपको बताते हैं कि ये धारा 144 क्या है और इसे कब और क्यों लागू किया जाता है–किसी भी शहर में जब भी किसी घटना के कारण हालात बिगड़ने लगते हैं और माहौल के शांतिपूर्ण रहने की बजाए तनाव की स्थिति बन जाती है तो धारा 144 लगा दी जाती है ताकि हालात और नहीं बिगड़ें और तनाव ना बढ़े। धारा 144 सीआरपीसी के तहत आने वाली एक धारा है। सीआरपीसी ‘दंड प्रक्रिया संहिता’ का संक्षिप्त नाम है। जब भी कोई अपराध घटित होता है तो दो प्रक्रियाएं होती हैं। एक प्रक्रिया पीड़ित के सम्बन्ध में और दूसरी प्रक्रिया आरोपी के सम्बन्ध में होती है। इन दोनों ही प्रक्रियाओं का ब्यौरा सीआरपीसी में दिया गया है। क्या है धारा 144 – सीआरपीसी के तहत आने वाली धारा 144 शांति व्यवस्था को बनाये रखने के लिए लगायी जाती है। इस धारा को विशेष परिस्थितियों जैसी दंगा, लूटपाट, आगजनी, हिंसा, मारपीट को रोककर, फिर से शान्ति स्थापित करने के लिए किया जाता है। इस धारा को लागू करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट यानी जिलाधिकारी द्वारा एक नोटिफिकेशन जारी किया जाता है जिसके बाद उस तनावपूर्ण इलाके में ये धारा लागू कर दी जाती है। धारा 144 लागू होने पर क्या होता है – इस धारा के लागू होने के बाद, उस इलाके में 4 या उससे ज्यादा लोग इकट्ठे नहीं हो सकते और उस क्षेत्र में हथियारों के लाने – ले जाने पर भी रोक लग जाती है। बाहर घूमने पर भी प्रतिबन्ध लगाया जाता है और यातायात को भी इस अवधि के लिए रोक दिया जाता है। उल्लंघन करने पर सजा का प्रावधान – धारा 144 लागू होने के बाद इसका पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी होती है और इसका पालन नहीं करने या धारा 144 का उल्लंघन करने पर, पुलिस द्वारा गिरफ्तारी भी की जा सकती है जो धारा 107 या धारा 151 के तहत होती है। इस धारा का उल्लंघन करने वाले आरोपी को एक साल कैद की सजा भी हो सकती है। वैसे ये एक जमानती अपराध है जिसमें जमानत हो जाती है।

21-Sep-2018 10:31

जुर्म मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology