23-Jun-2018 06:41

नई उम्मीद बन आये नये अंचलाधिकारी ने आम आदमी को दिया राहत

*प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की धज्जियां उड़ा रहे पोल्ट्री फार्म संचालक को अंचलाधिकारी ने दी एक सप्ताह में बंद करने का दिया आदेश।*

*बिदूपुर: आह्वान न्यूज़ के ख़बर का बड़ा असर कि वैशाली जिला के बिदुपुर प्रखंड के मथुरा चौक से सटे उत्तर अवैध रूप से चल रहे बड़े-बड़े दो पोल्ट्री फार्म को बिदूपुर अंचलाधिकारी ने दी एक सप्ताह में बंद करने का आदेश।* बिदूपुर प्रखंड के मथुरा चौक से सटे अवैध रूप से चल रहे दो बड़े-बड़े पॉलटी फार्म को बिदूपुर अंचलाधिकारी शिव शंकर गुप्ता ने पोल्टी फार्म निरीक्षण किए। निरीक्षण के दरमियान श्री गुप्ता ने दोनों पोल्ट्री फार्म संचालकों को अविलंब पोल्ट्री फार्म एक सप्ताह में बंद कर सूचित करने का आदेश दिया है। ज्ञात हो कि पूर्व में इस सम्बन्ध में स्थानीय पंचायत सचिव शैलेन्द्र ने भी जांच रिपोर्ट में एक फार्म बस्ती से उत्तर दिशा में साढ़े 48 फिट पर है जबकि दक्षिण दिशा में घर से दूरी साढ़े 73 फिट पर फॉर्म होने का दावा किया था। इससे स्पष्ट है कि पंचायत सचिव की मिलीभगत और गलत रिपोर्ट पर अबतक पोल्ट्री फार्म का संचालन होते रहा हैं।

जानकारी हो कि बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के द्वारा गत 4 जुलाई 2017 को ही जिलाधिकारी वैशाली को जल प्रदूषण निवारण एवम नियंत्रण अधिनियम 1974 तथा वायु प्रदूषण निवारण एवम नियंत्रण अधिनियम 1981 के प्रावधानों के तहत अवैध रूप से आवासीय क्षेत्र में स्थित है, जिसे बन्द कराया जाये। नियमानुसार फार्म सघन बस्ती से 300 मीटर के बाद होना चाहिए था ,जबकि मथुरा स्थित दोनोंं मुर्गा फार्म मदन भगत का 30 फिट और संजीव कुमार का लगभग 75 फिट के अंदर ही सघन बस्ति में फार्म स्थित हैं। जिसे प्रदूषण नियंत्रण पर्षद द्वारा तत्काल प्रभाव से बन्द कराने का आदेश भी मिल चुका था। आदेश के बाद भी मुर्गी फार्म का संचालन किया जा रहा हैं। इस सम्बन्ध में गत 2 अगस्त 2017 को बिदुपुर अंचलाधिकारी द्वारा भी दो दिनों के अंदर सघन बस्ती स्थित मुर्गा फार्म को बन्द करने का भी निर्देश दिया गया था। परन्तु बन्द नहींं किया गया और धड़ल्ले से संचालक द्वारा मुर्गी फार्म कासंचालन किया जा रहा था।

ज्ञात हो कि पूर्व अंचलाधिकारी द्वारा कागजों पर सिर्फ खानापूर्ति मात्र कि गई और आम आदमी उसमें परेशानी में ही रहा है। इस सम्बन्ध में BSF के जवान ने सीएम, उप मुख्यमंत्री, एस पी वैशाली, एस डी ओ हाजीपुर आदि को सूचित किया था। वहींं ग्रामीणों को आशंका थी की कही बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू की तरह के रोग मुर्गी आदि में फैल गया तो उसका प्रभाव आस पास के लोगों पर भी पड़ेगा। अपने छुट्टी पर घर आये बी एस एफ के जवान हरेंद्र कुमार ने मुर्गी फार्म को बन्द कराने को लेकर सभी वरीय पदाधिकारी के कार्यालय का चक्कर लगा रहा थे, काफ़ी संघर्ष के क़रीब ग्यारह महीने के बाद अवैध रूप से चल रहे पोल्ट्री फॉर्म को हाजीपुर कोट ने बंद करने का अनुमति दिया गया । जिसके बाद ही नये अंचलाधिकारी के संज्ञान में आते ही कार्यावाही करते हुए मात्र एक सप्ताह में पोल्ट्री फार्म बंद कर लिखित सूचना देने का आदेश निर्गत किया।

वहीं बता दें कि बैंक द्वारा भी अवैध रूप से पोल्ट्री फार्म पर लाखों रूपये का लोन दे दिया गया। जिसमें बैंक की कार्यशैली शक के घेरे में हैं। आगे देखना है कि सरकारी पदाधिकारी में पंचायत सचिव, पूर्व अंचलाधिकारी, बैंक आदि की भूमिका के साथ अनुमंडल पदाधिकारी के आदेश को बिदुपुर थानाध्यक्ष द्वारा भी लापरवाही कर पालन नहीं किया गया था। इन सभी पदाधिकारी पर अपनी जिम्मेदारियों को नहीं निभाने के लिए ठोस कार्यावाही होने की जरूरत है। आम आदमी की आवाज़ पैसों में बंद हो जाती हैं।

23-Jun-2018 06:41

जुर्म मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology