25-Mar-2020 09:40

निलंबन की खबर ने ली हड़ताली शिक्षक की जान

सदमा उनका ब्रेन ह्युमरेज का कारण बना और सदा के लिए वे दुनिया से विदा हो गये

सरकार की दमनात्मक कारवाई ने एक नियोजित हड़ताली शिक्षक अरविन्द तिवारी की जान ले ली। मृतक प्रोजेक्ट बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय जलालपुर, लालगंज में 10+2 शिक्षक के रूप में कार्यरत थे।

ज्ञात हो कि वैशाली जिला मे सभी हाईस्कूल के शिक्षक 25 तारीख से ही हड़ताल पर है और मूल्यांकन बहिष्कार के कारण जिला के सभी हड़ताली शिक्षक को सरकार निलंबित कर दिया है साथ ही वेतन भी बंद कर दिया। निलंबन की खबर सुनकर शिक्षक अरविंद तिवारी सदमे मे आ चुके थे, यही सदमा उनका ब्रेन ह्युमरेज का कारण बना और सदा के लिए वे दुनिया से विदा हो गये।

हड़ताली शिक्षक डाॅ रुपक कुमार ने बताया कि अपने हठधर्मिता के कारण बिहार सरकार न जाने और कितने शिक्षकों की बली लेगा? पहले भी इसी जिले के एक हड़ताली शिक्षक अपने घर नालंदा लौटते वक्त सड़क दुर्घटना के शिकार हो गये। बिहार मे भी कई शिक्षक का धरना स्थल पर हार्ट अटैक हो चुका है। लेकिन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को कोई फर्क नही पड़ा। इन शिक्षकों के बलिदान को यूँ ही नहीं छोड़ दिया जायेगा बल्कि सरकार से प्रत्येक शिक्षकों के मौत का हिसाब लिया जायेगा।

शिक्षकों के मौत के जिम्मेवार बिहार की सरकार और शिक्षा विभाग के पदाधिकारी हैं जिन्होंने पहले निलम्बन और अब निष्कासन की खबर का प्रचार कर मानसिक प्रताड़ना देकर ब्रेन ह्यूमरेज द्वारा जान ले ली। आज हम हड़ताली शिक्षकों को ऐसे दमनात्मक कारवाई और उससे होने वाले मृत्यु का हिसाब चाहिए । बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ सहित विभिन्न शिक्षक संगठनों ने अरविंद तिवारी के आकस्मिक मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और सरकार के शिक्षक विरोधी नीतियों का कड़ी आलोचना किया।

25-Mar-2020 09:40

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