06-Jul-2019 11:12

सुजीत के बाद विनित और अब किसकी बारी, अब तो पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो बता दो

अब यही सवाल दिख रहा है कि अब अगली बारी किसकी होगी, किसकी होगी हत्या ? धधकते अंगारों पर लगाम कसने के लिए क्या?

सुशासन की सरकार और जंगलराज खत्म करने की मुहिम शुरू कर नीतीश कुमार और सुशील मोदी ने सत्ता हासिल किया। लेकिन दोनों के आने के बावजूद हत्या में वृद्धि नहीं, रोज होने लगी हैं हत्या। वहीं सुशासन बाबू के सरकार को भारत ही नहीं दुनिया के सबसे बड़े फेंकू राजनेताओं का सहयोग मिला। फिर भी अपराधियों पर लगाम लगाने में सफलता नहीं मिल रही हैं तो कारण क्या हो सकता हैं। अगर सत्ता की इतनी मजबूती के बावजूद अगर अपराधियों पर अंकुश नहीं लग पाया तो इसका सीधा मतलब है कि सत्ताधारियों के सहयोग से ही हत्याकांड को अंजाम दिया जा रहा है। वैशाली के सांसद और विधायक पूर्णरूपेण नपुंसक हो गये हैं। हत्या पर हत्या हो रही है और बिहार के पुलिस महानिदेशक तक चुप्पी साधे बैठा है।

वैशाली को मौत का समंदर मत बना दिया गया है। यह स्थिति विकराल हैं आपसे सरकार और पदाधिकारी से बार-बार आग्रह के बावजूद नपुंसक होकर बैठी है। एक हाजीपुर के मानीय सांसद महोदय भी निकम्मा निकले इतनी हत्या हो रही है हाजीपुर लोकसभा में एक भी दिन किसी के मौत पर दुख जताने या वैशाली एसपी से बात करने की गलीमत नहीं समझे। पशुपति पारस एक नशेरी प्रवृत्ति से जिम्मेदारी नहीं समझ पाते। महुआ के जंदाहा मुख्य मार्ग पर सुजीत कुमार को बेखौफ अपराधियों ने गोली मार दी। क्राइम सिटी हाजीपुर , महुआ-जंदाहा रोड में ललवा चौड़ के निकट अपराधियों ने फ्लिपकार्ट के डिलीवरी बॉय को गोली मारी। वहीं दूसरी घटना देर शाम मनुआ गांव के पास कर दिया गया। वैशाली के हाजीपुर लालगंज मुख्य मार्ग पर मनुआ में माइक्रो फाइनेंस कर्मी की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। जिसका नाम विनीत कुमार उर्फ गुलटू, पिता तिरलोकी श्रीवास्तव है जो हाजीपुर के पोखरा मुहल्ला का रहनेवाला हैं।

लगातार हो रही हत्याओं ने वैशाली पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो के नेतृत्व पर घातक प्रश्नचिन्ह लगा चुकी हैं। ऐसा लगने लगा है कि सत्ताधारियों की जरूरत को पूरा करने के लिए पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो को इस तरह घटनाओं के लिए तैयार किया गया है। मानवजीत सिंह ढिल्लो से जो भी आज तक मिला वह संतुष्ट नहीं हुआ। मानवजीत सिंह ढिल्लो को किस आधार पर वैशाली जैसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी दी गई, यह आज बड़ा सवाल बन गया है। अपराधियों को संरक्षित करने के लिए पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो के साथियों और सहयोगियों की जांच करने की जरूरत है। वहीं बिहार पुलिस महानिदेशक लगातार फेसबुक पर ड्रामा करते नज़र आते हैं। लेकिन क्या उनके सूत्र इतने कमजोर है कि उन तक बातें नहीं पहुंच पाती हैं। या यूं कहें कि बिहार के पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय उर्फ रंगीला पाण्डेय खुन की होली खेल रहे हैं।

आज दुर्भाग्यपूर्ण है कि हाजीपुर क्षेत्र से पूर्व विधायक नित्यानंद राय आज केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री हैं और अपने घर में जो हो रहा है, उसकी जानकारी नहीं है। कहा जाता है कि हाजीपुर विधायक अवधेश सिंह एक मुखौटा पहन कर बैठ कर नित्यानंद राय का काम करता है। नित्यानंद राय एक अपराधी प्रवृत्ति के लोगों में से एक है और आज सत्ता के शीर्ष पर बैठे हुए हैं। वहीं बिहार पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर पाण्डेय का भी बैकग्राउंड अपराधियों के साथ अच्छा रहा है। गुप्तेश्वर पाण्डेय के लगभग सभी प्रकार के कार्यकाल अपराधियों के साथ ही बीता है तो भरोसा करना बेईमानी होगी। वैशाली जिला के प्रशासनिक अधिकारियों की स्थिति ऐसी है कि सत्ताधारियों के तलवे चाटने के अलावा कुछ नहीं करते हैं। इसलिए आम जनता को वैशाली निर्माण की भागीदारी खुद निभानी पड़ेगी और वैशाली को सुरक्षित करना होगा। नहीं तो हर आदमी को अपनी अपनी बारी का इंतजार करते रहना होगा।

06-Jul-2019 11:12

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