22-Nov-2019 08:19

इहलोक को बनाएं अच्छा : आचार्यश्री महाश्रमण

लगभग 26 किमी. विहार कर शांतिदूत का श्रीरंगपटना पदार्पण, आचार्यवर ने प्रदान किये सूगति को प्राप्त करने के सूत्र, 18-11-2019, मंगलवार , श्रीरंगपटना, मैसूर, कर्नाटक

महान परिव्राजक शांतिदूत आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज प्रातः काल मंड्या से मंगल विहार किया। लम्बे-लम्बे विहार कर जन-जन को कृतार्थ करते हुए महातपस्वी महाश्रमण जी कर्नाटक की धरा पर सानंद प्रवर्धमान है। लगभग 16.5 किमी का विहार कर अहिंसा यात्रा के साथ पूज्य गुरुदेव गनमगुरु स्थित गवर्मेंट हाई स्कूल में पधारे। स्कूल के विद्यार्थियों ने आचार्यवर का स्वागत किया।

प्रवचन सभा में जनता को संबोधित करते हुए आचार्यश्री महाश्रमण जी ने कहा कि आदमी को तीन बातों का ध्यान देना चाहिए। जिनमें पहला है इहलोकहित। व्यक्ति का वर्तमान जीवन अच्छा रहे। व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़े। जीवन का अच्छा उपयोग करे। दूसरा है परलोक हित- ऐसे कार्य करे जिनसे परलोक अच्छा रहे और तीसरा है सुगति प्राप्ति हो। भरने के बाद अच्छी गति होनी चाहिए। व्यक्ति मरकर नरकगति में जा सकता है। तिर्यंच-पशु बन सकता है और देवगति या पुनः मनुष्य भी बन सकता है। ऐसा कार्य करे जिससे अगली गति अच्छी हो।

आचार्यवर ने आगे कहा कि आगम में सुगति के लिए कहा गया है कि बहुश्रुत उपासना करें। ऐसे संतों की जो ज्ञान में श्रेष्ठ है, ज्ञानी है प्रबुद्ध है। व्यक्ति को सेवा-पर्युपासना करनी चाहिए। सेवा से ज्ञान की प्राप्ति होती है। संतों की वाणी सुनना भी कल्याणकारी है। व्यक्ति ज्ञान को जानकर अपने जीवन में अपनाएं। सार्थक बनाएं।

आचार्य श्री ने उपस्थित विद्यार्थियों को नशामुक्त एवं प्रमाणिक रहने का संकल्प कराएं। इस अवसर पर स्कूल की हेड मैडम स्नेहलता ने शांतिदूत के स्वागत में विचार रखे। सायंकाल लगभग 9.2 किलोमीटर का विहार का अचार्य श्री महाश्रमण जी श्रीरंगपटना स्थित गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी विद्यालय पधारे।

22-Nov-2019 08:19

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