13-Apr-2020 06:39

"जीवेम् शरद: शतम्" : आचार्य राजेश तिवारी

योग ध्यान, प्रणायाम, मुद्रा विज्ञान के माध्यम से हम अपने आप को बहुत हद तक संतुलित रख सकते हैं

हाजीपुर,हरिहर क्षेत्र// आज दिनांक 13 अप्रैल 2020 को "डिवाइन इंडिया साइंस एंड स्पिचुअल हैप्पीनेस एसोसिएशन-दिशा" की शाखा "हॉलिस्टिक हेल्थ एंड नेचुरल साइंस ऑर्गेनाइजेशन-हँसो" एवं "साइंस एंड नेचर क्लब ऑफ हरिहरक्षेत्र इंडिया-सांची"* की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से एक संगोष्ठी रखी गई जिसका विषय- "योग एवं प्रकृति से जुड़ें कोरोना एवं सभी वायरस से बचें" इस विषय पर दिशा के संस्थापक सचिव "आचार्य राजेश तिवारी" ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित सभी लोगों को बताया की अगर हम योग और प्रकृति से जुड़कर रहते हैं तो निश्चित रूप से हमारा इम्यून पावर बढ़ता है, हमारी आभा मंडल-आॅरा बढ़ती है, रेजिस्टेंस पावर भी बसता है। श्री तिवारी ने बताया कि योग-ध्यान को विधिवत करने से नियमित रूप से करने से हमारे शरीर की ग्रंथियां शरीर के अंदर के चक्र जागृत होते हैं जो लगभग सुसुप्त अवस्था में पड़े रहते हैं उन चक्रों को जागृत होने से विभिन्न प्रकार की रस का स्राव होता है रासायनिक प्रतिक्रियाएं होती है और परिणाम स्वरूप हमारा आभामंडल बढ़ता है, हमारा वायरस से और मौसम के वजह से हुई परेशानियों से लड़ने में मदद करता है।

योग ध्यान, प्रणायाम, मुद्रा विज्ञान के माध्यम से हम अपने आप को बहुत हद तक संतुलित रख सकते हैं और इसके माध्यम से वेदों में बताई गई "जीवेम् शरद: शतम्" को सही साबीत कर सकते हैं । योग हमें प्रकृति से जोड़ता है और हम अगर अपने जीवन को विज्ञान एवं प्रकृति के अनुसार जिए तो निश्चित रूप से हम आज भी सौ साल से ऊपर जीवित रह सकते हैं। दिशा के मीडिया प्रभारी सह प्राणीक हीलर पंडित उमेश तिवारी ने लोगों को प्रतिदिन योग ध्यान प्रणायाम एक निश्चित समय पर करने की सलाह दी एवं अपने जीवनचर्या में अपने भोजन में अपने आहार विहार में प्रकृति को महत्व देने की बाते कही और दिशा से जुड़े सभी लोगों से निवेदन भी किया कि कोरोना से बचने के लिए घर पर ही रहें।

इस अवसर पर उन्नत प्राणिक हीलर श्रीमती सविता तिवारी ने सभी लोगों को बताया की परमात्मा ने चौबीस घंटा सबको दिया है। इसमें से केवल एक घंटा भी अगर हम योग ध्यान प्रणाम में लगाएं तो हमें दवा खाने की भी आवश्यकता नहीं होगी। श्रीमती तिवारी ने बताया कि सन् 2009 से हम प्राणिक हीलिंग में बताई गई। योग ध्यान प्राणायाम के माध्यम से बिना दवा बिना स्पर्श स्वयं भी एवं औरो को भी चाहे वे हजारों किलोमीटर दूर बैठे लोगो हों, का इलाज कर रही हूं लोग आनंदित हो रहे हैं स्वस्थ हो रहे हैं ।

इस अवसर पर दिशा की प्रेरणा माता श्रीमती सावित्री देवी ने बताया की योग हमें परमात्मा से जोड़ता है और वह परमात्मा हमें अच्छाई के रास्ते पर चलने के लिए सोचने के लिए और करने के लिए मार्गदर्शन देता रहता है। जिससे हम सिर्फ और सिर्फ अच्छा सोचते हैं अच्छा बोलते हैं और अच्छा ही करते हैं जिससे परिणाम भी अच्छा ही मिलता है। इस विडियो संगोष्ठी को सफल बनाने में दिशा के आईटी प्रभारी श्री गोपाल प्र० श्रीवास्तव, कुणाल कुमार, मास्टर प्रबोध तिवारी, ऋतुराज एवं अमित कुमार का रहा।

13-Apr-2020 06:39

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