27-Jul-2018 09:04

दिशा कि ओर से मनाया गया गूरू पर्व

दिशा के संस्थापक सचिव आचार्य पं० राजेश कुमार तिवारी ने दुरभाष के माध्यम से गुरू तत्व का बतलाया महत्व

हाजीपुर,हरिहरक्षेत्र/आज दिनांक 27 जुलाई 2018 को "दिशा- डिवाईन इंडिया सायंस एण्ड स्प्रिचुअल हैप्पीनेस एसोसिएशन" कि ओर से गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरुपर्व मनाया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम गुरु पूजन फिर व्यास पीठ वंदना,गुरु की महिमा का बखान एवं पूर्ण चंद्र ध्यान के महत्व को बताते हुए प्राणिक हीलिंग कि जूङवें हृदयों पर ध्यान,जिसे हम ट्विन हर्ट मेडिटेशन के नाम से भी जानते हैं,कराया गया। इस अवसर पर दिशा के प्राणिक हीलर एवं मिडिया प्रभारी श्री उमेश तिवारी ने गुरु के महिमा का बखान करते हुए एक कविता का पाठ किया

"गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व कि आयें करें तैयारी! हस्त में श्रद्धा भक्ति के पुष्प लेकर खङे हो जायें नर-नारी! गुरु पूर्णिमा पर्व है,गुरु को धन्यवाद ज्ञापन करने का दिवस! ताकि आसुरी शक्तियाँ कभी भी हम पर न हो आक्रमण करने को विवस! हमारे शिक्षक,प्रेरणास्रोत, मार्गदर्शक,शुभचिंतक सभी इसी गुरु तत्व में आते हैं! जो कोई के एक बात से हमारे जीवन में परिवर्तन आया है,विश्वास मानो वे सभी गुरु तत्व कहलाते हैं! इस बार कि गुरु पूर्णिमा 27 जुलाई को आई है, हम सब के लिए खुब-खुब आशिर्वाद लाई है। दिशा कि ओर से भी सभी गुरुतत्वों को नमन्-वंदन् और धन्यवाद ज्ञापन है। दिशा से जुङे जनों को खुब-खुब आशिर्वचन है। आप सब जहाँ रहें व्यस्त और मस्त रहें! समय-समय पर जहाँ-जहाँ से भी आप जुङ कर प्रेरणा,मार्गदर्शन और आशिर्वाद पाते हैं,बस कभी-कभी हि सहि उनका भी हाल-समाचार प्राप्त करते रहें! गंगोत्री से जल धारा सतत् आती रहे! इसके वास्ते हमें गंगोत्री के स्वच्छता पर तो सदा ध्यान लगा हि रहे! आयें सब मिलकर अपने अपने गुरु एवं सभी गुरुजनों को करते हैं प्रणाम! ताकि हम सब का भी जग में प्रगती होती रहे अविराम! जय गुरु! जय गुरु! जय गुरु! जय जय गुरुदेव!"

इसके बाद दिशा कि प्रेरणा माता श्रीमती सावित्री देवी ने अपने गुरु के प्रति सम्मान के साथ साथ सभी गुरुओं का सम्मान करते रहने कि बात कही । दिशा के संस्थापक सचिव आचार्य पं० राजेश कुमार तिवारी जी,जो आज के दिन गाजीयाबाद, उ०प्र० के ज्योतिष,वास्तु सह आयुर्वेद सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रुप में गये हुए हैं,उन्होंने दुरभाष के माध्यम से हि उपस्थित जनों को गुरु तत्व के महत्व के बारे समझाते हुए यह यह बतलाया गया कि गुरु सिर्फ कान फुंकने वाले हि नहीं होते,बल्कि वे भी होते हैं,जिनकी एक आवाज से,एक प्रेरणा-मार्गदर्शन ने हमारे जीवन में आमुल-चुल परिवर्तन करके रख दिया हो,आज दिन है,उन्हें भी श्रद्धा सुमन एवं धन्यवाद ज्ञापन करने का। समय-प्रतिभा को गुरु के चरणों में समर्पित करने का।

उपस्थित सभी लोगों ने अपने-अपने गुरु के अलावे सभी गुरुओं के सम्मान में आज पूर्ण चंद्र ध्यान के अवसर पर जूङवें हृदयों पर ध्यान करते हुए विश्व ब्रह्माण्ड में शांति सुरक्षा समृद्धि कि कामना किया। कार्यक्रम को सफलता तज पहुँचाने में प्रबोध तिवारी,अर्णव,प्रणव,पुष्पाञ्जली,अमित कुमार,संजय दास, कुमार आनंद,श्याम नारायण पासवान,अशोक,गुलशन,संजय,आकाश जयसवाल, राजू कुमार,राजा,मो●लड्डन,मुन्ना,श्रीमती साबिता तिवारी इत्यादि का रहा।

27-Jul-2018 09:04

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