23-Dec-2019 12:03

दुर्लभ मानव भव का करे सदुपयोग : आचार्य महाश्रमण

लगभग 10 किमी. विहार कर शान्तिदूत पधारे देवागोंडन हल्ली, पूज्य प्रवर ने दी समय को सार्थक करने की प्रेरणा, 04-12-2019, बुधवार, देवगोंडानहल्ली, कर्नाटक

अपनी पावन ज्ञान रश्मियों द्वारा जनजन के अंतर तमस को हरने वाले श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ धर्म संघ के 11 वें आचार्य श्री महाश्रमण जी ने आज प्रातः हासन के श्री धर्मस्थला मंजुनाथेश्वर मेडिकल कॉलेज से मंगल प्रस्थान किया। प्रस्थान से पुर्व कॉलेज प्रिंसिपल श्री प्रसन्न राव ने शांतिदूत के प्रति आभार व्यक्त किया। लगभग 10 किलोमीटर विहार कर देवागोंडन हल्ली स्थित श्री बसवेश्वरा रूरल हाई स्कूल में पधारे।

यहां श्रद्धालुओं को पावन प्रेरणा देते हुए आचार्य श्री ने कहा- समय आता है चला जाता हैं। समय पानी के प्रवाह की तरह हैं। मानो समय आया और अनंत में विलीन हो गया। व्यक्ति को समय का अच्छा उपयोग करना चाहिए। यह मनुष्य जन्म दुर्लभ है। सब प्राणियों को लंबे काल तक यह प्राप्त नहीं होता। कर्म इतने जकड जाते हैं की आत्मा को मनुष्य बनने नहीं देते।

नरक, तिर्यंच, देव न जाने कितनी योनियों में भ्रमण करते-करते आत्मा को यह मिलता है। इस दुर्लभ मनुष्य भव का सदुपयोग करना चाहिए। समय को अधिक से अधिक धर्म में लगाना चाहिए। यह जीवन यूँही चला न जाये। व्यकि को अरिहंत भक्ति , गुरु की पर्युपासना द्वारा इसका सदुपयोग करना चाहिए।

23-Dec-2019 12:03

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