28-Aug-2018 01:06

महायज्ञ समापन के पश्चात भव्य भंडारा का आयोजन

विश्व कल्याणार्थ एवं जन जागृति हेतु महायज्ञ संपन्न

जंदाहा(धंधूआ)-आज 30 दिवसीय महामृत्युंजय महायज्ञ के समापन के पश्चात बाबा गोपाल दास जी महाराज समाधि परिसर में अस्मिता परिवार के द्वारा भव्य भंडारा का आयोजन किया गया. जिसमें पंचकोशी के सभी समुदायों को विधिवत आमंत्रित कर महाप्रसाद ग्रहण कराया गया. वही अस्मिता परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष जनहित चिंतक सह महायज्ञ के मुख्य यजमान श्री अमरनाथ सिंह,यजमान प्रेमनाथ सिंह उर्फ राजा भैया,मनोजनाथ सिंह,पृथ्वीनाथ झा,अस्मिता परिवार के राज्य संयोजक अमोद कुमार निराला,के साथ-साथ महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 साध्वी प्रेमलता गिरी, महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 अनंत विभूषित गजानंद जी महाराज,तंत्रिकाधिपति जगमोहन झा,तांत्रिक फूल बाबू उर्फ लाल बाबा,बेंगलुरु की कविता एस० सर्वेश को स्थानीय पंचकोशी के गणमान्य लोगों एवं जनप्रतिनिधियों ने अंगवस्त्र,भव्य पुष्पहार,राजतिलक रूपी पगड़ी, तलवार भेंट कर सहृदय सम्मानित किया.वही अस्मिता के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरनाथ सिंह को 25 किलो का पुष्पहार एवं 5 किलो का तलवार एवं राजमुकुट रूपी पगड़ी पहनाकर हजारों नर-नारियों ने इस पुनीत कार्य महायज्ञ के सफल संचालन मार्गदर्शन एवं तन मन धन अर्पित करने के लिए विशेष रूप से सम्मानित किया.

श्री अमरनाथ सिंह ने बताया कि 30 दिवसीय महामृत्युंजय महायज्ञ मे सवा करोड़ महामंत्र का जाप,प्रतिदिन दशांश हवन और रुद्राभिषेक तथा शिव तत्व गोपाल देव जी महाराज की पूजा अर्चना विधिवत 151 ब्राह्मणों द्वारा मंत्र,जाप,प्रवचन,कथा, रासलीला आदि समस्त कार्यों का संपादन कोई अकेला व्यक्ति नहीं कर सकता.मैं तो केवल निमित्त मात्र हूं.सबकुछ बाबा गोपाल देव जी महाराज ने अपने इच्छा अनुकूल कराया है.यह महायज्ञ सनातन(हिंदू)धर्म रक्षार्थ,विश्व कल्याणार्थ एवं जन जागृति तथा स्वच्छ व स्वस्थ समाज,राष्ट्र की स्थापना हेतु किया गया है.महायज्ञ के परिणाम स्वरुप आप सबों ने देखा कि श्रावण मास में परिक्रमा स्थल पर श्रद्धालुओं के साथ नाग देवता द्वारा परिक्रमा,हवन कुंड में नंदी, मानव आकृति,भेड़ आकृति, गणेश एवं बकरा आकृति आदी दिखा एवं कई काफी अस्वस्थ व्यक्ति भी स्वस्थ हुए तथा महा यज्ञ स्थल पर परिक्रमा की.300 वर्षों पूर्व बाबा गोपाल देव जी महाराज सपरिवार इसी स्थल पर समाधिस्थ हुए थे.अब यह स्थल जागृत हो चुका है.यहां जिस ने जो मांगा सबों को सब कुछ मिला है.मैं आजीवन सपरिवार गोपाल बाबा के लिए सब कुछ अर्पण करने को तैयार रहा हूं और रहूंगा. बाबा गोपाल देव जाति-धर्म के बंधन से काफी ऊपर भगवान शिव के अंश हैं.इतिहास में इनके जैसा त्यागी,बलिदानी एवं धर्म एवं मान-सम्मान के लिए समाधिस्थ होने वाले वे पहले व अंतिम महामानव,महात्यागी, आदिीत्य महापुरुष थे.

वही सभी आगत अतिथिगणों को भी सादर स्मृति चिह्न,चंदन एवं रुद्राक्ष माला,पुष्पहार एवं आर्थिक संपन्नता के साथ विदा किया गया. मूख्य रूप से विदाई समारोह मे राधास्वामी मुखिया जी,सरपंच बच्चा बाबू सिंह,उपसरपंच देव नारायण दास,सुबोध सिंह,सुनील सिंह,किशन सिंह,विजय सिंह, अनिल सिंह,हरेंद्र सिंह,बंगाली सिंह,विजय कुमार भारद्वाज,हरिमंगल सिंह,संतोष सिंह,सुरेश सिंह,राजा कुमार आदि प्रमुख थे.

वही श्री गोरखनाथ पांडे द्वारा सभी आचार्य,ब्राम्हण,यजमान, महामंडलेश्वर आदी 200 लोगों को अंग-वस्त्र एवं दक्षिणा प्रदान कर सम्मानित किया गया.उक्त जानकारी अमोद कुमार निराला एवं दीपक दानवीर सोनी ने संयुक्त रूप से दी.

28-Aug-2018 01:06

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