01-Jun-2018 07:17

सनातन संस्कृति का संरक्षक है हिन्दू संघर्ष सेना : निशांत

सनातन संस्कृति और भारत की संस्कृत ही धर्म की सर्वोच्च एवं सर्वश्रेष्ठ सत्य है।

हिंदू धर्म एक विचार हैं, समाज हैं, संदेश है सेवा का, समर्पण का, सौहार्दपूर्ण वातावरण का, एकता में अनेकता का। उसी कड़ी को बढ़ाने में भारत में हजारों संस्थाओं ने बीरा उठाया हैं। लेकिन आज मैं जिसकी बातें करने जा रहा हूँ वह हैं हिन्दू संघर्ष सेना, जो एक पूर्ण स्वरूप है भारत का, ऋषि मूनियों का। इसी उद्देश्य से एक बेहतरीन सामाजिक संगठन का गठन किया गया। जिसमें जातिये रंग के जगह हिंदूवादी रंग हैंं। मानवता वादी विचारधारा हैं और सनातन संस्कृति का स्वरूप हैं।

आज बड़े बड़े संगटनों को देखता हूँ तो हिंदुत्व के नाम पर दुकान चला रहे हैं, वहीं निशांत प्रसार की यह भूमिका बहुत महत्वपूर्ण हैं। जब अपने संगठन के माध्यम से रोटी की जगह रोजगार देने पर जोड़ देते हैं ताकि लोग दो वक्त का भोजन स्वाभिमान से खा सकें। निशांत के सैंकड़ों साथियों ने निशांत के इस प्रस्ताव पर काम करना शुरू किया और आज एक अच्छी टीम बन गई हैं।

सनातन धर्म का प्रबल समर्थक निशांत प्रसार, हिन्दू संघर्ष सेना के संस्थापक और प्रमुख हैं। हिंदी और हिंदूत्व को लेकर बचपन से सक्रिय रहे हैं। भगवान में पूर्ण निष्ठा और समर्पण रखते हैं। विशेष बातों में निशांत प्रसार ने बताया कि हिन्दू संघर्ष सेना का गठन मैंने अपने कॉलेज के दिनो में ही किया था। 2007 में मैंने एक ग्रुप बनाया और हिन्दू नाम इसलिए दिया, क्योंंकि हिन्दू शब्द मेरी पहचान है और मुझे हिन्दू होने पे गर्व है और मैं सभी लोगो को कहता हूँ की हम सब को हिन्दू होने पे गर्व होना चाहिए। अपने संस्कृति और स्मिता को आज के दौड़ में भूलना नहीं चाहिए। हमारे संगठन का मुख्य उद्देश्य हिन्दू धर्म का स्वाभिमान, सुरक्षा, संस्कार को बचाये रखना है और रोजगार दिलाना है।

आज के इस आधुनिक युग में जहाँँ लोग मोबाइल और लैपटॉप बचपन से ही चलना सिख रहे है। वही हमारे नवयुवको को टेक्निकली साउंड होने के साथ - साथ अपने धर्म के प्रति सामान और लगाव बढ़ाना हमारी प्रयाश है । भारत को लूटने वालो ने हमारे अंदर ऐसी हिन् भावना उत्पन कर दी के हमारे ही धर्म ग्रन्थ को लेकर हम हसी मज़ाक उड़ाते है और अपने धर्म के रास्ते से दूर चले जा रहे है । कलयुग का प्रभाव तो अभी आरम्भ हुआ है । कलयुग में हमारा नैतिकता बिलकुल गिर चूका है और गिरेगा इतना की ये मुझे बताने की जरूरत नहीं । इंसान परम ब्रह्म से दूर होते जा रहा है। किसी भी जरूरत मंद को मदद करना बिना धर्म पूछे यही हमारे संगठन का मुख्या उद्देश्य है। सनातन सत्य है और हम उसके अनुयाई है।

01-Jun-2018 07:17

धर्म मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology