16-Apr-2020 06:20

पुलिस पदाधिकारी सहित एक चिकित्सक सहित चार स्वास्थ्य कर्मी घायल

सभी घायल पुलिसकर्मी तथा चिकित्सा कर्मी सुरक्षित है खतरे से बाहर है। इस तरह की घटना का पूरा जिला औरंगाबाद की जनता निंदा कर रहा है।

औरंगाबाद जिला के गोह थाना के अकौनी गांव में हुई हिंसा में एसडीपीओ, थानाध्यक्ष ,सिपाही, सहित स्वास्थ्य कर्मी घायल , मेडिकल टीम ने गांव गांव स्क्रीनिंग करने से किया इंकार,दर्जनों गिरफ्तारी के बाद डीएम एसपी कर रहे कैम्प, ग्रामीणों का पुलिस पर आरोप। दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर गोह थाना के अकौनी गांव में एक युवक की दिल्ली से आने की सूचना पर गोह बीडीओ ने मेडिकल टीम को जांच के लिए निर्देश देकर खुद थानाध्यक्ष के साथ गांव में पहुंचे । सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण पुलिस उक्त युवक को गांव से ले जाना चाह रही थी जो दिल्ली से आया था , जिसकी जांच की जा सके ।लेकिन ग्रामीण युवक को नही ले जाने देना चाह रहे थे ।जिसके कारण विवाद बढ़ा और धीरे धीरे झड़प में तब्दील हो गया वहीं गोह थाना क्षेत्र के अकौनी गांव के ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो रामजी यादव हैं। इसमें से एक रामजी यादव का बेटा राधेश्याम है। यही लड़का दिल्ली से आया था। जबकि पुलिस दूसरे रामजी यादव के घर में पुलिस आ धमकी और बिना कारण बताए महिलाओं समेत अन्य लोगों को पीटना शुरू कर दी।ग्रामीणों का कहना है कि जो युवक दिल्ली से आया है उसकी भी जांच पहले की जा चुकी है और यह जानकारी वार्ड सदस्य को भी था ।इससे ग्रामीण गुस्से में आ गये , और पुलिस टीम पर हमला बोल दिया । हमला से पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए वहीं पीछे से गांव में आ रही मेडिकल टीम को भी गुस्साय ग्रामीनो ने निशाना बनाया है ।

घटना की सूचना पाकर दाउदनगर एसडीपीओ राजकुमार तिवारी सहित तीन थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची, काफी समझाने बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन ग्रामीण महिलाओं की पिटाई से आक्रोशित थे ।और ग्रामीणों ने पुनः हमला कर दिया। जिसमें एसडीपीओ राजकुमार तिवारी, डीएसपी के बॉडीगार्ड पिंटू सिंह, सिपाही राजेश कुमार, SDO बॉडीगार्ड रविरंजन कुमार, हसपुरा थानाध्यक्ष धनञ्जय कुमार सिंह, देवकुंड थानाध्यक्ष सुभाष सिंह, सिपाही संतोष कुमार सहित इस घटना में एक चिकित्सक सहित चार स्वास्थ्य कर्मी घायल हो गए । घायल सभी का इलाज स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र में कराया गया । घटना की सूचना के बाद डीएम सौरभ जोरवाल , एसपी दीपक बरनवाल सहित पुलिस कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची और पूरा गांव छावनी में तब्दील हो गया ।

सूचना तक इस मामले में 44 लोगो की गिरफ्तारी हो चुकी है । वहीं गांव में मीडिया की इंट्री पर बैन लगा दिया गया है ।वहीं घटना के सुनने के बाद जिलाधिकारी शौरभ जोरवाल, एसपी दीपक वर्णवाल , एसडीओ कुमारी अनुपम सिंह सहित अन्य अधिकारी इलाके में कैम्प कर रहे है । इधर चिकित्सकीय टीम में शामिल चिकित्सको और कर्मियों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र लिखते हुए कहा है कि अब मरीजो का जांच करने गांव गांव नही जाएंगे, यदि कोई अस्पताल आता है तो उसकी जांच की जाएगी । मेडिकल टीम में शामिल कर्मियों ने घटना में शामिल लोगों पर कानूनी कार्यवाई की मांग की है ।

हालांकि इस मामले पर डीपीआरओ धर्मवीर सिंह ने प्रेस क्लब ग्रुप के माध्यम से कहा है कि आज प्रखंड विकास पदाधिकारी गोह को सूचना प्राप्त हुई कि दिल्ली से कुछ लोग आए हैं जिनके मेडिकल जांच की आवश्यकता है। इस आलोक में संबंधित लोगों के मेडिकल जांच हेतु प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी एवं मेडिकल टीम भेजी गई। किंतु सुभाष यादव एवं अन्य कई व्यक्तियों द्वारा मेडिकल टीम से दुर्व्यवहार किया गया। अनुमंडल पदाधिकारी दाउदनगर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अविलंब वहाॅ पहुचें। पुलिस द्वारा 44 लोगो को गिरफ्तार किया गया है। करवाई चल रही है।

16-Apr-2020 06:20

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