08-Oct-2019 10:50

वैशाली पुलिस ने साबित किया पुलिस मुक्त हो समाज

यह वही वैशाली है, जो लोकतंत्र की धरती है। क्या यह वही वैशाली है जिसने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी एवं तेज प्रताप, नित्यानंद राय, रामविलास पासवान, उपेंद्र कुशवाहा जैसे दिग्गज नेता दिए। जो अपने आप को मानते हैं की वह दिग्गज है ?

वैशाली पुलिस पर मैं लगातार लिखता रहा हूं। बहुत सारे विरोध भी सहने पड़ते हैं। लेकिन उन भक्तों को क्या कहा जाए ? जो वैशाली पुलिस की दलाली और चमचागिरी करते रहते हैं और रोज रोज हत्या हो ही रही हैं। आज भी जो जंदाहा क्षेत्र में हुआ उसके लिए जिम्मेदार कौन ? लगातार बढ़ रही हत्या का दौर, क्या यह साबित नहीं करता है कि वैशाली को पुलिस की जरूरत नहीं ? क्योंकि यह पुलिस वाले ही है जो अवैध तरीके से हथियारों का व्यापार, दारू का व्यवसाय फला-फूला रहे हैं ? कैसे ऐसे पुलिस सिस्टम पर विश्वास किया जाए ? जो किसी भी स्तर पर किसी भी काम का नजर नहीं आता ? हम कैसे माने कि वैशाली पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में वैशाली जिले का भला हो सकता है ? राकेश कुमार, सुरेश चौधरी, मनजीत सिंह ढिल्लों इतने अपराध के ग्राफ बढ़ा दिए हैं कि अब बढ़िया-बढ़िया पुलिस अधीक्षक की योग्यता खतरे में पड़ गई है।

अब लोग कहेंगे कि लगातार आप वैशाली पुलिस अधीक्षक पर क्यों लगे रहते हैं ? उन लोगों के लिए संदेश है, अब आप सतर्क हो जाओं ? क्योंकि अगला नंबर आप ही का आने वाला है ? मानवजीत सिंह ढिल्लों की स्थिति इतनी खराब कर रखी थी कि नए पुलिस अधीक्षक को लाने में सरकार को वैशाली में पदास्थापना के लिए सोचना पड़ा। बहुत मेहनत के बाद जिस पदाधिकारी को यहां भेजा गया, वह कितने काम के लायक रहे, यह कुछ चंद दिनों में ही समझ में आ गया। मुझे लगता है कि मोटे तौर पर दर्जनभर से ज्यादा गोलीबारी की घटनाएं हो चुकी है, साथ ही साथ दर्जनों लोग घायल होकर आज अस्पतालों में बैठे होंगे ? वैशाली का लगभग सभ्य परिवार अभी दहशत में हैं और इस अपराध की घटना और हत्या की घटनाओं के लिए लोग हर दिन दुआ करते हैं कि अब कल ना सुनने को मिले, कि किसी को लूट लिया गया या किसी की हत्या कर दी गई। इतनी बदतर स्थिति वैशाली की हो चुकी है कि अब एक साधारण पुलिस अधिकारी के बस के बाहर की चीज हो चुकी है कि वह वैशाली में अपराध पर नियंत्रण पा सकें।

वैशाली क्षेत्र में अपराध करने वाले अपराधी अब समझ चुके हैं कि वैशाली पूर्णरूपेण राजनीतिक अखाड़ों का अड्डा है। पर यहां से जितने भी सांसद विधायक हैं या केंद्रीय मंत्री तक सब के सब आरोपी या किसी न किसी प्रकार से अपराध में शामिल रहे हैं। उनका एक इतिहास रहा है, अब जब वैशाली और खासकर जिला मुख्यालय हाजीपुर के 15 साल रहे विधायक, अब 6 सालों से सांसद, साथ ही साथ नरेंद्र मोदी सरकार ने केंद्रीय राज्य मंत्री वह भी गृह मंत्रालय का और अपने गृह जिले के प्रति उनकी जिम्मेवारी कितनी नजर आती है, वह हत्याओं के माध्यम से स्पष्ट हो रहा है ? यानी जो मैं कह रहा हूं और जो मैं कहता रहा हूं उसमें संशय ही नहीं हैं कि अपराध की घटनाओं के पीछे राजनीतिक महत्वाकांक्षा छुपी हुई हैं। महज कुछ घंटे पहले जब लोग दुर्गा पूजा की नवमी मेला का मजा ले रहे थे, तब तक किसी की जिंदगी जंदाहा क्षेत्र में चली गई ? यह लगातार होते रहा है और लगातार बढ़ता जा रहा है। एकदम अपने रफ्तार में बिना किसी रूकावट के ? तो क्या कर रही है वैशाली की पुलिस और क्यों बदले गए जब वैशाली पुलिस अधीक्षक इतने ही निकम्मे लाने थे ? क्यों लाया गया, जो किसी भी काम का नहीं ? मैं कुछ दिन पहले ही लिखा था कि आप से ना हो पाएगा ? आप बोरिया बिस्तर संभालो और निकल दो ? और वह वक्त आ गया है कि पुलिस अधीक्षक महोदय आप बोरिया बिस्तर समेट और वैशाली को छोड़ दें ? वैशाली को खुद पर खड़ा होना होगा, यह वक्त की मांग और पूरा विश्व आपकी तरफ देख रहा है ? वैशाली को सवालों के घेरे में लाने वालों पर कार्रवाई करने की जरूरत है।

चलिए अब जान ले, यह वही वैशाली है, जो लोकतंत्र की धरती है। क्या यह वही वैशाली है जिसने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी एवं तेज प्रताप, नित्यानंद राय, रामविलास पासवान, उपेंद्र कुशवाहा जैसे दिग्गज नेता दिए। जो अपने आप को मानते हैं की वह दिग्गज है ? लेकिन इन नेताओं ने लगभग 5 दशकों से मिलकर वैशाली एवं जिला मुख्यालय हाजीपुर को इस लायक नहीं बना पाए, कि लोग अपने आपको यहां सुरक्षित महसूस करें ? अपराध की घटनाओं में कई बार इन्हीं लोगों में से कई का नाम आते रहा है ? कई बार प्राथमिकी भी दर्ज हुई है ? फिर भी आज बड़े बड़े पदों पर बैठे हुए इन महानुभावों से अपना जिला नहीं संभल रहा है ? तो किस काम के हैं ? यह जो राज्य से लेकर केंद्र तक बैठे हुए हैं और सत्तासुख भोग रहे, तो ऐसे सत्ताभोगियों के खिलाफ किस प्रकार की मुहिम चलाई जाए ? यह अब जनता को सोचना पड़ेगा ? नहीं तो अगली बारी में आपके परिवार के लोग, आपके सगे संबंधी, उसके शिकार होंगे और आप सिर्फ रोने के अलावा और कौनहारा घाट जाने के अलावा कुछ नहीं कर पाएंगे ? तो वक्त रहते सोच बदलिए, तभी जाकर के बिहार का निर्माण एवं वैशाली से एक विश्व स्तरीय संदेश पुनः जा पाएगा।

08-Oct-2019 10:50

पुलिस मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology