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23-Jul-2019 01:51

बिजनेस और सामाजिक क्षेत्र में खास पहचान बना चुके हैं विशाल गप्पू

पांच साल तक टेलीफोन एडवाइजरी कमिटी एडवाइजर के सदस्य रहे

पटना 23 जुलाई सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विशाल गप्पू का मानना है कि समाज सेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है।समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं। समाज सेवा यदि नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। बिहार की राजधानी पटना में जन्में विशाल प्रसाद उर्फ गप्पू के पिता श्री तारकेश्वर प्रसाद और मां श्रीमती शकुंतला देवी विशाल गप्पू को सरकारी नौकरी में देखना चाहती थी। श्री गप्पू के पिता बिजनेस मैन थे। उनके दादा स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद गरीबी में पलकर बहुत बड़े बिजनेसमैन बने।सभी परिवार को एक सूत्र में बांधकर चलते थे। हर कोई को मदद करना उनकी आदत बन गई थी। छोटे दादा विश्वनाथ शाहबादी ने बिहार की पहले भोजपुरी फिल्म हे गंगा मैय्या तोहे पियरी चढ़इबों का निर्माण किया था। उनके चाचा 15 साल तक नगर पालिका के चेयरमैन रहे और चाची बिहार विधानसभा की सदस्य रही ! श्री गप्पू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के गिरीडीह से पूरी की।इसके बाद वह अपने परिवार के साथ राजधानी पटना आ गये जहां उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने अकाउंटिग साफ्टवेयर टैली की पढ़ाई जयपुर में पूरी की जिसके लिये उन्हें स्वर्ण पदक भी हासिल हुआ। आंखो में बड़े सपने लिये श्री गप्पू पिंक सिटी जयपुर चले गये जहां उन्होंने एक निजी कंपनी में काम किया लेकिन दो साल तक काम करने के बाद उनका मन इस ओर नही लगा और वह पटना आ गये और अपने पिता के बिजनेस में हाथ बंटाने लगे। राजनीति के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी और सुशील कुमार मोदी के सिद्धांतों से प्रभावित श्री गप्पू भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गये और नि.स्वार्थ जनता की सेवा करने लगे। श्री गप्पू का कहना है कि इंसान होने के नाते हमारा पहला धर्म मानवता का परिचय देना है। बिजनेस और सामाजिक क्षेत्र में खास पहचान बना चुके हैं विशाल गप्पूपटना 23 जुलाई सामाजिक क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने वाले विशाल गप्पू का मानना है कि समाज सेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है।समाज सेवा से बड़ा पुण्य कार्य कोई नहीं। समाज सेवा यदि नि:स्वार्थ भाव से की जाए तो मानवता का कर्तव्य सही मायनों में निभाया जा सकता है। बिहार की राजधानी पटना में जन्में विशाल प्रसाद उर्फ गप्पू के पिता श्री तारकेश्वर प्रसाद और मां श्रीमती शकुंतला देवी विशाल गप्पू को सरकारी नौकरी में देखना चाहती थी। श्री गप्पू के पिता बिजनेस मैन थे। उनके दादा स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद गरीबी में पलकर बहुत बड़े बिजनेसमैन बने।सभी परिवार को एक सूत्र में बांधकर चलते थे। हर कोई को मदद करना उनकी आदत बन गई थी। छोटे दादा विश्वनाथ शाहबादी ने बिहार की पहले भोजपुरी फिल्म हे गंगा मैय्या तोहे पियरी चढ़इबों का निर्माण किया था। उनके चाचा 15 साल तक नगर पालिका के चेयरमैन रहे और चाची बिहार विधानसभा की सदस्य रही ! श्री गप्पू ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के गिरीडीह से पूरी की।इसके बाद वह अपने परिवार के साथ राजधानी पटना आ गये जहां उन्होंने स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसी दौरान उन्होंने अकाउंटिग साफ्टवेयर टैली की पढ़ाई जयपुर में पूरी की जिसके लिये उन्हें स्वर्ण पदक भी हासिल हुआ। आंखो में बड़े सपने लिये श्री गप्पू पिंक सिटी जयपुर चले गये जहां उन्होंने एक निजी कंपनी में काम किया लेकिन दो साल तक काम करने के बाद उनका मन इस ओर नही लगा और वह पटना आ गये और अपने पिता के बिजनेस में हाथ बंटाने लगे। राजनीति के पुरोधा लालकृष्ण आडवाणी और सुशील कुमार मोदी के सिद्धांतों से प्रभावित श्री गप्पू भारतीय जनता पार्टी से जुड़ गये और नि.स्वार्थ जनता की सेवा करने लगे। श्री गप्पू का कहना है कि इंसान होने के नाते हमारा पहला धर्म मानवता का परिचय देना है।

लेकिन आज समाज जिस दिशा पर जा रहा है। उसको देखकर ऐसा अहसास होता है कि इंसान में इंसानियत का और आत्मियता का अभाव होता जा रहा है, लेकिन समाज के कुछ लोग ऐसे भी हैं जो समाजसेवा के माध्यम से मानवता का परिचय देते रहते हैं। जीवन में समाजसेवा से बड़ा कोई कार्य नहीं है। समाज के प्रत्येक नागरिक को अपने सामाजिक एवं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ समाजसेवा के लिए भी समय अवश्य निकालना चाहिए। गरीब बच्चों को बेहतर शिक्षा एवं उनके उत्थान के लिए श्री गप्पू हमेशा प्रयासरत रहते हैं। उनका कहना है कि समाजसेवा पुनीत कार्य है, इसमें सभी वर्ग के लोगों को बढ़चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।आपकी छोटी सी मदद गरीबों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। यह सेवा भाव उन्होंने अपनी मां श्रीमती शकुंतला देवी से सीखी है। उनकी मां नारायण सेवा संस्थान जयपुर से जुडी हुई है और हमेशा दान करते रहती हैं।वह 20 सालों से अपने स्वर्गीय ससुर और सास की पुण्यतिथि पर ब्राह्मणों का भोज और हनुमान मंदिर में दरिद्र नारायण भोज करवाती है। वह अपने आप में बुजुर्ग लोगों के प्रति एक मिसाल है। श्री गप्पू ने कहा कि आज वह जिस मुकाम पर हैं वह सब उनकी माता श्रीमती शकुंतला देवी के आशीर्वाद से है।

अपनी माता मां को हर दिन सुबह और रात में प्रणाम करके आशीर्वाद लेते रहते हैं उनका मानना है जीते जी ही सेवा करना चाहिए और प्यार करना चाहिेए। श्री गप्पू 10 साल तक माननीय भूतपूर्व सांसद शत्रुघ्न सिन्हा के साथ जुड़े रहें सांसद कोष से बहुतों गरीबों को खासकर कैंसर मरीजों को सांसद निधि से मदद करवाया और केंद्रीय विद्यालय में अपंग विद्यार्थी का दाखिला दिलवाया। श्री गप्पू ने सांसद प्रतिनिधि के रूप में भी में भी काम किया। वह पांच साल तक टेलीफोन एडवाइजरी कमिटी एडवाइजर के सदस्य रहे।

श्री गप्पू ने बताया कि उनके घर में 15 साल से चुनाव के समय जिन पार्टियों के कार्यालय खोले जाते हैं उन्हें शत प्रतिशत कामयाबी मिलती है। वार्ड पार्षद ,विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान उनके घर का प्रयोग कार्यालय के तौर पर किया जाता है और यह पार्टी के लिये शुभ साबित होता है। श्री गप्पू को क्रिकेट ,बैडमिंटन और संगीत में भी रूचि है। श्री विशाल गप्पू ने सिक्स मैन पावर कंपनी की शुरूआत की है जिसके बैनर तले मैन पावर देने और कंस्ट्रक्शन का काम किया जाता है।

23-Jul-2019 01:51

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