21-Oct-2019 04:24

मगही फिल्म "विधना नाच नचाबे मगही भाषा का स्वर्णिम काल का प्रतीक

सर्वत्र इस बात की चर्चा करते हुए कहा जा रहा है कि मगही फिल्मो के लिए स्वर्णिम काल का प्रतीक है "विधना नाच नचाबे ।"

अभिनंदन अभि : आधुनिक मगही भाषी फिल्मो के शुरुआती इतिहास की दस्तावेज लिखने वाली समाजिक प्रेम, सदभाव, संस्कार, सरोकार की आंचलिक भाषा की सरताज की परिभाषा से नवाजे जाने वाली मगही भाषी क्षेत्र के लोगो मे हलचल मचाने वाली, मगही के चर्चित कथाकार,दर्जनो पुस्तक के लेखक अधिवक्ता ,वरिष्ठ पत्रकार प्रभात वर्मा की मगही जगत मे धुम मचा रही है,बिहार ही नही देश के लोगो के सामने प्रस्तुत होने बाली इस फिल्म ने मगही भाषा के विकास उत्थान की जो रूप रेखा तैयार किया ,उसपर अपने अपने हिसाब से लोग रास्ते तय करने लगे है और अब तो कई लोग मगही फिल्म निर्माण कार्य शुरू कर दिया है,जिसके उदाहरण दहेजा और देबन मिसीर के साथ प्रभात प्रोडक्शन की अगली फिल्म बकलोल दुल्हा और न जाने कितने लोग मे मगही फिल्म निर्माण के प्रति लगाव पैदा हो गया है और यही मूल उद्देश्य रहा है, मगही फिल्म विधना नाच नचाबे के निर्माता निर्देशक प्रभात वर्मा का जो धरातल पर उतरते दिखाई दे रहा है,यह मगध मगही और मगही भाषा के लिए स्वर्णिम काल सावित हो रहा है।

मगही मातृभाषा की साठ साल वाद मगही भाषा के चर्चित कथाकार गीतकार प्रभात वर्मा के संकल्प से बनी फिल्म पटनासिटी के प्रभात फिल्म्स प्रोडक्शन के वैनर तले निर्मित किया गया है । फिल्म का नाम - "विधना नाच नचाबे " है । इस फिल्म के निर्माता, निर्देशक, कथाकार, गीतकार प्रभात वर्मा पटकथा- संवाद सहयोगी मुकेश चित्रांश है जो फिल्म निर्माण के सहयोगी रहे है,इस फिल्म को संगीत से सजाया है मुम्बई के रितेश मिश्रा और पटनासिटी के पप्पू जिमी गुप्ता ने फिल्म की कथा एक गाँव की अनाथ बच्ची के जीवन से जुड़ी हुई है । जो अपने माता-पिता, चाचा- चाची के बाद एक साधु के साथ जीवन जीते समाजिक व्यवस्था की शिकार होती है और साधू की मृत्यु के बाद समाज के एक ऐसे संभ्रात व्यक्ति के शरण मे जाती है, जो उसे अपने घर के लोगो मे स्थान देने के साथ वेटी- बहू वनाकर उसी के सहारे अपनी जिंदगी को चलाने के साथ उसे समाजिक धारा से जोड़ने मे सफल होते है ।

फिल्म मे सात गाने है, जिनमे टाइटिल सांग के अलावे छठ , विवाह, ऑइटम,वोट, निर्गुण, प्रेम गीत मे प्रभात वर्मा ने अपनी साहित्य कला क्षमता का भरपूर प्रदर्शन करते हुए जो गीत लिखे है वह गले मे कंढाहार बनने की क्षमता लिये ग्राहय है । इस फिल्म के मुख्य कलाकारो मे प्रभात वर्मा के साथ मुकेश चित्रांश, अंशिका वर्मा,सरवीन कुमार, ब्रजेश कुमार, अजीतेश ,प्रियंका सिन्हा, एश्वर्या झा, डॉक्टर सविता मिश्र "मागधी " पूजा वर्मा, चन्द्रमणि पाण्डेय और ममता प्रमुख है ।

इस फिल्म मे जीवन के हर पहलू को लेकर एक बार फिर मगही भाषा की समाजिक फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा, जो मगध क्षेत्र के। गांव से लेकर तमाम तरह के लोगो को अपनी ओर आकर्षित करने मे सफलता प्राप्त कर रही है। फिल्म का प्रदर्शन पूरे देश मे मगही भाषीयो के बीच किया जाना तय किया जा चुका है । इस फिल्म का प्रदर्शन वारसलीगंज के पींकी सिनेमा हॉल नवादा के विजय डाल्वी हाॅल शेखपुरा के रूप महल मे शानदार प्रदर्शन किया गया है। सर्वत्र इस बात की चर्चा करते हुए कहा जा रहा है कि मगही फिल्मो के लिए स्वर्णिम काल का प्रतीक है "विधना नाच नचाबे ।"

21-Oct-2019 04:24

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