23-Oct-2019 09:29

मगही फ़िल्म की चर्चा पड़ोसी देश नेपाल में शम्भू शरण सत्यार्थी

नेपाल देश मे मगही भाषा भाषी लोगों के जीवन दर्शन पर आपके द्वारा मगही भाषा में फ़िल्म का निर्माण किया जाय

"विधना नाच नचावे," "गवांर दूल्हा","सौतेली," "तुम्मा फेरी" "कमासुत" "लिलकहवा" और "साधना" "तन्हाई" फ़िल्म के चर्चित निर्माता निर्देशक प्रभात वर्मा से मगही भाषा में बनाये जा रहे फ़िल्म का वर्तमान और भविष्य में क्या स्कोप है.इसपर शम्भू शरण सत्यार्थी द्वारा लिया गया साक्षात्कार।

मगही भाषा में बनाये जा रहे फ़िल्म का आपकी नजर में क्या स्कोप है ? मगही अति प्राचीन भाषा है.दक्षिण, मध्य बिहार के पटना,गया जहानाबाद,शेखपुरा, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, नालन्दा, अरवल तथा झारखंड के कई जिलों सहित छतीसगढ़ और नेपाल देश मे बहुत बड़ी संख्या में लोग मगही भाषा बोलते ,समझते और लिखते हैं. इसका ब्यापक स्कोप है. इसे सिर्फ जरूरत है चर्चित सीने स्टार द्वारा मगही भाषा मे फ़िल्म का निर्माण कराने का जिससे देश विदेश में इसका प्रचार प्रसार हो सके.यह भाषा सरल और सहज अपनत्व भाव लिये है, जो आसानी से सभी लोगों को समझने लायक है.मेरे द्वारा बनायी गयी मगही फ़िल्म "विधना नाच नचावे" को मगध क्षेत्र समेत अन्तरराष्ट्रीय मगही भाषा सम्मेलन नेपाल में काफी सराही और पसंद की गयी, वहाँ के स्थानीय लोगों ने माँग किया कि नेपाल देश मे मगही भाषा भाषी लोगों के जीवन दर्शन पर आपके द्वारा मगही भाषा में फ़िल्म का निर्माण किया जाय. जल्द ही वहां के स्थानीय‌ कलाकारो को लेकर फिल्म निर्माण की योजना कारयान्वित की जानी है।

आपकी जानकारी में कौन- कौन से मगही फ़िल्म का निर्माण किया गया है ? मेरी जानकारी के अनुसार मगही की सबसे पहली फ़िल्म का निर्माण देव के महाराज ने 1931के आस पास "छठ मईया" (मुक फिल्म) का निर्माण विदेश से कैमरा लाकर करवाया था और उसके वाद ही 1961में मगही फिल्म "भईया" का निर्माण किया गया, जिसके निर्माता के एच मुंशी,निर्देशक फनी मजूमदार तथा नायक गोपाल और नायिका विजया चौधरी थी,इस फ़िल्म में चोटी के कलाकार थे.इस फ़िल्म में सुप्रसिद्ध गायक मो रफी साहब का यह गीत "अँखिया बड़ी जुल्मी लगे प्यारी प्यारी" लोगों के जुबान पर चढी थी.दूसरी फिल्म निर्माता निर्देशक गिरीश रंजन ने "मोरे मन मितवा" फ़िल्म बनायी. जिसके गीत "कुसुम रंग चुनरी मंगा दे पियवा" काफी लोकप्रिय हुआ, और मैंने "विधना नाच नचावे" फ़ीचर फिल्म बनायी जिसमें छठ गीत,विवाह गीत, प्रेम गीत, चुनाव गीत, प्राती आधुनिक भजन समेत सातो गाने लोकप्रिय और जुवान‌ पर चढने बाले हैं,जिसके सारे गीत मैनें लिखे हैं,इसके पूर्व "लिलकहवा" और 'साधना" टेली फ़िल्म का निर्माण किया जो बिहार,वंगाल,उत्तरप्रदेश सहित नेपाल देश में भी चर्चा का विषय बना.यह भी कि मिथलेश जी ने "देवन मिसिर" नामक फ़िल्म बनायी है,मगही में टेली फ़िल्म बनाकर यूट्यूब के माध्यम से भी ख्याति प्राप्त कर रहे हैं.जिसमें कई लोग शामील हैं।

आपकी आगे की क्या योजना है ? आगे की योजना मगही भाषा में नेपाल देश के मगही भाषा भाषी क्षेत्र के सभ्यता,  लोक संस्कृति और वहाँ के सामाजिक ,राजनीतिक हालात का अध्यन कर फ़िल्म बनाने की योजना है.2020 में वहाँ के स्थानीय कलाकारों के सहयोग से फ़िल्म का निर्माण किया जाएगा.फिलहाल मगही फिल्म "सौतेली" के निर्माण में लगा हुआ हूँ, सूबे बिहार के मुख्यमंत्री जो स्वयं मगही भाषा भाषी हैं,अगर वे मगही फ़िल्म निर्माण में सहयोग प्रदान करें तो इस भाषा का प्रचार प्रसार फ़िल्म के माध्यम से देश विदेश तक हो सकता है।

23-Oct-2019 09:29

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