22-Apr-2018 03:41

अब पैसे के अभाव में नहीं टूटेगा बिहार के छात्रों का डॉक्टर और इंजीनियर बनने का सपना

मेंडॉक  क्लासेज का 22 अप्रैल को पटना में हो रहा है शुभारंभ

यह जानकारी आपके लिए है अगर आपके बच्चे मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी में लगे लगे हैं और आप बिहार के रहने वाले हैं आप की आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि आप अपने बच्चे को महंगे  कोचिंग में दाखिला दिला सके तो आपको निराश होने की जरूरत नहीं है आज हम आपको बताने जा रहे हैं कैसे संस्थान के बारे में जिसका शुभारंभ 22 अप्रैल को पटना में होने जा रहा है जहां आपके बच्चे के सपनों को साकार करने की पूरी तैयारी है आमतौर पर निजी कोचिंग संस्थान ऊंची दुकान और फीकी पकवान ही हुआ करते हैं व्यवसायिकता के इस दौर में जब बाजारवाद शिक्षा पर पूरी तरह हावी हो चुका है ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे संस्थान के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं जिसकी शुरुआत 22 अप्रैल रविवार से बिहार की राजधानी पटना में होने जा रही है इस संस्थान में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कराई जाएगी यह संस्थान बिहार का सबसे बड़ा कोचिंग संस्थान होगा इसके क्लासरूम लाइब्रेरी सेल्फ स्टडी कंप्यूटर अंग्रेजी भाषा के विकास के लिए एक्सपर्ट टीचरों द्वारा अंग्रेजी भाषा का ज्ञान जैसी सुविधाएं छात्रों को उपलब्ध कराई जाएंगी इस कोचिंग संस्थान की स्थापना बिहार के वैसे टॉपर्स डॉक्टर व इंजीनियरों के टीम के द्वारा किया जा रहा है जिन्होंने गरीबी खुद देखा ही नहीं गरीबी को महसूस ही नहीं किया बल्कि गरीबी में पलकर सफलता के शिखर तक पहुंचे लाखों करोड़ों का पैकेज छोड़ बिहार के लाखों परिवारों के लिए आशा की किरण बन पटना में  आए हैं इन सब बातों पर आप इसलिए विश्वास कर सकते हैं कि इस संस्थान के मेंटर प्रेरणास्रोत एक ऐसे इंसान है जिन्होंने कथनी और करने को न सिर्फ एक  किया है बल्कि महज ₹11 की गुरुदक्षिणा पर बिहार में दर्जनों आईएएस-आईपीएस और हजारों की संख्या में सरकारी सेवा में छात्रों को नौकरियां दिलवाई है। जी हां हम बात कर रहे हैं गुरु डॉ एम रहमान की उन्हीं की प्रेरणा से रविवार को पटना में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाले संस्थान मेडाक   क्लासेज की शुरुआत पटना के राजेंद्र नगर मुन्ना चौक रोड में योगी पुर शिव मंदिर के पास हो रही है जिसमें छात्रों के आर्थिक आधार पर फीस लिया जाएगा साथ ही शत-प्रतिशत रिजल्ट की गारंटी भी होगी किसी भी छात्र को पैसे के अभाव में बीच में पढ़ाई छोड़ने की नौबत आती है तो वैसे समय संस्थान उसे आर्थिक मदद भी देगा संस्थान के एकेडमिक डायरेक्टर इंजीनियर अशोक कुमार बताते हैं कि जाके पांव न फटे बिवाई सो क्या जाने पीर पराई वह कहते हैं कि सपने तो सब लोग देखते हैं लेकिन सपनों को साकार करने में बहुत कम लोग ही सफलता पाते हैं गांव के सरकारी स्कूल से बिना किसी लक्ष्य के आगे बढ़ते बिहार के नौनिहाल जब तक इंजीनियरिंग और मेडिकल के बारे में सोचते हैं उनके सामने  सबसे बड़ी बाधा होती है  अंग्रेजी भाषा का ज्ञान दूसरी बाधा मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी कराने वाले संस्थानों की मोटी फीस । मेडॉक क्लासेज पूरी ईमानदारी से बिहार के छात्रों को सफलता के शिखर तक ले जाने का एक माध्यम बनेगा

22-Apr-2018 03:41

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