19-Dec-2019 08:48

अशफाक उल्ला खां की पुण्य तिथि पर शत-शत नमन......

अमर शहीद महान क्रांतिकारी पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह व महान क्रांतिकारी अशफाक उल्ला खान पर विशेष,,,,

महान क्रांतिकारी अशफाकउल्ला खां कविताएं भी लिखते थे, उन्हें घुड़सवारी, निशानेबाजी और तैराकी का भी शौक था. वे अपनी कविता में अपना उपनाम ‘हसरत’ लिखा करते थे. उनका जन्म 22 अक्तूबर 1900 को उत्तर प्रदेश में शाहजहांपुर जिले के 'शहीदगढ़' में हुआ था.

वह हमारे रियल हीरो के क्रांतिकारियों ने 09 अगस्त, 1925 को सहारनपुर लखनुऊ पैसेंजर ट्रेन को काकोरी स्टेशन पर लूटने की योजना बनाई, ट्रेन में सरकारी खजाना था जो ब्रिटिश साम्राज्य ने भारतीय का शोषण कर ही एकत्रित किया था. खजाने को लूटने का उद्देश्य सशस्त्र क्रांति गतिविधियों को बढ़ाने के लिए धन जुटाना था.

सभी साथियों ने योजना बनाकर लखनऊ ले जाए जा रहे सरकारी खजाने को काकोरी में लूट लिया, इसके पश्चात से ही घटना को काकोरी कांड के नाम से जाना जाता है. योजना पर अमल के दौरान सभी क्रांतिकारियों ने छद्म नाम रखा था, अशफाकउल्ला खां ने अपना नाम कुमार जी रखा था.

सभी रियल हीरो घटना में शामिल अन्य क्रांतिकारियों को ब्रिटिश सरकार ने पकड़ लिया था, लेकिन चंद्रशेखर आजाद व अशफाकउल्ला खां को नहीं पकड़ पाई थी. पर, 26 सितंबर 1925 के दिन हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसिएशन के कुल 40 क्रान्तिकारियों को गिरफ्तार किया गया, जिसमें अशफाकउल्ला खां भी शामिल थे. काकोरी कांड में राजद्रोह का केस उन पर चलाया गया, अंग्रेज सरकार की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई. 19 दिसंबर_1927 को 25 वर्ष की युवा आयु में अशफाक उल्ला खां को फैज़ाबाद जेल में फांसी दे दी गई.

19-Dec-2019 08:48

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