17-Apr-2018 06:38

आज भारत के बेटियों के लिए अनशन पर हूँ : आकांक्षा

बेटी को बचाने में सरकारें विफल, हो ठोस रास्ता। प्रशासन अपनी क्षमताओं पर सही कार्या नहीं कर रही हैं।

आज मै किसी नेता के लिए नही अपनी मांगों के लिए नही । आज मै उन बेटियों के लिए 72 घंटे की उपवास कर रही हूं ।जिसे वो दरींदो ने ये नही सोचा की यही बेटी किसी रूप मै मां है किसी रूप मै बहन है किसी रूप मै एक पत्नी है।पर वो दरींदो को कङी से कङी सजा मिले । मै इस उपवासके माध्यम से सरकार को सोती कुंभकर्ण निद्रा से जगाना चाहती हूं की कोई दरिंदा ये हरक़त दुबारा करने की जरूरत न करे । सही करने से सही होता है सोच को बदलना पड़ेगा तब जाकर समाज बदलेगा ।आज ये घटना उनके साथ हुइ कल ये घटना किसी के साथ घट सकती है। कोइ ज़रूरी नही है की मेरे इस उपवास से सारा तंत्र सुधर जाय पर यही सोच एक एक ईंसान सोच ले तो उन दरींदो का मनोबल बढते जायेंगा ।आज हम कर रहै है एक छोटी शुरूआत तो कही न कही इस छोटी शुरूआत का फ़ायदा आवाम को जरूर मिलेगी। मै आपलोगों से अपील करतीं हूं उस बेचारी की क्या दोष थी जो वो दरींदो ने अपने फन से कूचल डाला ।आप एक क़दम आगे बढे तो शायद सरकार कुंभकर्णी निद्रा से जगे ओर इस हो रहे अत्याचार पर नया क़ानून बना कर इसे रोकने का प्रयास करे । हमलोगों की मेहनत नाकाम नही जायेगी ।।। जय हिंद.....

17-Apr-2018 06:38

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