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02-Oct-2018 10:22

एक बार फिर देश पर राजनेताओं से खतरा, हम सवर्ण समाज राष्ट्रीय एकता को बचाने निकले : ई. रविन्द्र कुमार

जब-जब धर्म की हानि हुई, ईश्वरीय शक्ति का अवतार हुआ, वैसे ही भारत पर जब भी ख़तरा हुआ सवर्ण समाज नेतृत्व व बलिदान देता रहा है।

"राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा" के माध्यम से राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा के संयोजक ई. रविन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पद यात्रा की शुरूआत पंडित राजकुमार शुक्ला जी की जन्म भूमि व गांधी जी कर्म भूमि से आंदोलित किया गया। महात्मा गांधी के जयंती महोत्सव के दिवस पर पश्चिमी चंपारण से एक नई आगाज की गई। महात्मा गांधी जी के जयंती 2 अक्टूबर 2018 से चम्पारण की धरती से आगाज करते हुए ई. रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि यह यात्रा मुख्य रूप से : समान पाठ्याक्रम, समान अधिकार व कानूनी समानता को लेकर किया जा रहा है। वहीं माननीय उच्चतम न्यायालय के अपमान हिंदुस्तान बर्दाश्त नही करेगा। श्री सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के नाम पर एक बार फिर समाज को तोड़ने की तैयारी हमारे सदन में बैठे मठाधीशों द्वारा की गई हैं। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों को राजनेताओं की चुंगुल से भी बचाने के लिए ही सवर्ण सामाज नेतृत्व करता रहा है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय पहले ही मानवाधिकार की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने SC/ST कानून व्यवस्था पर कुछ सुझाव दिया। जिसके विरोध में भारत की सभी राजनीतिक दलों ने गठजोड़ कर 85% से ज्यादा आबादी पर अत्याचार करने का महागठबंधन किया हैं। जिसका परिणाम आज आधी से ज्यादा आबादी डरी हुई हैं। ई. रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि राजनेताओं ने समाज को खंडित खंडित कर दिया है। आने वाले समय में सवर्ण एवं व्यापारिक वर्ग अपने अपने खेतों एवं व्यापार से SC/ST को नौकरी या कोई जगह नहीं देंगे। इसका कारण यह होगा कि एक डर हमेशा बना रहेगा कि कोई भी बात हुई तो छह महीने के लिए बिना बात के जेल होगी। यह जेल समाज के लिए बहुत ही दुखदायी होगा। साथ ही साथ शारिरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति से पुरा समाज अराजकता का शिकार हो जाएगा।

"राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा" के माध्यम से राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा के संयोजक ई. रविन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पद यात्रा की शुरूआत पंडित राजकुमार शुक्ला जी की जन्म भूमि व गांधी जी कर्म भूमि से आंदोलित किया गया। महात्मा गांधी के जयंती महोत्सव के दिवस पर पश्चिमी चंपारण से एक नई आगाज की गई। महात्मा गांधी जी के जयंती 2 अक्टूबर 2018 से चम्पारण की धरती से आगाज करते हुए ई. रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि यह यात्रा मुख्य रूप से : समान पाठ्याक्रम, समान अधिकार व कानूनी समानता को लेकर किया जा रहा है। वहीं माननीय उच्चतम न्यायालय के अपमान हिंदुस्तान बर्दाश्त नही करेगा। श्री सिंह ने कहा कि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के नाम पर एक बार फिर समाज को तोड़ने की तैयारी हमारे सदन में बैठे मठाधीशों द्वारा की गई हैं। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों को राजनेताओं की चुंगुल से भी बचाने के लिए ही सवर्ण सामाज नेतृत्व करता रहा है। ज्ञात हो कि पिछले कुछ समय पहले ही मानवाधिकार की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय ने SC/ST कानून व्यवस्था पर कुछ सुझाव दिया। जिसके विरोध में भारत की सभी राजनीतिक दलों ने गठजोड़ कर 85% से ज्यादा आबादी पर अत्याचार करने का महागठबंधन किया हैं। जिसका परिणाम आज आधी से ज्यादा आबादी डरी हुई हैं। ई. रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि राजनेताओं ने समाज को खंडित खंडित कर दिया है। आने वाले समय में सवर्ण एवं व्यापारिक वर्ग अपने अपने खेतों एवं व्यापार से SC/ST को नौकरी या कोई जगह नहीं देंगे। इसका कारण यह होगा कि एक डर हमेशा बना रहेगा कि कोई भी बात हुई तो छह महीने के लिए बिना बात के जेल होगी। यह जेल समाज के लिए बहुत ही दुखदायी होगा। साथ ही साथ शारिरिक, मानसिक और आर्थिक क्षति से पुरा समाज अराजकता का शिकार हो जाएगा।

यात्रा की शुरुआत पश्चिमी चम्पारण में स्थित गाँधी संग्रहालय मेंं महात्मा गांधी पर माल्यार्पण के साथ की गई। गाँधी संग्रहालय के पास लगभग 2000 लोगों के साथ गाँधी स्मारक के लिए पद-यात्रा की गई। गाँधी स्मारक पर गाँधीजी की मूर्ति पर माल्यार्पण करते हुए ई. रविन्द्र कुमार सिंह बहुत भाभुक हुए। पद यात्रा के माध्यम से सामाजिक समानता का संदेश देते हुए राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा के सह संयोजक सुनील पाण्डेय ने कहा कि सवर्ण समाज भारतीय एकता और भारतीय समाज का आईना रहा हैं। यह यात्रा सवर्ण के साथ साथ सभी वर्ग समुदाय को एकत्रित कर राजनीतिक मठाधीशों को जबर्दस्त आईना दिखाने का काम करेगा। यात्रा के तीसरे चरण में पिपरा कोठी स्थित सिंह ढ़ाबा पर एक जनसभा का आयोजन किया गया था, जिसमें लगभग 4,000 से ज्यादा लोगों की भागीदारी हुई। जिसमें समाज के प्रत्येक वर्ग के लोगों ने भागीदारी की। इस सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक ई. रविन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता परिक्षाओं का आयोजन सी बी एस ई पाठ्यक्रम से लिया जाता ता हैं, जबकि पढ़ाई के लिए प्रत्येक राज्यों में पाठ्यक्रम अलग-थलग हैं। जिससे आम बच्चों प्रतियोगिता परीक्षाओं में काफी परेशानी होती हैं। वहीं संविधान के प्रस्तावना में जो समानता का अधिकार दिया गया हैं वह आज तक लागू नहीं हो पाया। एक वर्ग विशेष के विकास के लिए लाखों योजनाओं की नींव रखी गई हैं, लेकिन उस वर्ग के मठाधीश उस पर कब्जा कर बैठे हैं। राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा का उद्देश्य यहीं है कि भारत के सभी लोगों को समान अधिकार मिले।

इस कार्यक्रम में बिहार के लगभग 32 जिलों के प्रतिनिधि सभा में शामिल हुए। पश्चिम चंपारण के गाँव गाँव से लोगों ने अपना समर्थन दिया, शिवहर, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, दरभंगा, गया, नालंदा, नावादा, पटना, सारण, वैशाली, मधुबनी, सहरसा, गोपालगंज आदि के साथ साथ संपूर्ण बिहार के लोगों ने भागिदारी दी। ई. रविंद्र सिंह ने विभिन्न संवैधानिक व्यवस्था पर प्रहार करते हुए लोगों को जागरूक करने का काम किया। रोहित सिंह रैकवार की उपस्थिति से युवाओं में एक नया उमंग भर गया। उन्होंने ने कहाँ कि समानता का अधिकार के लिए ही यह महत्वपूर्ण यात्रा हैं। वहीं इस बैठक सह प्रेसवार्ता में शामिल हुए मुख्य रूप से राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा के संयोजक ई. रविन्द्र सिंह, सुनील पांडेय, अजय सिंह, सुमन सिंह, डॉ राकेश कुमार सिंह, अभिजीत कुमार सिंह, सुशिल कुमार सिंह, राकेश कुमार, विक्रम सिंह, नवेन्दु सिंह, धर्मेंद्र विद्रोही,जैनेन्द्र प्रताप, कमलेश सिंह, अमित सिंह चौहान, गोविन्द सिंन्ह, दीपक सिंह, प्रो राकेश सिंह, डॉ अजय कुमार सिंह, चिंटू सिंह जो कुढ़नी से आये थे, उन्होंने कहा ई. रविन्द्र भईयाँ के नेतृत्व में जनजागृति का कार्य करते रहेंगें।, श्री अशोक कुमार सिंह मुजफ्फरपुर निवासी ने कहा हमारी सामाजिक एकता ई. रविन्द्र भाई के साथ हैं। हरेंद्र सिंह, मटुकनाथ सिंह, विरेंद्र कुमार सिंह, अनिल सिंह फौजी, डॉ राकेश कुमार सिंह, सुमन सिंह, अमित कुमार नरगी, सुनील सिंह, प्रिंस राज अखिलेश सिंह, देवेंद्र झा, राहुल झा ,सोनू पांडे, इत्यादि लोग मौजूद थे। सभी ने एक स्वर में राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा का स्वागत किया और अपनी अपनी ताकत झोंंकर जन जागरूकता अभियान को मजबूती देंगे। राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा का एक महत्वपूर्ण कदम आने वाले भारत का एक नया रास्ता तय करेगा।

02-Oct-2018 10:22

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