02-Nov-2019 07:59

छठी मईया के आर्शीवाद के साथ, आये 7 नवम्बर गाँधी मैदान : शेखर शर्मा

यथासभंव आर्थिक सहयोग और 7 नवंबर *भुमिहार ब्राह्मण एकता महारैली* में पटना के गांधी मैदान में आने में सहयोग करे:- (100, 200, 300, 400, 500, 1000, 10,000) (बूंद बूंद से घरा भड़ जाता है)

कर लो दुनिया मुट्ठी में, इसी श्लोगन के साथ आगे बढ़ने का आग्रह करते हुए शेखर शर्मा, सचिव, भुमिहार-ब्राम्हण एकता मंच फाउंडेशन, नई दिल्ली से। शेखर शर्मा ने बताया कि भूमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन आज एक ऐतिहासिक एकजुटता के साथ आगे बढ़ रहा है। आगामी 07 नवंबर 2019 को बिहार की राजधानी, पटना के गांधी मैदान में एक विशाल जनसमूह का आगमन सुनिश्चित है। भारतीय संस्कृति और संस्कारों से सुसज्जित समाज अपने आप में मातृत्व डोर अपने हाथों में थामने का निश्चय किया हैं। मातृभूमि की सेवा हमारा प्रथम कर्म रहा है। भुमिहार ब्राहम्ण एकता मंच फाउंडेशन के तत्वाधान में पटना के गांधी मैदान में 7 नवम्बर को ब्रह्मर्षी समाज का विशाल महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। जिसमें बिहार, झारखण्ड, कोलकाता, उड़ीसा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटका, तमिलनाडु और देश के अन्य स्थानों से समाज के 5 लाख लोग से भी अधिक लोग भाग ले रहे हैं। जिसमें बिहारी समाज की अहम भूमिका हैं, जो भी अन्य राज्यों में हैं वो छठ पूजा के आर्शीवाद सहित गांधी मैदान पटना में महाकुंभ में डुबकी लगायेंगे।

शेखर शर्मा आगे बताते हैं कि पिछले तीन दशकों से लालू और नीतीश ने मिलकर बिहार की जो दुर्दशा की है, वह पूरे विश्व विख्यात हो चुका। वही लालू यादव के 15 साल के शासन में भूमिहार ब्राह्मणों पर अत्यधिक अत्याचार हुए एवं शासन-प्रशासन की सारी काबिलियत राजनीतिक दलों के पीट्टू बनकर रह गए। कवि भूरा बाल साफ करो के नाम पर तो कभी पिछड़ा-अतिपिछड़ा, दलित-महादलित के नाम पर समाज को बांटने वाले लालू प्रसाद के छोटे भाई नीतीश कुमार ने समाज को टुकड़े-टुकड़े में बांट दिया। वही जातिवाद की आड़ में भाजपा ने असंख्य हथकंडे चलाकर राजनीति के चरमोत्कर्ष पर पहुंचे। आज बिहार में आप पायेंगे कि विशेष सर्वे करने वाली संस्था इस आधार पर सामज का स्वरूप देख रही हैं। आज 1.5 % पासवान जी 50 साल से सत्ता की मलाई खा रहें, 2 % नीतीश जी 15 साल से बिहार पर राज्य कर रहे, 2 % कुशवाहा जी लोकसभा का 5 सीट ले लेते है, 1 % मांझी जी वो भी मुख्यमंत्री बन जाते हैं, 1 से आध % मल्लाह जी वो भी लोकसभा मे 3 सीट ले लेते हैं। और हम सोचें है कभी B B C के सर्बे के मुताबिक भुमिहार पौने 7 %, ब्राह्मण भाई मिलकर करीब 12 %, पर क्या हाल है हमारा। पहले राजद भुमिहार ब्राह्मण को टिकट नहीं देता था। अब यहीं काम भाजपा, जदयू वाले करने लगे। भूमिहार ब्राह्मणों के प्रमुख चुनावी क्षेत्रों को षड्यंत्र के तहत पक्ष विपक्ष में बैठे हुए, राजनीतिक सत्ता भोगी द्वारा छिन लिया गया है। आज समाज में एक ही माध्यम हैं अपनी बातों को रखने का और वह हैं राजनीति। आज समाज का दायित्व निभाने के लिए राजनीतिक सत्ताभोगीयों द्वारा माात्र रास्ते राजनीति का ही छोड़ा है।

शेखर शर्मा बताते हैं कि अगर हम देखे तो हमसे वैशाली लोकसभा छीन लिया गया। हमसे पाटलिपुत्र लोकसभा छीन लिया गया। और तो और आजादी के बाद जिस लोकसभा से सिर्फ भुमिहार भाई जीतते आ रहे थे, भुमिहार बहुल क्षेत्र जहानाबाद भी हमसे छीन लिया गया। क्यों ? क्यों हमारे समाज के साथ ऐसा होता है ? क्यों कोई पार्टी हमारे समाज को टिकट देना नहीं चाहती ? क्यों आज हमारा समाज हाशिये पर चला गया है ? कभी सोचा है आपने ? कब सोचियेगा कब जगीयेगा ? कौन सा मुल्क है हमारा जहाँ 94 नम्बर लाकर भी हमारे बच्चे पिछड़ जाते है और 45 नंबर लाने वाले को बड़े बडे पद दे दिया जाता है ? हहहहहह हँसी आती है, अपने देश पर ? ऐसा इस पृथ्वी पर किसी देश में नहीं होता है। और हमारे नेता कहते है भारत पिछड़ा हुआ क्यों है ? कभी सुना है कि निर्दोष को भी जेल में बंद कर दो ? मर्डर - रेफ चाहे जो भी क्राइम हो, हर चीज में जांच के बाद ही दोषी ठहराया जाता है, पर अगर कोई दलित भाई झूठ - मूठ का भी थाना में जाकर बोल दे कि फ़लनमा हमको मारा है या पीटा है। बिना जांच किये जेल ? क्या यह कला कानून है हमारे देश में ? ऐसा कानून तो विश्व के किसी देश में नहीं हैं ? पर इन सब के लिए जवाबदेह हैं कौन ? कभी सोचे है, हम है, हम सिर्फ हम। सोचिये । गौर से सोचिये । इनसब कारणों का सिर्फ एक जवाब है ? हमारा आपस में द्वेष ? हमारा आपस मे ईगो हमारा आपस मे इरस्या । अब तो जागिये । हम तो जी लिए, अपने बच्चों के भविष्य के लिए जागिये। और अगर अब भी हम नहीं जागे, तो अगली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।

शेखर शर्मा का आग्रह हैं कि हम अपने भाग्य के निर्माता स्वयं हैं। सब कुछ हमारे हाथों में है, सिर्फ हममें एकता लाने की जरूरत है। और जिस दिन हम एक होकर गांधी मैदान आ गए, ये देश क्या, पूरा ब्रह्मांड हमारी कदमों में होगा ? और आपसी एकता दिखाने का मौका भी आ गया है हम आगे आकर 07 नवंबर 2019 को गांधी मैदान पटना में महाकुंभ का हिस्सा बने। इतिहास में कभी भी गाँधी मैदान पटना में भुमिहार ब्राह्मण का कोई रैली नहीं हुआ है। ये अपने समाज का पहला रैली है। इस मौके पर दिखा दीजिये, इस राज्य को, इस देश को और पूरे विश्व समुदाय को कि बहुत हो गया, बहुत जुल्म हमलोगों ने शह लिया। बहुत हमलोग आपको सत्ता का मौका दे दिए, पर अब हम आ रहे मातृभूमि के सम्मान के लिए। हमारा समाज एक होकर, अत्याचार रूपी गुब्बारे में 30 साल हवा भरा और बाहर से देखा, झूठ और फरेब के बल पर 30 वर्षों में क्या किया विकास। इसलिए जरूरी है कि जिम्मेवारी से भर दीजिये गांधी मैदान। लिख दीजिये नया इतिहास औऱ कर लीजिए ये दुनिया अपनी मुट्ठी में। ब्रम्हर्षि समाज का बेटा होने के नाते आपसे यथा शक्ति आर्थिक मदद की आशा करता हूं। आप लोगों की दी हुई सहयोग राशि से रैली की व्यवस्था होगी। नकद राशि में सहयोग लेना संगठन के तरफ से वर्जित है। आप अपना सहयोग केवल चेक या सीधे संगठन के खाते में भेज सकते हैं। रैली में आने का कष्ट नहीं स्वाभिमान के लिए आये। आपकी मौजुदगी ही भूमिहार ब्राह्मण एकता की ताकत है। जय परशुराम, जय ब्राहर्षी, जय भुमिहार।। जय भुमिहार ब्राह्मण समाज ।। भुमिहार ब्राह्मण एकता मंच फाउंडेशन (समाजहित के लिए सदैव संकल्पित)।

02-Nov-2019 07:59

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