11-Jul-2019 09:41

जल संकट में पूरा देश, एक कदम जल बचाने की : सुनिल पाण्डेय

बिहार में जल संकट से उबारने की दिशा में ब्रह्मपुरा पोखर विकास समिति ने पेश की मिसाल

जहां दुनिया भर में अब पानी का संकट मंडरा रहा है और वही पीने योग्य पानी में तेजी से गिरावट आ गई है। उसी समय एक कदम आगे बढ़ कर बिहार में जल संकट से उबारने की दिशा में ब्रह्मपुरा पोखर विकास समिति ने पेश की मिसाल, इससे उत्प्रेरित हो जिले में शुरू हुआ कई पोखरों का जीर्णोद्धार कार्य यह बताते हुए सचिव सुनील पाण्डेय ने बताया यह एक बड़ा कदम हैं। जल संचय से ही संभव है कि हम पानी की रिफलिंग कर सकें।

विशेष चर्चा में सचिव सुनील पाण्डेय ने बताया कि जल संरक्षण का अर्थ है जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई, निर्माण एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का पुनःचक्रण (रिसाइक्लिंग) करना। धीमी गति के शावर हेड्स (कम पानी गरम होने के कारण कम ऊर्जा का प्रयोग होता है और इसीलिए इसे कभी-कभी ऊर्जा-कुशल शावर भी कहा जाता है)।धीमा फ्लश शौचालय एवं खाद शौचालय। चूंकि पारंपरिक पश्चिमी शौचालयों में जल की बड़ी मात्रा खर्च होती है, इसलिए इनका विकसित दुनिया में नाटकीय असर पड़ता है। शौचालय में पानी डालने के लिए खारे पानी (समुद्री पानी) या बरसाती पानी का इस्तेमाल किया जा सकता है। फॉसेट एरेटर्स, जो कम पानी इस्तेमाल करते वक़्त 'गीलेपन का प्रभाव' बनाये रखने के लिए जल के प्रवाह को छोटे-छोटे कणों में तोड़ देता है। इसका एक अतिरिक्त फायदा यह है कि इसमें हाथ या बर्तन धोते वक़्त पड़ने वाले छींटे कम हो जाते हैं।

आगे बताते हुए सचिव सुनील पाण्डेय कहते हैं कि इस्तेमाल किये हुए पानी का फिर से इस्तेमाल एवं उनकी रिसाइकिलिंग:शौचालय में पानी देने या बगीच नली बंद नलिका, जो इस्तेमाल हो जाने के बाद जल प्रवाह को होते रहने देने के बजाय बंद कर देता है। जल को देशीय वृक्ष-रोपण कर तथा आदतों में बदलाव लाकर भी संचित किया जा सकता है, मसलन- झरनों को छोटा करना तथा ब्रश करते वक़्त पानी का नल खुला न छोड़ना आदि। जल संरक्षण का अर्थ है जल के प्रयोग को घटाना एवं सफाई, निर्माण एवं कृषि आदि के लिए अवशिष्ट जल का पुनःचक्रण (रिसाइक्लिंग) करना। जल को देशीय वृक्ष-रोपण कर तथा आदतों में बदलाव लाकर भी संचित किया जा सकता है, मसलन- झरनों को छोटा करना तथा ब्रश करते वक़्त पानी का नल खुला न छोड़ना आदि

वहीं आज ब्रह्मपुरा पोखर का कार्यारम्भ शिलान्यास माननीय मंत्री माननीय सुरेश शर्मा एवं उप महापौर मानमर्दन शुक्ला जी द्वारा किया गया। बिहार सरकार मंत्री माननीय सुरेश शर्मा ने इस कार्या के लिए हर प्रयास करने के लिए तत्पर रहते हुए, खास तौर पर साथ देने का फैसला किया। वहीं उप महापौर माननीय मानमर्दन शुक्ला ने भी अपने क्षेत्र के सबसे ऐतिहासिक धरोहर को पुनः योग्य बनाने के लिए हर संभव प्रयास करने का जज्बा दिखाया। इस अवसर पर पोखर विकास समिति के अध्यक्ष हर्षवर्धन ठाकुर, महासचिव मो अंजार, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण नारायण सिंह, संयूक्त सचिव सुनील चौधरी, वार्ड पार्षद गायत्री चौधरी, नगर आयुक्त भी मौजूद थे

11-Jul-2019 09:41

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