11-Nov-2017 04:01

पिछली बार नोटबंदी इस बार मेलाबंदी

हाजीपुर : बीते वर्ष नोटबंदी के चार दिन बाद शुरू हुए सोनपुर मेला के व्यवसाय पर नोटबंदी का काफी बुरा प्रभाव पड़ा था। पिछली बार नोटबंदी से प्रभावित दुकानदार इस बार इस उम्मीद के साथ सोनपुर मेला में आए

व्यापार अच्छा होगा तो मुनाफा भी बढि़या होगा लेकिन इस बार के हालात और बुरे हैं। चिड़िया बाजार बंद रहने व थियेटर नहीं चलने से मेले की भीड़ पर भी असर पड़ रहा है। शाम ढलते ही मेले की रौनक धीरे-धीरे कम होने लगती है। इसका सीधा असर यहां के व्यवसाय पर भी पड़ रहा है। मेला में आए दुकानदार बताते हैं कि थियेटर चालू रहने से देर रात तक दुकान पर खरीदारों की भीड़ लगी रहती थी। सुबह में भी अच्छी बिक्री होती थी। लेकिन मेले में अब न चिड़िया बाजार है और न पहले की तरह मवेशी ही आते हैं। ऐसी स्थिति में अब अगर खेल-तमाशा व थियेटरों के प्रदर्शन पर भी रोक लगा दी जाएगी तो लोग मेला में क्यों आएंगे। थियेटर में अश्लीलता के सवार पर दुकानदार व स्थानीय लोगों की भी राय एक जैसी है। उनका कहना है कि जब थियेटर के अंदर सीसी कैमरा लगा रहता है, मजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती रहती है तो फिर अश्लील प्रदर्शन कैसे हो सकता है। कहते हैं व्यवसायी - मेला में खेल-तमाशा व थियेटर देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग आते हैं। यहां आने वाले लोग ही मेले में खरीदारी करते हैं। अगर मेले में खेल-तमाशा व थियेटर ही बंद कर दिया जाएगा तो फिर मेला की रौनक ही समाप्त हो जाएगी। दुकानदारी व व्यवसाय भी पूरी तरह से चौपट हो जाएगा। - मो. युसूफ, कश्मीरी दुकानदार, फोटो-57 - थियेटर का मेला के इतिहास व व्यवसाय से काफी पुराना इतिहास है। थियेटर की वजह से व्यवसाय भी अच्छा होता है। मेले में लोगों के कम आने की वजह से व्यवसाय पर बुरा असर पड़ रहा है। जब राजगीर व दूसरी जगहों पर थियेटर की अनुमति दी जाती है तो सोनपुर मेला में क्यों नहीं। - फिदा हुसैन, कश्मीरी दुकानदार, फोटो- 58 - धीरे-धीरे मेला के अस्तित्व को यहां से समाप्त करने की साजिश चल रही है। पहले मवेशी, हाथी व चिड़िया बाजार के बाद अब थियेटर व खेल-तमाशा पर रोक लगा दी गई। मेले में सरकार व प्रशासन नया तो कुछ शुरू नहीं कर पा रही है। उल्टे सदियों से चली आ रही परंपरा को खत्म करने में लगी है। - विनोद सम्राट, पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष, सोनपुर, फोटो- 55 - मेले में कानून व अश्लीलता का हवाला देकर सदियों से चली आ रही परंपराओं को चोट पहुंचाना सरासर गलत है। मेले के विकास पर सरकार व प्रशासन को ज्यादा ध्यान देना चाहिए। इसी को लेकर मेला के दुकानदार अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मांगे पूरी तरह से जायज है।

11-Nov-2017 04:01

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