10-Apr-2018 08:18

फिटनेस के प्रति लोगों को जागरूक कर रही है चुमकी दास

ज़िन्दगी की असली उड़ान अभी बाकी है, ज़िन्दगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है,

अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीं हमने, अभी तो सारा आसमान बाकी है..    पटना की पहली लाइसेंसड जुम्बा इंस्ट्रक्टर चुमकी दास को हाल ही में एनजीटाउन का फाउंडेशन डे और सीसीएल 2 के जर्सी लांच पर यंग अचीवर्स बिहार अवार्ड से सम्मानित किया गया है। इस समारोह का आयोजन एनजी टाउन के सीएमडी (संजय सिंह और नमिता सिंह ) द्वारा प्रायोजित कॉर्पोरेट क्रिकेट लीग (सी.सी.एल.) सीजन-2 की जर्सी लॉन्चिंग के उपलक्ष्य में किया गया जिसमें यंग अचीवर्स अवार्ड से उन 25 महिलाओं एवं पुरुषों को  सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में राज्य एवं देश का नाम रौशन करने के साथ-साथ समाज के लिए प्रेरणादायी कार्य किया है।       कोलकाता के हुगली में जन्मी चूमकी दास ने बताया कि उनके परिवार से जुड़े सभी लोग कला से जुड़े हुये थे। उपेन्द नाथ दास की पुत्री चुमकी ने करीब चार साल की उम्र से पन्ना लाल मुखर्जी , शुद्रा गुप्ता और धीमान शंकर से कत्थक नृत्य सीखना शुरू कर दिया। करीब दस वर्षो तक नृत्य का प्रशिक्षण लेने के बाद वह पढ़ाई के कारण इनसे दूर हो गयी। इसके बाद उन्होंने प्रयाग संगीत समिति इलाहाबाद से डांस के क्षेत्र में चार वर्षीय कोर्स पूरा किया। चुमकी ने बताया कि वह लेक्चरार बनना चाहती थी और इस दिशा में पढ़ाई भी की लेकिन वर्ष 2003 में शादी के बाद वह पारिवारिक जिम्मेवारियों मे बंध गयी और पति के काम में हाथ बंटाने लगी।       पारिवारिक जिम्मेवारियों की वजह से चुमकी दास अपनी चाहत डांस से भी दूर हो गयी थी लेकिन उन्होने हौसला नही छोड़ा। कहते हैं ना कुछ कर गुजरने का जज्बा हो तो कोई भी काम नामुमकिन नहीं। इस बात को साबित कर दिखाया चुमकी दास ने  । वर्ष 2009 में अपने मन में सपने संजाये चुमकी अपने पति के साथ पटना आ गयी। वर्ष 2012 में चुमकी ने सावन महोत्सव को कोरियोग्राफ किया जिसके लिये उन्हें काफी सराहना मिली। चुमकी दास इसके बाद महिलाओं और युवतियों को डांस का प्रशिक्षण देने लगी हालांकि इसमें उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।         मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलू ज़िन्दगी का इम्तेहान होता है। डरने वालो को मिलता नहीं कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालो के कदमो में जहां होता है। चुमकी ने हर मुश्किल का सामना डट कर किया और अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रही।वर्ष 2016 में चुमकी दास लाइसेंसड जुम्बा इंसट्रक्टर बन गयी।चुमकी ने बताया कि जुम्बा एक तरह का डांस ही है जो फिटनेस से प्रेरित है।यह लोगों को फिटनेस के प्रति जागरूक करता है। मिसेज जलालपुर और कोलकाता सुंदरी जैसे कई सम्मान से नवाजी जा चुकी चुमकी ने बताया कि बताया कि उन्हें कई बॉलीवुड और टीवी फिल्मों में काम करने के प्रस्ताव मिले हैं लेकिन वह नृत्य के क्षेत्र में काम करना चाहती है और राजधानी पटना में जुम्बा संस्थान चलाती है।       जुम्बा ग्लोबल ब्राड अमबेस्डर सुचेता पाल को अपनी आदर्श मानने वाली चुमकी दास ने कहा मैंने पैसे को कभी महत्व नही दिया । बस महिलाओं को सशक्त और फिट बनाने का जूनून सवार हो गया। लड़कियों को प्रशिक्षण दे रही हूँ । जो सक्षम नही है निशुलक प्रशिक्षण दे रही हूँ । मेरे लिये नकारात्मक बातों के लिये स्थान नही।    जुम्बा फिटनेस ,जुम्बा बी 2 ,जुम्बा टोनिंग और जुम्बा स्ट्राग का लाइसेंस ले चुकी चुमकी ने बताया कि वह अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने पति  को देती है जिन्होंने उन्हें हमेशा सपोर्ट किया है। चुमकी अपने पति को याद कर गुनगुनाती है “ जिंदगी हर कदम एक नयी जंग है जीत जायेंगे हम अगर तुम संग हो , तुम साथ हो जब अपने दुनिया को दिखा देंगे , हम मौत को जीने का अंदाज सीखा देंगे ”।

10-Apr-2018 08:18

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