12-Nov-2019 10:09

फैसले से कारसेवकों का बलिदान हुआ सार्थक

हिंसक आन्दोलनों से अधिक कारगर हुआ श्रीराम भक्तों का आमरण अनशन-चन्द्रमणि पाण्डेय

अयोध्या में मानवता के पोषक समस्त जैव जगत के रोम रोम में विद्यमान प्रभू श्रीराम के मंदिर निर्माण का मार्ग सुप्रिमकोर्ट द्वारा प्रसस्त किये जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए। समाजसेवी चन्द्रमणि पाण्डेय ने आज एक बार पुनः पवित्र मखभूमि मखौडाधाम को नमन किया व फैसले को ऐतिहासिक करार देते हुए, भारत के स्वणर्णिम गौरव को पुनः स्थापित करने वाला करार देते हुए कहा कि यह विजय पंचतत्व से निर्मित जैव जगत के रोम रोम में वास करने वाले राम की है। उन्होंने कहा कि हमने पूर्व मे भी कहा था कि राम किसी एक के नहीं अपितु सबके है ऐसे में स्वामित्व का अधिकार किसी का नहीं। ऐसे में विवादित भूमि को राष्ट्रीय सम्पत्ति घोषित कर दिव्य भव्य मंदिर का निर्माण हो काफी हद तक वहीं हुआ।

स्वामित्व का अधिकार नकार कोर्ट ने राम व राम के भारत भूमि पर प्रभाव के तौर पर अवशेषों व ग्रन्थों के प्रमाणों को स्वीकार किया। किन्तु यदि लडाई ही न लडी जाती तो फैसला कैसे आता अतः आन्दोलन को निरन्तर गति देने वाले अटल, आडवाणी, जोशी, कल्याण, उमा, ऋतम्भरा, सिंघल जैसे लाखों आन्दोलनकारियों व विद्वान अधिवक्ताओं का सराहनीय तो रहा ही। जिसे नकारा नहीं जा सकता किन्तु सर्वाधिक योगदान उन राम भक्तों का है।

जिन्होंने राम के लिए अपना सबकुछ यहां तक कि प्राण भी न्यौछावर कर दिया जिसमें कोठारी बन्धुओं का नाम सबसे पहले आता है। कोर्ट के फैसले से कोटि कोटि राम भक्तों का सपना उसी तरह साकार हुआ। जैसे प्रभू के स्पर्श की प्रतीक्षा में अहिल्या, दर्शन की प्रतीक्षा में सबरी व आगमन की प्रतीक्षा में माता सीता व भरत जी का सपना साकार हुआ था। किन्तु हम आग्रह करते है समस्त संवैधानिक पदों पर आरुढ लोगों से कि न केवल ऐसे लोगों का नाम मंदिर निर्माण के साथ शिलापट्ट पर अंकित हो। अपितु मंदिर आन्दोलन का संक्षिप्त इतिहास भी अंकित कराया जाय।

उन्होने हिंसक आन्दोलन से अधिक सरकार पर दबाव व झुकाव बनाने हेतु आमरण आनशन को प्रभावी बताते हुए स्वामी परमहंस दास सहित अन्य लोगों के प्रति भी आभार जताया । हो की श्री पाण्डेय ने खुद भी एक राजनैतिक पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी रहते हुए पद की चिन्ता किये बिना 14अप्रैल 2018 को मण्डलायुक्त कार्यालय फैजाबाद व 8अक्टूबर से 12अक्टूबर तक पुण्य मखभूमि मखौडाधाम में आमरण अनशन करते हुए कहा था कि जिस पवित्र भूमि से प्रभू राम का प्राकटय सम्भव हुआ। उसी मखभूमि से मंदिर निर्माण का भी मार्ग प्रसस्त होगा ।

12-Nov-2019 10:09

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