03-Apr-2018 09:33

बहुमुखी प्रतिभा से लोगों को दीवाना बना रहे हैं अंकित पीयूष

ज़िंदगी कि असली उड़ान बाकी है     जिंदगी के कई इम्तेहान अभी बाकी है

अभी तो नापी है मुट्ठी भर ज़मीन हमने अभी तो सारा आसमान बाकी है। अभिनेता और फिल्मकार अंकित पीयूष करीब एक दशक से फिल्मी दुनिया में सूरज की तरह चमक रहे हैं और आज की युवा पीढ़ी के लिये मिसाल बन गये है। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के रहने वाले अंकित पीयूष के पिता जनकवि महेश ठाकुर चकोर औश्र मां पुष्पा चकोर घर के सबसे छोटे चश्मों चिराग को उच्चअधिकारी बनाने का ख्वाब देखा करते। गोविंदा को आदर्श मानने वाले अंकित पीयूष हालांकि फिल्मी दुनिया में अपना नाम रौशन करना चाहते थे। अंकित अक्सर स्कूल में होने वाले नाटकों में अभिनय किया करते जिसके लिये उन्हें काफी सराहना मिला करती।  जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना  सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना। कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।  वर्ष 2010 में अंकित पीयूष ने अपने करियर की शुरूआत बतौर अभिनेता छठ पर आधारित एक अलबम से की जिसमें उनके काम को काफी सराहना मिली। जुनूँ है ज़हन में तो हौसले तलाश करो, मिसाले-आबे-रवाँ रास्ते तलाश करो।  ये इज़्तराब रगों में बहुत ज़रूरी है उठो सफ़र के नए सिलसिले तलाश करो, वर्ष 2011 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद अंकित पीयूष ने डासिंग का भी कोर्स किया। इसके बाद अंकित ने कई अलबमों ने अभिनय किया। वर्ष 2014 अंकित पीयूष के करियर का अहम पड़ाव साबित हुआ। अपने पिता की लिखी कहानी पर अंकित पीयूष ने शार्ट डाक्यूमेट्री फिल्म इंसान का देश का निर्माण और निर्देशन किया। फिल्म में अंकित ने दमदार अभिनय से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बेहतर से बेहतर कि तलाश करो मिल जाये नदी तो समंदर कि तलाश करो।  टूट जाता है शीशा पत्थर कि चोट से  टूट जाये पत्थर ऐसा शीशा तलाश करो। अंकित पीयूष भोजपुरी माटी से जुड़े हुये और भोजपुरी की संस्कृति को आगे ले जाना चाहते हैं। इसी को देखते हुये अंकित ने वर्ष 2015 में भोजपुरी मीडिया डॉट नेट साइट खोली। इस साइट के जरिये अंकित भोजुपरी सिनेमा कलाकार और उनकी फिल्मों को प्रमोट कर रहे हैं। अंकित पीयूष आज कामयाबी की बुलंदियों पर है। अंकित पीयूष के  सपनें यूं ही नही पूरे हुये हैं यह उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। अंकित पीयूष  का मानना है कि  मत घबराना जिंदगी में परेशानियों की पतझड़ से मेहनत की बसंत खुशियों की बहार जरूर लाएगी,  खून पसीने से सींचना अपनी कोशिशों को इन कोशिशों के बल पर ही कामयाबी आएगी। अंकित अपनी सफलता का श्रेय परिवार वालों को देते हैं जिन्होंने उन्हें हर कदम सपोर्ट किया है।

03-Apr-2018 09:33

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