CIN : U22300BR2018PTC037551

Reg: 847/PTGPO/2015(BIHAR)
The Fourth Pillar of Media
× Home अहान न्यूज़ RTI संपर्क
News Category
भारत दर्शन राजनीति जुर्म धर्म शिक्षा चिकित्सा परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान समाचार फिल्म सामाजिक संस्थान पर्यावरण खेल पुलिस Blog रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या सैनिक गांव शहर ज्योतिष सामान्य प्रशासन जन संपर्क छात्र छात्रा
01-Aug-2020 01:16

"बिन वेतन ईद की तरह बकरीद भी फिकी , शिक्षक संघ ने कहा सरकार असंवेदनशील: प्रेमशंकर सिंह

सरकार शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी है। केवल चुनावी मनोवृत्ति से वोट के लिए लोकलुभावन योजनाओं को संचालित करती है परंतु निर्लज्जतापूर्वक उनके सभी योजनाओं को फलीभूत करने में महति भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भूल जाती है

सूबे बिहार समेत अखिल विश्व में मुस्लिम भाई बहन ईद उल अजहा यानी कुर्बानी की ईद मना रहे हैं। अमूमन पर्व के मौके पर हर्षोल्लास का माहौल होता है,पर बिहार के बड़े स्टेकहोल्डर्स शिक्षक समुदाय खासकर अल्पसंख्यक समुदाय से ताल्लुक रखने वाले शिक्षक परिवार में मायूसी दिखी, सरकार की असंवेदनशीलता के प्रति अमानवीय व्यवहार के प्रति भारी आक्रोश दिखी। इस बाबवत वैशाली जिले के विभिन्न प्रखंडों से संबंध रखने वाले मुस्लिम शिक्षक नेताओं ने टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) वैशाली के जिलाअध्यक्ष श्री प्रेमशंकर सिंह से टेलीफोनिक वार्ता में कहा कि भौतिकतावादी युग, कमरतोड़ मंहगाई , कोरोनावायरस जैसी वैश्विक महामारी में वेतन नहीं मिला है, उधर हड़ताल अवधि का वेतन समांजन के नाम पर रोक रखा गया है , ऐसे में आप अल्पवेतन भोगी नियोजित शिक्षकों की दर्द को बखूबी महसूस कर सकते हैं।

संगठन के जिला सचिव एजाज अहमद, राघोपुर प्रखंड सचिव मोo आजम, चेहराकला प्रखंड अघ्यक्ष फैजआलम, लालगंज प्रखंड संयोजक मोo अताउल रहमान, मोo जुनेद, मोo अलाउद्दीन अंसारी, वैशाली प्रखंड कार्यकारिणी सदस्य मोo मुर्तुजा, पटेढ़ी बेलसर प्रखंड कार्यकारिणी सदस्य मोo मुमताज भगवानपुर प्रखंड कार्यकारिणी सदस्य रीना सभा, परवेज आलम, जिला सोशल मीडिया प्रभारी मोo सरफराज ने सरकार की असंवेदनशीलता ,और शिक्षकों को भूखे मार देने वाली नीति का पूरजोर मुखालिफत किया।

मुस्लिम शिक्षक नेताओं का कहना रहा कि सूबे की सरकार अल्पसंख्यकों की हितैषी होने का मीडिया में दावा ठोकती है पर न ईद में वेतन मिला न बकरीद में। इस वित्तीय वर्ष में महज एक माह का वेतन मिला है । लौकडाउन की वजह से वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था नहीं है, ख़ासकर मुस्लिम समुदाय खेती किसानी से दूर है। ऐसे हालात में घर में बैठे बूढ़े मां-बाप की दवा, बच्चों का स्कूली फी, दैनिक राशन की व्यवस्था की मानसिक एवं मनोवैज्ञानिक तनाव से भारी आक्रोश एवं मायूसी है।

गोपगुट संघ के राज्य सचिव सह कोषाध्यक्ष संजीत कुमार उर्फ गुड्डू पटेल, जिला कोषाध्यक्ष रणविजय कुमार, जिला सचिव संजीव कुमार, जिला उपाध्यक्ष बिमलेश कुमार सिंह, जिला महासचिव पंकज कुमार, जिला संयोजक दिनेश कुमार ओझा, और जिला मीडिया प्रभारी राजेश कुमार पासवान के हवाले से कहा कि सरकार शिक्षा एवं शिक्षक विरोधी है। केवल चुनावी मनोवृत्ति से वोट के लिए लोकलुभावन योजनाओं को संचालित करती है परंतु निर्लज्जतापूर्वक उनके सभी योजनाओं को फलीभूत करने में महति भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को भूल जाती है। जबतक शिक्षक भूखा है , मनोवैज्ञानिक दबाव , मानसिक तनाव में हैं तबतक बिहार को ज्ञानिक धारा नामकरण की बात कोरी कल्पना है। सरकार यदि अपनी , दमनकारी नीतियों से बाज नहीं आई तो आगामी चुनाव में शिक्षक जाती धर्म मजहब से उपर उठकर सत्ता के खिलाफ मतदान करेंगे

01-Aug-2020 01:16
समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology