10-Mar-2019 11:50

भारत में आम चुनाव के सात चरणों के माध्यम से 17वीं लोकसभा की स्थापना

1.5 करोड़.18-19 वर्ष के पहले मतदाता होगें।

लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की संवैधानिक घोषणा आज शाम 5 बजे कर दिया गया। केंद्रीय चुनाव आयोग ने देश में लोकसभा चुनाव – 2019 की तारीखों का ऐलान कर दिया है। भारत की राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने देश में लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। इसके साथ ही देश भर में चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है। वर्तमान लोकसभा का कार्यकाल 3 जून को ख़त्म हो रहा है। चुनाव तारीखों का एलान करते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि इस बार सभी बूथों पर VVPAT मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी EVM मशीनों पर उम्मीदवार के नाम के साथ उनकी तस्वीर भी लगी रहेगी। उन्होंने बताया कि इस लोकसभा चुनाव में करीब 90 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 1.5 करोड़ 18-19 साल के नयेे मतदाता हैैं। इनमें नौकरी पेशा वाले वोटर 1.60 करोड़ हैं। 1950 टोल फ्री नंबर पर आप वोटर लिस्ट से जुड़ी जानकारी ले सकते हैं। सभी संवेदनशील इलाके में सीआरपीएफ की तैनाती होगी। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर पर बैन रहेगा।

निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त द्वारा बताया गया कि पहले फेज का मतदान – 11 अप्रैल दूसरे फेज का मतदान –18 अप्रैल तीसरा फेज – 23 अप्रैल चौथा फेज – 29 अप्रैल पांचवा फेज – 6 मई छठा फेज – 12 मई सातवां फेज – 19 मई मतों की गिनती – 23 मई जानिए कब और कितने सीटों पर होंगे मतदान:-* *पहला चरण- 11 अप्रैल- 91 सीटों-* आंध्र प्रदेश 25 सीटें, अरुणाचल 2 सीटें, असम 5 सीटें, बिहार 4 सीटें, छत्तीसगढ़ 1 सीटें, जम्मू-कश्मीर 2 सीटें, महाराष्ट्र 1 सीट, मेघालय 1 सीट, मिजोरम 1 सीटें, ओडिशा 4 सीटें, सिक्किम 1 सीट, तेलंगाना 17 सीटें, त्रिपुरा 1 सीट, उत्तर प्रदेश 8 सीटें, उत्तराखंड 5 सीटें, पश्चिम बंगाल 2 सीटें, अंडमान निकोबार 1 सीट, लक्षद्वीप 1 सीट. *दूसरा चरण- 18 अप्रैल- 91 सीटें-* असम 5, बिहार 5, छत्तीसगढ़ 3, जम्मू-कश्मीर-2, कर्नाटक-14, महाराष्ट्र-10, मणिपुर-1, ओडिशा-5, तमिलनाडु-39, त्रिपुरा-1, उत्तर प्रदेश-8, पश्चिम बंगाल-3, पुद्दुचेरी-1 *तीसरा चरण- 23 अप्रैल- 115 सीटें-* असम 4, बिहार 5, छत्तीसगढ़ 7, गुजरात 26, गोवा 2, जम्मू-कश्मीर-1, कर्नाटक-14, केरल-20, महाराष्ट्र-14, ओडिशा-6, उत्तर प्रदेश-10, पश्चिम बंगाल-5, दादर नागर हवेली-1, दमन दीव-1. *चौथा चरण- 29 अप्रैल- 71 सीटें-* बिहार 5, जम्मू-कश्मीर 1, झारखंड 3, मध्यप्रदेश 6, महाराष्ट्र 17, ओडिशा 6, राजस्थान 13, उत्तर प्रदेश 13, पश्चिम बंगाल 8 *पांचवां चरण- 6 मई- 51 सीटें-* बिहार 5, जम्मू कश्मीर 2, झारखंड 4, मध्यप्रदेश 7, राजस्थान 12, उत्तर प्रदेश 14, पश्चिम बंगाल 7 *छठवां चरण- 12 मई- 59 सीटें-* बिहार 8, हरियाणा 10, झारखंड 4, मध्यप्रदेश 8, उत्तर प्रदेश 14, पश्चिम बंगाल 8, दिल्ली 7 *सातवां चरण- 19 मई- 59 सीटें-* बिहार 8, झारखंड 3, मध्यप्रदेश 8, पंजाब 13, चंडीगढ़ 1, पश्चिम बंगाल 9, हिमाचल 4

बिहार में होगें लोकसभा वार निम्न तारीखों पर मतदान : पहला चरण 11 अप्रैल :- नवादा,औरंगाबाद, जमुई, गया। दूसरा चरण 18 अप्रैल :- किशनगंज, कटिहार, पूर्णिया, भागलपुर, बांका। तीसरा चरण 23 अप्रैल :- झंझारपुर, सुपौल, अररिया, मधेपुरा , खगड़िया। चौथा चरण 29 अप्रैल :- दरभंगा, उजियारपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, मुंगेर। पांचवा चरण 6 मई :- सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सारण और हाजीपुर। छठा चरण 12 मई :- वाल्मीकिनगर , पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, वैशाली, महराजगंज, सिवान और गोपालगंज। सातवाँ चरण 19 मई :- नालंदा, पटना साहिब, पाटलिपुत्र, आरा, बक्सर, सासाराम ,काराकाट, जहानाबाद।

*चुनाव आचार संहिता (आदर्श आचार संहिता/आचार संहिता) का मतलब है चुनाव आयोग के वे निर्देश जिनका पालन चुनाव खत्म होने तक हर पार्टी और उसके उम्मीदवार को करना होता है।* अगर कोई उम्मीदवार इन नियमों का पालन नहीं करता तो चुनाव आयोग उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकता है, उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है, उम्मीदवार के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज हो सकती है और दोषी पाए जाने पर उसे जेल भी जाना पड़ सकता है। राज्यों में चुनाव की तारीखों के एलान के साथ ही वहां चुनाव आचार संहिता भी लागू हो जाती हैं। चुनाव आचार संहिता के लागू होते ही प्रदेश सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग जाते हैं। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन जाते हैं। वे आयोग के मातहत रहकर उसके दिशा-निर्देश पर काम करेंते हैं। इसलिए आदर्श आचार संहिता के लागू होते ही मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, दिल्ली और मिजोरम में सरकार और प्रशासन पर कई अंकुश लग गए हैं। सरकारी कर्मचारी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक निर्वाचन आयोग के कर्मचारी बन गए हैं। वे आयोग के मातहत रहकर उसके दिशा-निर्देश पर काम करेंगे। मुख्यमंत्री या मंत्री अब न तो कोई घोषणा कर सकेंगे, न शिलान्यास, लोकार्पण या भूमिपूजन। सरकारी खर्च से ऐसा आयोजन नहीं होगा, जिससे किसी भी दल विशेष को लाभ पहुंचता हो। राजनीतिक दलों के आचरण और क्रियाकलापों पर नजर रखने के लिए चुनाव आयोग पर्यवेक्षक नियुक्त करता है। आचार संहिता के लागू होने पर क्या हो सकता है और क्या नहीं, इसके ‍विभिन्न पहलुओं की सामान्य जानकारी संक्षिप्त में उपलब्ध कराई जा रही है।

10-Mar-2019 11:50

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