27-Dec-2019 02:28

महामना की दूरदर्शिता का कायल है पूरा विश्व:- प्रो.चतुर्भुज नाथ तिवारी

आर. के नेत्रालय वाराणसी में मालवीय जयन्ती के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों द्वारा किया गया विचार गोष्ठी का आयोजन

भारत रत्न पंडित महामना मदन मोहन मालवीय की आज जयंती है। मदन मोहन मालवीय का जन्म 25 दिसंबर 1861 को प्रयागराज (इलाहाबाद) में हुआ था। महामना की दूरदर्शिता का कायल पूरा विश्व है। भारत रत्न महामना मदन मोहन मालवीय की दूररदर्शिता का साक्षात प्रमाण काशी हिंदू विश्वविद्यालय है। महामना और उनके बाद उन महापुरुषों की अथक मेहनत का ही परिणाम है कि दुनिया के कोने-कोने में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र इसका नाम रोशन कर रहे हैं। बीएचयू भारत की विरासत है। मालवीय जी ने 100 साल पहले जो बीज बोया था, आज उसका फल देश को ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया को मिल रहा है।ये विचार व्यक्त किया महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के विधि संकाय के हेड एवं चीफ प्राक्टर प्रो.चतुर्भुज नाथ तिवारी ने।

मौका था,मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के तत्वावधान में आर. के नेत्रालय वाराणसी द्वारा आयोजित विचार गोष्ठी एवं नेत्र चिकित्सा शिविर के आयोजन का।गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए श्री श्री गोपाल मंदिर के श्री महन्त श्री श्री श्याम मनोहर जी ने कहा कि महामना ने विश्व विद्यालय के निर्माण के लिए निजाम की जूती नीलाम कर पैसा जुटाया। उन्होंने कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय के निर्माण के समय मालवीय दान के लिए हैदराबाद के निजाम के पास गए तो, निजाम ने चंदा देने से साफ इनकार कर दिया, लेकिन पंडित मालवीय माने नहीं और चंदे की मांग पर अड़े रहे। निजाम ने कहा कि उनके पास चंदे में देने के लिए सिर्फ उनकी जूती है। मालवीय निजाम की चप्पल उठाकर ले गए और नीलाम कर दी और उससे भी पैसा जुटा लिया।

उन्होंने मालवीय जी के जीवन वृत्त पर प्रकाश डालते हुए कहा कि महामना का अर्थ ये होता है कि वो दुनिया में चाहे जितना भी भलाई का काम करे, लेकिन उसे कम ही समझे।और उससे भी बड़ा भलाई का काम करने के लिए दृढता से लग जाये।इसीलिए मालवीय जी को महामना की उपाधि से विभूषित किया गया।कार्यक्रम के संयोजक जाने माने नेत्र चिकित्सक डा.आर. के ओझा ने कहा कि मालवीय जी के विश्वविद्यालय में पढ़ने से जो उर्जा एवं प्रेरणा मिली है, उसी के कारण आज हम दीनःदुखियों के लिए कुछ काम कर पा रहे हैं।उन्होंने उपस्थित जन समुदाय से कहा कि आपने हमें सेवा का अवसर प्रदान करके मालवीय जी के आशीर्वाद प्राप्त करने का अधिकार दे दिया।कार्यक्रम में विचार व्यक्त करते हुए बैंक आफ बड़ौदा के मैनेजर श्री मिथिलेश पाण्डेय ने कहा कि गरीबों की सेवा करके आर. के नेत्रालय एवं मातृभूमि सेवा ट्रस्ट ने सच्चे अर्थों में महामना की सोच के अनुरूप कार्य किया है।श्री संजय ओझा ने कहा कि महामना के उद्देश्यों को जानने के बाद हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।धन्यबाद आर.के नेत्रालय के मैनेजर श्री प्रवीण नागर एवं संचालन मातृभूमि सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री संजय कुमार सिंह ने किया।आज मातृभूमि सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित शिविर में शहाबगंज चन्दौली क्षेत्र के 6 मरीजों के मोतियाबिंद का आपरेशन एवं लेन्स प्रत्यारोपण भी किया गया।

कुल 197 मरीजों ने आज शिविर में अपना रजिस्ट्रेशन कराया।आज शिविर में गरीबों को दवा और चश्मे के साथ साथ कम्बल का भी वितरण किया गया।कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डा.अतुल शाहू,डा.वन्दना, डा.राहुल प्रधान, डा.अरविंद, डा.स्मृति, डा.इन्शा आफताब, श्री रमेश श्रीवास्तव, श्री आर.के सिंह, संदीप, ममता, निर्जला, बबलू मु.अफरोज,बिनोद कुमार मौर्य, सुमन्त कुमार मौर्य इत्यादि लोग उपस्थित थे।

27-Dec-2019 02:28

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