17-Apr-2018 06:56

मॉडलिंग और फैशन की दुनिया में राज कर रहे हैं स्वराज वर्मा

    आज बादलों ने फिर साज़िश की     जहाँ मेरा घर था वहीं बारिश की     अगर फलक को जिद है ,बिजलियाँ गिराने की     तो हमें भी ज़िद है ,वहीं पर आशियाँ बनाने की

बिहार के मुजफ्फरपुर शहर के रहने वाले स्वराज वर्मा ने टैलेंट हंट शो मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड में भले ही मिस्टर बॉलीवुड का ताज अपने नाम कर लिया हो लेकिन उनके बड़े सपने अभी पूरे होने बाकी है। स्वराज के पिता ए.के:वर्मा रेलवे में वरीय अधिकारी थे और अपने पुत्र को भी बड़े अधिकारी के तौर पर देखने की ख्वाहिश रखते थे ।वर्ष 2000 में स्वराज ने ऋतिक रौशन की फिल्म कहो ना प्यार है देखी और उन्हें ऋतिक के साथ ही मॉडलिंग और एक्टिंग की दुनिया से प्यार हो गया। इसके बाद स्वराज ने स्कूल और कॉलेज में आयोजित कई मॉडलिंग शो में शिरकत की ।         12 वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद आंखो में बड़े सपने लिये स्वराज दिल्ली आ गये जहां उन्होंने बीबीए की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह आइटी संस्थान से जुड़ गये।स्वराज के दिल में कुछ कर गुजरने की ख्वाहिश थी। वह मॉडलिंग की दुनिया में अपनी पहचान बनाना चाहते थे ।         जिंदगी में कुछ पाना हो तो खुद पर ऐतबार रखना         सोच पक्की और क़दमों में रफ़्तार रखना         कामयाबी मिल जाएगी एक दिन निश्चित ही तुम्हें         बस खुद को आगे बढ़ने के लिए तैयार रखना।         स्वराज ने मॉडलिंग शो में हिस्सा लेना शुरू कर दिया ।स्वराज की मेहनत रंग लायी और उन्हें दिल्ली एनसीआर के खिताब से नवाजा गया । इसके बाद स्वराज ने मिस्टर इंडिया नार्थ 2016 में हिस्सा लिया जिसमें वह सेकेंड रनर अप चुने गये। स्वराज शो के विजेता नही बन सके लेकिन उन्होंने हिम्मत नही हारी। स्वराज का मानना है कि     परेशानियों से भागना आसान होता है     हर मुश्किल ज़िन्दगी में एक इम्तिहान होता है     हिम्मत हारने वाले को कुछ नहीं मिलता ज़िंदगी में और मुश्किलों से लड़ने वाले के क़दमों में ही तो जहाँ होता है। जल्द ही स्वराज को प्रिंट एड शूट करने का अवसर मिलने लगा और उन्होंने अमेजन , फिल्फकार्ट के लिये प्रिंट सूट भी किया।          खोल दे पंख मेरे, कहता है परिंदा, अभी और उड़ान बाकी है,         जमीं नहीं है मंजिल मेरी, अभी पूरा आसमान बाकी है,         लहरों की ख़ामोशी को समंदर की बेबसी मत समझ ऐ नादाँ,        जितनी गहराई अन्दर है, बाहर उतना तूफ़ान बाकी है…           मिलिंद शोमन ,जॉन अब्राहम और अर्जुन रामपाल को मॉडलिंग गुरू मानने वाले स्वराज ने बताया कि पिछले वर्ष  सोशल नेटवर्किग साइट फेसबुक के जरिये पता चला कि बिहार की राजधानी पटना में मिस्टर एंड मिस बॉलीवुड का आयोजन किया जा रहा है। स्वराज इस बात को लेकर बेहद खुश हुये कि बिहार में टैबलेट मीडिया की ओर से इतने बड़े स्तर पर शो का आयोजन किया जा रहा है। कहते हैं अगर किसी चीज को दिल से चाहो, तो पूरी कायनात उसे तुमसे मिलाने की साजिश में लग जाती हैं। स्वराज ने इस शो में हिस्सा लिया और वह शो के विजेता बन गये।       स्वराज वर्मा ने बताया कि वह टैबलेट मीडिया के चेयरमैन मानस कुमार का शुक्रिया अदा करना चाहते हैं जिन्होंने बिहारी की पावन धरती पर इतने बड़े शो का आयोजन किया। उन्होंने बताया उनकी ख्वाहिश शुरू से ही बॉलीवुड फिल्मों में काम करने की है और इस शो में विजेता बनने के बाद जल्द ही उनकी ये हसरत भी पूरी होने वाली है। स्वराज वर्मा ने मिस्टर बॉलीवुड का खिताब बिहार की जनता को समर्पित किया है।              रख हौसला वो मन्ज़र भी आएगा,         प्यासे के पास चल के समंदर भी आयेगा;         थक कर ना बैठ ऐ मंज़िल के मुसाफिर,         मंज़िल भी मिलेगी और मिलने का मजा भी आयेगा। अब स्वराज वर्मा की वेबसाइट डब्लूडब्लूडब्लूस्वराजवर्माडॉटइन भी सबके नजरें  इनायत हो गयी है। स्वराज वर्मा के सपने यूं ही पूरे नही हुये , यह उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है।मुश्किलों से भाग जाना आसान होता है, हर पहलू ज़िन्दगी का इम्तेहान होता है। डरने वालो को मिलता नहीं कुछ ज़िन्दगी में, लड़ने वालो के कदमो में जहां होता है। स्वराज वर्मा की वेबसाइट को स्पीड टेक सोल्यूशन प्रा लिमिटेड ने बनायी है। स्वराज नेबताया कि कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री नितेश कुमार ने उन्हें फोन किया औरजीत की बधाई दी और मेरी वेबसाइट बनाने की बात कही। मैं उनका शुक्रिया अदा करना चाहूंगा कि मुझे इस काबिल समझा गया। मैं खास तौर पर वेबसाइट डिजाइन करने वाले श्री हर्षवर्धन और मेरे लिये कंटेट तैयार करने वाले राज किशोर जी का आभार प्रकट करना चाहूंगा।         स्वराज वर्मा आज मॉडलिंग-फैशन और अभिनय की दुनिया में कामयाबी की बुलंदियों पर है। स्वराज अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते है जिन्हें हर कदम उन्हें सपोर्ट किया है। स्वराज अपनी सफलता का मूल मंत्र इन पंक्तियों में समेटे हुये हैं। स्वराज का मानना है कि कामयाबी के सफ़र में मुश्किलें तो आएँगी ही         परेशानियाँ दिखाकर तुमको तो डराएंगी ही,         चलते रहना कि कदम रुकने ना पायें         अरे मंजिल तो मंजिल ही है एक दिन तो आएगी ही।

17-Apr-2018 06:56

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