19-Jun-2019 12:10

वैशाली जिला प्रशासन को नचा रहे R C P सिंह, योजनाओं पर कमिशन बाँट कर लेते हैं

योजनाओं में घोटालों के लिए फोन पर देते हैं मार्गदर्शन तभी जिला एवं प्रखंड में पदस्थापना।

हद हो चली हैं प्रकृति की मार और देखा देखी वैशाली जिले को भी भगवान और प्रकृति को अपराधी बनाने का मौका मिल गया। जिले में भीषण गर्मी एव लू के मद्देनजर जिला प्रसाशन ने जिले भर में निषेधाज्ञा धारा 144 लागू कर दिया। सभी शैक्षणिक संस्थाओं को 23 जून तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया। जिला पदाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया, कि पूरे जिले में सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक किसी भी प्रकार के सरकारी और गैर सरकारी कार्य जिसमें मजदूर कार्य करते है वो बंद रहेगा। साथ ही 11 बजे सुबह से शाम चार बजे तक हाजीपुर शहर सहित जिले भर के सभी बाजार, दुकान और व्यापारिक संस्थान बंद रहेंगे। इस प्रतिबंध से आपातकालीन आवश्यकता वाली दुकाने प्रतिबंध से बाहर रहेंगी। किसी भी सांस्कृतिक और जनजागरण कार्यक्रम 11 बजे से चार बजे तक खुले स्थानों पर प्रायोजित नहींं होगा। जिले के सभी शिक्षण संस्थान, महाविद्यालय, सरकारी और गैर - सरकारी, कोचिंग संस्थान और आंगनबाड़ी केंद्र 25 जून तक रहेंगे बंद।

चलिए आज वह कदम उठाया गया जिसकी जरूरत थी पर होती नहीं, अगर यहीं नौकरशाह और राजनेता व जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर लेतें। आज पुला देश प्राकृतिक आपदा से संकट महसूस कर रहा है, पर ऐसा कोई सरकार नहीं है जो सरकारों के कामों की समीक्षा कर उससे सबंधित सभी लोगों को राष्ट्रद्रोही के रूप में सजा देता। आज जो आतंक मचा पड़ा हैं उसके लिए सिर्फ़ और सिर्फ़ पिछले 20 वर्षों की सरकारों का ही देन हैं। चाहे वो सरकारें राज्यों की रही हो या केंद्रीय सरकारें। भारत सरकार के सन् 2000 से 2019 तक का कार्यकाल चोरी और डकैती युक्त रही हैं। योजनाओं को धरातल पर उतारने में किसी केन्द्र सरकार ने दिलचस्पी नहीं दिखाई तो वहीं भारत में जहाँ गर्मी ने जीवन अस्त-व्यस्त कर रखा हैं वो सलकारों ने लूट मचाकर आज के इस धारा 144 तक का सफ़र तय किया है।

सर्वविदित है कि भारत सरकार एवं राज्य सरकारों द्वारा लगातार पंचायतों के मुखिया के माध्यम से पेड़ लगाने का काम किया हैं। प्रत्येक पंचायतों में लगभग 3-4 करोड़ रुपये पेड़ लगाने और संरक्षण के नाम पर लगाये गये। अगर वो पेड़ आज अगर पंचायतों में होते तो शायद यह स्थिति सामने नहीं आती। पिछले 20 सालों में विकास के नाम पर सड़कों का विकास राष्ट्रीय राज्यमार्ग के रूप में किया गया, लेकिन पेड़ कहाँ लगे। जबकि योजनाओं की कमी राज्यमार्ग बनाने से ज्यादा ही थें। राज्यों द्वारा जो भी स्टेट मार्ग बनाये गये, उसके सिर्फ़ पेड़ काट लिये गये और अधिकारियों के अपने और नेताओं के घर सजाने के काम में ही आयें। 20 वर्षों में जब से अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार आई कृषि को ग्रहण वहीं से लग गया। यूँ कहा जाए तो 21 सदी की शुरुआत ही गलत सरकार की गलत नीतियों के साथ ही शुरु हुआ। यह बातें बहुत कड़वी सच्चाई है जिसे हजम करना बहुत मुश्किल मालूम पड़ता हैं। लेकिन हकीकत यही है कि 21 सदीं में भारत के लगातार सरकार घोटाले और अपराधियों से युक्त रहा है, चाहे केंद्रीय सरकार हो या राज्यों की सरकारें। और वहीं सरकारें धीरे धीरे अपने आप अपराध के चरम तक पहुँचकर सत्ताभोगी सरकार के साथ लोकतांत्रिक मूल्यों को समाप्त करते हुए व्यक्तिवादी और पुँजीवादी सरकार का गठबंधन करा कर चला रही हैं।

आज जो स्थिति नज़र आ रही हैं वह और बदलने वाला है और अगले चंद सालों में पीने योग्य पानी की लड़ाई शुरू होगी। अत्याधुनिक मशीनों से जो पानी हम ले रहे हैं स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। वहीं बिहार सरकार जो नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही हैं, गठबंधन एक बड़े झुठे नेतृत्व के साथ चल रही हैं। नीतीश कुमार के सात निश्चय योजना में हर घर नल जल योजना की दुर्गति विधानसभा चुनाव और पंचायती राज चुनाव तक सामने आ जाएगी। जो नल जल योजनाओं के मोटर, पाईप या पाईप लाईन बिछाने का काम हो रहा है वह एक दो साल से ज्यादा चलने वाले नहीं है। वहीं जो शिकायतें दर्ज जिलाधिकारी या प्रखंड विकास पदाधिकारी तक जा रही हैं, उन पर सुनवाई के लिए कोई तैयार नहीं है। सुनने में आ रहा है कि जनता दल ( यू ) के माननीय राज्यसभा सांसद R C P Singh के संरक्षण में वार्ड सदस्य काम कर रहे हैं। वार्ड सदस्य माननीय राज्यसभा सांसद के दरबार में जाकर चढ़ावा चढ़ाकर जिलाधिकारी को धमकवाते हैं। यह हमारे आदमी हैं और इस वार्ड क्षेत्र की जाँच नहीं होनी चाहिये। वार्ड सदस्य गाँव में सीना ताने गाँव के लोगों पर हुकूमत चलाने का प्रयास करते हैं। लेकिन जो संकट आज प्रकृति के गर्मी की मार का हैं वहीं मार जल यानी पानी के लिए आगामी विधानसभा चुनाव से पहले देखने को मिल जाएगा। शायद नीतीश कुमार ने जो सोच़कर वार्ड सदस्यों को शक्ति दी थी कि गाँव को वार्ड स्तर पर मजबूत कर वार्ड सदस्यों के माध्यम से ही जनता दल ( यू ) को मजबूत कर लेगेंं और नीतीश कुमार पर जो विश्वास बिहार की जनता का हैं वह यथावत रहते हुए मजबूत होगा, पर जनता दल ( यू ) के माननीय राज्यसभा सांसद R C P Singh के संरक्षण से नीतीश कुमार का सपना सपना ही रह जाएगा और नीतीश कुमार को डुबोकर भाजपा के साथ एक कदम आगे बढ़ाने के लिए तैयार हो रहे हैं।

19-Jun-2019 12:10

भारत_दर्शन मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology