29-Mar-2020 07:11

70 साल में कुछ नहीं और सत्ता हासिल, अब इटली दुसरे नंबर स्वास्थ्य संकट में, तो हमारी औकात क्या ?

राज्यों व केन्द्रीय सरकार की गलत नीतियों के कारण डाक्टरों को ही चिकित्सा से संबंधित उपयोगी सामग्री नहीं उपलब्ध

भारतीय राजनीति को समझने में जिनको भी दिक्कत हो रही हैं वह आज समय निकाल कर सड़कों पर उतरे। भारत सरकार का एक व्यक्ति में समाहित होने का परिचय आपको आम आदमी देंगा। खैर आम आदमी तक पहुंच की क्षमता वर्तमान सरकार की क्षमता तो दूर सोच़ में भी नहीं दिखाई देता है। जिसका परिणाम यह है कि आज पुरी दुनिया एक भयंकर महामारी से निपटने में लगा है और वह लगातार प्रयास कर रहे हैं ताकि उनकी जनता को यथा उचित लाभ हो सकें। लेकिन भारत की कहानी कुछ नहीं बहुत अलग नज़र आ रही हैं। जहां दुनिया महामारी पर जीत के लिए काम कर रही हैं वहीं भारत के नेतृत्व को राज्यों में सरकार बनाने वाले हथकंडे में व्यस्त पा रहे हैं। भारतीय राजनीति में सदनों का प्रथम स्थान प्राप्त होता हैं। परंतु अगर धरातल पर देखें तो यह भूमिका भारत सरकार अपने कंधों पर उठाने को तैयार नहीं हैं। भारत सरकार जिनके नेतृत्व में आज संचालित है वह सिर्फ भाषणों में ही अपनी उपलब्धियों को आंकते हैं। 

आज भारत सरकार की भूमिका पर गौर करें तो हम पाएंगे कि वह राज्य की सरकारों को बनाने या उसकी छवि खराब करने में ही सारी ताकत लगा रही हैं। भारत की जनता को सभ्यता, संस्कृति से दूर कर मानवीय मूल्यों को आपस में टकरा कर तोड़ देना चाहती हैं। भारत सरकार आम आदमी के दिन-रात मेहनत से कमाएं पैसे से होता है। लेकिन वर्तमान सरकार को यह विश्वास नहीं है कि आम आदमी कुछ लायक भी है इस देश में। किसी भी प्रकार से आम आदमी के प्रति सरकार की जिम्मेदारी या उसकी भूमिका नज़र नहीं आती हैं। लगातार बढ़ रही आपदा को देखते हुए देश के तमाम बुद्धिजीवी वर्ग आगे बढ़कर सामाजिक दायित्व निभा रहे हैं। लाखों करोड़ रुपए भारत सरकार के कोश का प्रयोग राजनीतिक ब्यानवाजी और प्रचार-प्रसार में किया जाता रहा है और आज भी प्रचार-प्रसार में ही पैसे खर्च किए जा रहे हैं।

हम कितने तैयार कि आज डाक्टरों की सुरक्षा भी ख़तरे में है। इस संबंध में कई डाॅक्टरों से बातचीत हुई तो पता चला कि आम आदमी तो बहुत दूर की बात है। डाॅक्टर के लिए सरकार तैयार ही नहीं है। इतनी भागम भाग और डॉक्टरों के एक बड़ी जिम्मेवारी है इसके बावजूद डॉक्टरों ने अपना सामान्य जीवन जीना अभी छोड़ दिया है लगातार दिन रात एक कर आम आदमी की सेवा में लगे हुए हैं एक डॉक्टर साहब कहते हैं कि बहुत गर्व महसूस होता है जब कोई मरीज को चिकित्सकीय सेवा मिलता है तो वाह मरीज दिल से दुआ दे कर जाता है हम डॉक्टरों ने जो भी प्रयास किया है वह अपने जीवन को दांव पर लगाकर किया है और यह मेरा धर्म है और मैं लगातार अपने धर्म अपने कर्म को निभाऊंगा और साथ ही निभाता रहूंगा।

आज उन चिकित्सक की वजह से आम लोगों को कुछ मदद मिल रही हैं जिनकी इज्जत उतारने में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोई कसर नहीं छोड़ी थीं। आज भारतीय राजनीति के सबसे बड़े राजनीतिक चाणक्य समझने वाले नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने आम जीवन को मौत के मुंह में खड़ा कर छोड़ दिया है। डाक्टर की जान की बाजी लगाकर आम लोगों को मदद करने की सोच़ ने भारत में कोरोना वायरस को फैलने से बचाकर रखा हुआ है। भारत सरकार के गलत निर्णय के कारण करोड़ों लोगों को आज एक वक्त का भोजन तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। आने वाले समय में कोरोना वायरस का प्रकोप और भयावह हो सकती हैं, इसके लिए भारत को तैयार रहते की जरूरत है। परंतु तैयारी तभी संभव है जब भारत के चिकित्सक को चिकित्सकीय उपकरण उपलब्ध कराई जाए। जिसके बाद डाक्टरों के सुझाव के अनुसार दवा और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

29-Mar-2020 07:11

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