12-Dec-2019 10:03

तेजस्वी यादव एक कुशल संघर्षशील जन नेता हैं - फ़ैज खान

राष्ट्रीय जनता दल बिहार के यूवा नेता फैज खान ने कहा कि तेजस्वी यादव-30 साल का एक नौजवान राजनेता जिनकी सोच,समझ,संघर्षशीलता बेमिशाल है....

तेजस्वी यादव-"यथा नाम,तथा काम"।तेजस्वी यादव जी का जैसा नाम है वैसा ही काम है।ऐसा बहुत कम होता है कि कोई व्यक्ति अपने नाम के अनुरूप काम करता हो लेकिन तेजस्वी यादव जी के साथ यह बात शत-प्रतिशत सत्य हो रही है कि राजनीति में तेजस्वी सचमुच में तेजस्वी हैं। महज 30 साल की उम्र में तेजस्वी यादव जी गोलवरकर व अम्बेडकर, गोंड़से व मण्डल पर बहस कर रहे हैं और बिहार एवं पूरे देश में CAB और NRC बिल का विरोध कर रहे हैं एवं सड़कों पर इस विरोध का नेतृत्व कर रहे हैं। तमिलनाडु मॉडलानुसार 69 प्रतिशत आरक्षण की वकालत कर रहे हैं।सेक्युलरिज्म को अपना आदर्श मानकर कार्य कर रहे हैं।मण्डल कमीशन की सिफारिशों को समझ रहे हैं और यह कह रहे हैं कि अभी 5 प्रतिशत ही मण्डल लागू हुआ है,शेष लागू किया जाना है।ये सब बातें बहुत मझे हुए राजनेताओं को या तो मालूम नही है या मालूम है तो कहने की हिम्मत नही है लेकिन गजब की हिम्मत है इस तेजस्वी में जो इन बातों को ललकार कर,दहाड़ कर बोल रहा है।

लालू प्रसाद यादव जी जब 1990 के दशक में मुख्यमंत्री बने तो वे भी मुख्यमंत्री बनते ही सोशल जस्टिश व सेक्युलरिज्म के प्रमुख समर्थकों में शुमार होने लगे।लालू जी ने सेक्युलरिज्म के लिए आडवाणी जी के रथ के पहिया को बिहार में जाम कर दिया और उन्हें जेल में डाल दिया,दंगो की राजनीति को रोक दिया जबकि सोशल जस्टिश के लिए लालू जी सड़क से संसद तक,वोट क्लब से सुप्रीम कोर्ट तक लड़े और उसे अंजाम तक ले गए।लालू जी ने जीवन मे कभी झुकना पसन्द नही किया जिसका वे आज खामियाजा भुगत रहे हैं।लालू जी को इस बात की कोई परवाह नही है कि उन्हें देश के वंचित/बेजुबान लोगो की वकालत के कारण सीबीआई के जरिए नाहक प्रताड़ित किया जा रहा है।लालू जी अनवरत संघर्षरत हैं अपने वर्गीय हित के लिए,चाहे उसके कारण जो भी अंजाम भुगतना पड़े।

लालू जी की विरासत को सच मे तेजस्वी यादव जी ने संविधान विरोधी CAB और NRC बिल के विरोध में सरकार पर हमला बोलकर मोर्चा संभाल लिया है।लायक बाप के लायक सुपुत्र की बात को चरितार्थ करते हुये तेजस्वी यादव जी लालू जी की सामाजिक न्याय व साम्प्रदायिक सद्भावना की मशाल को तेजस्वी रूप देने को अग्रसर हैं। तेजस्वी यादव जी को 30 साल की अल्पायु में विधायक,मंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष बन जाने के बाद अब बिहार की राजनीति में एक ही पद "मुख्यमंत्री" का ग्रहण करना शेष रह गया है जो इस बार 2020 बिहार विधानसभा चुनाव के बाद पूर्ण हो जायेगा।यह यूँ ही नही है।तेजस्वी ने जिस तेजस्विता के साथ बिहार की सड़कों को गरमाया है,कार्यकर्ताओ के साथ इंकलाब- जिंदाबाद का नारा लगाया है, नोटबन्दी, GST, आरक्षण बढाओ-देश बचाओ,बालिका गृह काण्ड,सृजन घोटाला,CAB और NRC एवं बहुत सारे जनहित के मुद्दों को बिहार विधान सभा से लेकर सड़कों तक उठाया है और भारतीय जनता पार्टी एवं अवसरवादी पलटू राम को ललकारते हुए जिस तरह से टाल ठोकी हैं ये बिहार और पूरे देश में एक मिशाल कायम करेगा और मनुवादियो को बिहार और हसितनापुर की गद्दी से उखाड़ फेंकेगा।

तेजस्वी यादव ! सामाजिक न्याय के प्रतिभावान पहरुआ हैं जिनके मन,कर्म एवं वचन में कोई फर्क नही है।तेजस्वी यादव जी की सम्पूर्ण राजनीति छल,दम्भ से इतर स्वच्छ और तथ्यपूर्ण है।अब तक के उनके सामाजिक/राजनैतिक योगदान को देखते हुये मैं ऐसी उम्मीद करता हूँ कि वे सामाजिक समता के लिए जीवन भर संघर्षरत रहेंगे।हम प्रबल उम्मीद करते हैं कि तेजस्वी यादव जी सामाजिक न्याय व धर्मनिरपेक्षता के लिये ताजिंदगी लगे रहेंगे।भाई तेजस्वी यादव आप आगे बढ़े पूरा बिहार आपके साथ हैं!!

12-Dec-2019 10:03

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