11-Dec-2019 10:45

महामहिम राज्‍यपाल के द्वारा पूर्वोत्तर भारत के सबसे बड़े सांस्‍कृतिक उत्‍सव ‘ऑक्‍टेव 2019’ का उद्घाटन

पीएम मोदी के ‘एक भारत – श्रेष्‍ठ भारत’ की मुहीम के तहत सराहनीय है यह आयोजन : प्रमोद कुमार

पटना, 11 दिसंबर 2019 : पूर्वी क्षेत्र सांस्‍कृतिक केंद्र कोलकाता संस्‍कृति मंत्रालय, भारत सरकार और कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार द्वारा प्रस्‍तुत उत्तर पूर्वी भारत के राज्‍यों की कला और संस्‍कृति के सबसे बड़े उत्‍सव ‘ऑक्‍टेव 2019’ का आगाज 12 दिसंबर से बापू सभागार, पटना में होगा, जिसका उद्घाटन श्री फागू चौहान, महामहिम राज्‍यपाल, बिहार करेंगे। इस मौके पर मुख्‍य श्री सुशील कुमार मोदी, माननीय उपमुख्‍यमंत्री बिहार होंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्‍यक्षता खुद श्री प्रमोद कुमार, माननीय मंत्री कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार करेंगे। यह आयोजन 14 दिसंबर तक चलेगा।

उक्‍त जानकारी आज कला, संस्‍कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के मंत्री श्री प्रमोद कुमार ने अपने कार्यालय में आयोजित संवददाता सम्‍मेलने के दौरान दी। इस मौके पर उन्‍होंने मुख्‍यमंत्री श्री नीतीश कुमार और उप मुख्‍यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी और प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी व केंद्रीय कला संस्‍कृति मंत्री का आभार भी व्‍यक्‍त किया। उन्‍होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश में ‘एक भारत – श्रेष्‍ठ भारत’ की मुहीम चलाई है, जिसके तहत बिहार की ऐतिहासिक धरती पर यह आयोजन सराहनीय है। इस आयोजन के तहत प्रदेश की जनता को पूर्वोत्तर भारत की कला, संस्‍कृति, रहन – सहन, खान – पान, वेश – भूषा आदि अपने राज्‍य में करीब से जानने का मौका मिलेगा। यह हमें गौरवान्वित करता है। इसलिए हम बिहार सरकार की ओर से मा. सांसद, विधान मंडल सदस्‍य समेत समस्‍त कला प्रेमियों को आमंत्रित करते हैं। प्रवेश नि:शुल्‍क है।

वहीं, संवाददाता सम्‍मेलन को पूर्व क्षेत्र सांस्‍कृतिक केंद्र, कोलकाता के निदेशक गौरी बसु ने भी संबोधित किया और ‘ऑक्‍टेव 2019’ के बारे में विस्‍तार से जानकारी दी। उन्‍होंने बताया कि उत्तर-पूर्व की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को अभिव्यक्त करनेवाला एक खूबसूरत त्योहार है, जिसे 2006 में शुरू किया गया था। ऑक्टेव पूर्वोत्तर, देश के अन्य हिस्सों के लोगों के बीच इस क्षेत्र के शानदार और सामंजस्यपूर्ण सौंदर्य के बारे में बेहतर रूप से समझ विकसित करता है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा के अष्टकोणीय गठन की अपनी अलग सांस्कृतिक परंपरा और स्थलाकृति है।

उन्‍होंने कहा कि हाल में अपने मूल के माध्यम से ऑक्टेव अब देश के सांस्कृतिक कैलेंडर में एक प्रमुख कार्यक्रम बन गया है। जनसांख्यिकी, सांस्कृतिक और भाषाई रूप से नॉर्थ ईस्ट के अस्तित्व वाले संस्कृतियों के सुंदर सम्मेलन का आदर्श उदाहरण है। यह महोत्सव उत्तर-पूर्व शास्त्रीय नृत्य रूपों, दृश्यकला और हस्तशिल्प की लोक जनजातीय परंपराओं को प्रदर्शित करेगा। भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों के रंगीन त्योहार और उत्सव लोगों की आशा, खुशी, सपने और आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति है। इस बार इसका आयोजन बिहार की ऐतिहासिक राजधानी पटना में हो रही है, जिसमें मुख्‍य आकर्षण फैशन शो, रॉक बैंड, कोरियोग्राफी डांस, पूर्वोत्तर भारत का खाद्य पदार्थ, शिल्‍प प्रदर्शनी और बिक्री होगा। संवददाता सम्‍मेलन में कला संस्‍कृति एवं युवा विभाग बिहार सरकार के प्रधान सचिव रवि परमार, अपर सचिव दीपक आनंद, पूर्व क्षेत्र सांस्‍कृतिक केंद्र, कोलकाता के डिप्टी डायरेक्टर तापस समन्त्रे और विनोद अनुपम भी मौजूद रहे।

11-Dec-2019 10:45

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