28-Mar-2020 08:23

शिक्षकों की हड़ताल पर अविलंब फैसला ले राज्य सरकार

हड़ताली शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान रोकना अमानवीय

हड़ताली शिक्षकों की अनदेखी उचित नही 🔹 कोरोना महामारी के खिलाफ वालिंटयरी को हड़ताली शिक्षक तैयार 🔹 हड़ताली शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान रोकना अमानवीय 🔹मीडियाकर्मियों सफाईकर्मियों समेत जरूरी सेवा से जुड़े तमाम कर्मियों को प्रोत्साहन राशि दे सरकार 🔹 हड़ताल की अनदेखी पर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से लगाई गुहार 🔹 सरकारी विद्यालयों में बने नियंत्रणकक्षों को मुहैय्या हो मॉस्क और सेनेटाईजर 🔹 मांगों पर शिक्षक हड़ताल जारी - कोरोना आपदा में शिक्षक सरकार के हर कदम के साथ

वैशाली/ 26 मार्च दिन बृहस्पतिवार 2020/ सार्वजनिक शिक्षा के केंद्र विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता बहाल करने एवं वहां कार्यरत नियोजित शिक्षकों के सम्मानपूर्वक जीवनयापन हेतु सहायक शिक्षक- राज्यकर्मी का दर्जा एवं पूर्ण वेतनमान व सेवाशर्त की मांग पर चार लाख से भी अधिक शिक्षक विगत 17 फरवरी से ही हड़ताल पर हैं. शिक्षक संगठन बार बार राज्य सरकार से हड़ताली शिक्षकों से बात करके हड़ताल को खत्म करवाने की अपील भी कर रहे हैं. लेकिन बिहार सरकार आपदा की इस घडी में शिक्षकों की अनदेखी कर कोरोना के खिलाफ मुकम्मल तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह ही खड़े कर रही है. चरम संवेदनहीनता का प्रदर्शन करते हुए राज्य सरकार ने शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आन्दोलन कर रहे शिक्षकों पर बर्खास्तगी निलंबन प्राथमिकी की कारवाई कर रही है. शिक्षकों के लंबित वेतन तक पर रोक लगा दिया गया है. बिहार राज्य शिक्षक संघर्ष समन्वय समिति के अघ्यक्ष मंडली सदस्य सह टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ (गोपगुट) के जिलाध्यक्ष श्री प्रेमशंकर सिंह ने कहा कि एक तरफ कोरोना आपदा दूसरी तरफ सरकार की अनदेखी से शिक्षक व शिक्षक परिवारों के समक्ष जीवनमरण का संकट पैदा हो गया है.

इस परिस्थिति में भी शिक्षक कोरोना महामारी के खिलाफ वालिंटयरी को तैयार हैं. लंबित वेतन का भुगतान रोककर सरकार ने हड़ताली शिक्षकों को भूखों मरने छोड़ दिया है. हड़ताली शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान रोकना अमानवीय है. कोई भी संवेदनशील सरकार अपने कर्मियों से इस तरह से पेश नही आ सकती. राज्य सरकार को अविलंब शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान करनी चाहिए. राज्यसरकार द्वारा हड़ताल की अनदेखी पर शिक्षकों ने प्रधानमंत्री से गुहार लगाई है. सूबे के तमाम प्रखंड से हड़ताली शिक्षकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय को ईमेल भेजकर अपनी व्यथा व्यक्त की है. शिक्षक महामहिम राष्ट्रपति और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के ध्यानाकर्षण को लेकर ईमेल भेजेंगे. जब तक सरकार शिक्षकों के मसले पर अपील जारी नही करती शिक्षक हड़ताल पर बने रहने को बाध्य हैं.

अपनी मांगों पर शिक्षक हड़ताल जारी रहेगी. संगठन के जिला कोषाध्यक्ष रणविजय कुमार, जिला उपाध्यक्ष विमलेश कुमार सिंह, रणबीर पासवान, जिला सचिव संजीव कुमार, वैशाली प्रखंड अध्यक्ष मनीष कुमार, महुआ प्रखंड अध्यक्ष प्रीतम झा, राघोपुर प्रखंड सचिव मोo आजम, चेहरा कला प्रखंड कार्यकारिणी सदस्य संजीव कुमार उर्फ मन्ना डे, और, जिला महासचिव पकज कुमार, ने कहा कि शिक्षक संगठनों से अपील करके उन्हें सुरक्षित मानकों के साथ आपदाकार्य में लगाने के बजाय बिहार सरकार माननीय प्रधानमंत्री जी के कर्मचारियों कर्मियों के वेतन जारी करने सम्बन्धी अपील को भी ख़ारिज कर रही है. शिक्षकों से अपील करके सघन आपदा टीम बनाने के बदले राज्य सरकार द्वारा लगातार शिक्षकों को दण्डित करने सम्बन्धी आदेश जारी किये जा रहे हैं. मीडियाकर्मियों सफाईकर्मियों समेत जरूरी सेवा से जुड़े तमाम कर्मियों को प्रोत्साहन राशि मुहैय्या करानी चाहिए. जिन सरकारी विद्यालयों को कोरोना नियंत्रण कक्ष बनाया गया है वहां पर पर्याप्त मॉस्क व सेनेटाईजर एवं स्टीरलाईजेशन की व्यवस्था होनी चाहिए. हड़ताली शिक्षक आपदा की इस बेला में सरकार के द्वारा उठाये जा रहे जरुरी क़दमों के साथ मुस्तैदी से खड़े हैं. सरकार को भी हड़ताली शिक्षकों के मसले पर अपना पक्ष रखना चाहिए. आंदोलन के अनदेखी की स्थिति में शिक्षक हड़ताल जारी रहेगी.

28-Mar-2020 08:23

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