16-Apr-2020 06:26

20 अप्रैल से कुछ सेवाओं को छूट; बाकी पाबंदियां 3 मई तक लागू रहेंगी, क्या खुलेगा-क्या बंद

20 अप्रैल से हमारी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी ये सेवाएं और दुकानें शुरू होंगी

आज से देशभर में लॉकडाउन का दूसरा फेज शुरू हो गया। यह 3 मई तक चलेगा। इस बीच, सरकार ने बुधवार को लॉकडाउन फेज-2 के लिए नई गाइडलाइन जारी कीं। इसमें बताया गया है कि हम और आप क्या कर सकते हैं, और क्या नहीं। यानी किन बातों या सेवाओं पर छूट होगी और किन पर रोक। यह बात साफ कर दी गई है कि पाबंदियां तो अभी से लागू हैं और आगे भी लागू रहेंगी, पर कुछ सेवाओं में जो छूट मिलने वाली है, वह पांच दिन बाद यानी 20 अप्रैल से लागू होगी। लेकिन बेहद सख्त शर्तों के साथ। नियम की अनदेखी हुई तो सभी छूट खत्म की जा सकती हैं। 20 अप्रैल से हमारी रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी ये सेवाएं और दुकानें शुरू होंगी। किराना और राशन की दुकानें। फल-सब्जी के ठेले, साफ-सफाई का सामान बेचने वाली दुकानें। डेयरी और मिल्क बूथ, पोल्ट्री, मीट, मछली और चारा बेचने वाली दुकानें। इलेक्ट्रीशियन, आईटी रिपेयर्स, प्लंबर, मोटर मैकेनिक, कारपेंटर, कुरियर, डीटीएच और केबल सर्विसेस। ई-कॉमर्स कंपनियां काम शुरू कर सकेंगी। डिलीवरी के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों के लिए जरूरी मंजूरी लेनी होगी। जिला प्रशासन की यह जिम्मेदारी होगी कि वो सभी जरूरी सेवाओं की होम डिलिवरी का इंतजाम करे। ऐसा होने पर ज्यादा लोग बाहर नहीं निकलेंगे। दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी होगा।

ये बाकी सेवाएं भी 20 अप्रैल से शुरू हो सकेंगी। आईटी और इससे जुड़ी सेवाओं वाले दफ्तर। इनमें 50% से ज्यादा स्टाफ नहीं होगा। केवल सरकारी गतिविधियों के लिए काम करने वाले डेटा और कॉल सेंटर। ऑफिस और आवासीय परिसरों की प्राइवेट सिक्योरिटी और मैंटेनेंस सर्विसेस। ट्रक रिपेयर के लिए हाईवे पर दुकानें और ढाबे खुलेंगे। राज्य सरकारें की जिम्मेदारी होगी कि यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो। गांवों और खेती-किसानी से जुड़ी ये सेवाएं और उद्योग 20 अप्रैल से शुरू हो सकेंगे नगरीय निकाय की सीमा से बाहर गांवों में उद्योग शुरू किए जा सकेंगे। गांवों में ईंट भट्टों और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री में काम शुरू किया जाएगा। ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार की मंजूरी वाले कॉमन सर्विस सेंटर खुल सकेंगे। कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सर्विस शुरू होगी। फिशिंग ऑपरेशन (समुद्र और देश के अंदर) जारी रहेंगे। इसमें- मछलियों का भोजन, मेंटेनेंस, प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री हो सकेगी। हैचरी और कमर्शियल एक्वेरियम भी खुल सकेंगे। मछली और मत्स्य उत्पाद, फिश सीड, मछलियों का खाना और इस काम में लगे लोग आवाजाही कर सकेंगे। चाय, कॉफी, रबर और काजू की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग और बिक्री के लिए फिलहाल 50% मजदूर ही रहेंगे। दूध का कलेक्शन, प्रोसेसिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और ट्रांसपोर्टेशन हो सकेगा। पोल्ट्री फॉर्म समेत अन्य पशुपालन गतिविधियां चालू रहेंगी। पशुओं का खाना मसलन मक्का और सोया की मैन्युफेक्चरिंग और डिस्ट्रिब्यूशन हो सकेगा। पशु शेल्टर और गौशालाएं खुलेंगी।

मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े ये उद्योग 20 अप्रैल से शुरू हो सकेंगे। जरूरी सामान की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में काम होगा। इनमें ड्रग, फार्मा और मेडिकल डिवाइस बनाने वाली कंपनियां शामिल हैं। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाकर मनरेगा कामगार काम कर सकेंगे। ऐसी प्रोडक्शन यूनिट, जिसमें प्रोसेस को रोका नहीं जा सकता। वे शुरू हो सकेंगी। उनकी सप्लाई चेन भी शुरू हो सकेगी। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और स्पेशल इकोनॉमिक जोन, इंडस्ट्रियल टाउनशिप में स्थित कंपनियों को अपने यहां काम करने वाले स्टाफ के रुकने की व्यवस्था कंपनी परिसर में करनी होगी। अगर स्टाफ बाहर से आ रहा है तो सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए उनके आने-जाने के इंतजाम करने होंगे। आईटी हार्डवेयर बनाने वाली कंपनियों में कामकाज होगा। कोल, माइन और मिनरल प्रोडक्शन, उनके ट्रांसपोर्ट और माइनिंग के लिए जरूरी विस्फोटक की आपूर्ति जारी रहेगी। ऑयल और जूट इंडस्ट्री, पैकेजिंग मटेरियल की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को भी छूट मिलेगी। ये कंस्ट्रक्शन एक्टिविटीज 20 अप्रैल से शुरू हो सकेंगी शहरी क्षेत्र के बाहर सड़क, सिंचाई, बिल्डिंग, अक्षय ऊर्जा और सभी तरह के इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट में कंस्ट्रक्शन शुरू हो सकेगा। अगर शहरी क्षेत्र में कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट शुरू करना है तो इसके लिए मजदूर साइट पर ही उपलब्ध होने चाहिए। कोई मजदूर बाहर से नहीं लाया जाएगा।

बेफिक्र रहें : ये सेवाएं जनता कर्फ्यू से लेकर लॉकडाउन के पहले चरण तक चालू थीं, 3 मई तक भी चालू ही रहेंगी। 1. पब्लिक यूटिलिटी बैंक, एटीएम खुले रहेंगे। पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, सीएनजी, एलपीजी और पीएनजी की सप्लाई जारी रहेगी। डाक घर खुले रहेंगे, डाक सेवाएं जारी रहेंगी। कैपिटल और डेट मार्केट सेबी के निर्देशों के अनुसार काम करेगा। 2. हेल्थ अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, टेलिमेडिसिन सेवाएं चलती रहेंगी। डिस्पेंसरी, केमिस्ट, फार्मेसी, जन औषधि केंद्रों समेत सभी तरह की दवा की दुकानें और मेडिकल इक्विपमेंट की दुकानें। मेडिकल लैब और कलेक्शन सेंटर। फार्मा और मेडिकल रिसर्च लैब, कोरोना से जुड़ी रिसर्च करने वाले संस्थान। वेटरनरी अस्पताल, डिस्पेंसरी क्लिनिक, पैथोलॉजी लैब, टीकों और दवाओं की बिक्री। कोरोना रोकने के लिए जरूरी सेवाएं देने वाले सभी अधिकृत निजी संस्थान, होम केयर, डायग्नोस्टिक और अस्पतालों के लिए काम करने वाली सप्लाई चेन। दवा, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, मेडिकल ऑक्सीजन, उससे जुड़ा पैकेजिंग मटेरियल और रॉ मटेरियल बनाने वाली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट्स। एंबुलेंस समेत मेडिकल, हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण। सभी तरह की मेडिकल, वेटरनरी सेवाओं से जुड़े लोग, साइंटिस्ट, नर्सें, पैरामेडिकल स्टाफ, लैब टेक्नीशियन, मिड वाइव्स और एंबुलेंस समेत अस्पताल से जुड़ी सेवाओं को करने वाले लोगों का राज्य के अंदर और बाहर मूवमेंट जारी रहेगा। 3. ट्रांसपोर्ट सभी तरह के सामानों की आवाजाही हो सकेगी। रेलवे के जरिए सामान और पार्सल भेजे जा सकेंगे। विमानों का भी कार्गो, मदद और लोगों को निकालने के लिए इस्तेमाल हो सकेगा। बंदरगाहों से देश के अंदर और बाहर रसोई गैस, खाद्य सामग्री और मेडिकल सप्लाई हो सकेगी। सड़क के रास्ते जरूरत के सामानों को ले जाने वाले ट्रकों-गाड़ियों की आवाजाही। इसमें दो ड्राइवरों और एक हेल्पर को अनुमति मिलेगी। 4. सभी केंद्रीय कार्यालय और इससे जुड़े दफ्तर केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों के अधीन आने वाले डिपार्टमेंट्स। ऑफिसों में डिप्टी सेक्रेटरी और इससे ऊपर के अधिकारियों की 100% उपस्थिति जरूरी होगी। इससे नीचे के 33% से ज्यादा अधिकारियों और अन्य स्टाफ को जरूरत के मुताबिक ऑफिस आना होगा। सशस्त्र बल, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, आपदा प्रबंधन, मौसम विभाग, केंद्रीय सूचना आयोग, एफसीआई, एनसीसी, नेहरू युवा केंद्र और कस्टम के दफ्तरों में बिना रुकावट काम होगा। 5. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के कार्यालय और उनसे जुड़े ऑफिस भी खुले रहेंगे पुलिस, होमगार्ड, सिविल डिफेंस, फायर और इमरजेंसी सर्विस, आपदा प्रबंधन, जेल और नगरीय निकाय के दफ्तरों में कामकाज जारी रहेगा। इसके अलावा राज्यों के अन्य विभागों में स्टाफ की सीमित संख्या के साथ काम होगा। ग्रुप ए और बी के अधिकारी जरूरत पड़ने पर ऑफिस आएंगे। ग्रुप सी और उसके नीचे के 33 फीसदी कर्मचारी के साथ कामकाज होगा। जिला प्रशासन और कोषागार में कर्मचारियों की सीमित संख्या के साथ काम होगा। हालांकि, जरूरी सेवाओं की डिलीवरी में लगे कर्मचारियों को छूट रहेगी। वन विभाग के कर्मचारी चिड़ियाघरों, नर्सरी, पेड़ों की सिंचाई और जंगल में आग पर काबू पाने के काम कर सकेंगे। ये सुविधाएं पहले से बंद हैं, 3 मई तक भी बंद ही रहेंगी सभी तरह की घरेलू और विदेशी उड़ानें (सुरक्षा कारणों से होने वाली आवाजाही और कार्गो छोड़कर) बंद रहेंगी। यात्री ट्रेनों की सभी तरह की आवाजाही (सुरक्षा कारणों को छोड़कर) बंद रहेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट में इस्तेमाल होने वाली बसें नहीं चलेंगी। मेट्रो रेल सेवाएं बंद रहेंगी। मेडिकल वजहों को छोड़कर बाकी सभी लोगों का एक दूसरे से जिलों और एक से दूसरे राज्यों में मूवमेंट नहीं होगा। सभी तरह के एजुकेशन, ट्रेनिंग और कोचिंग इंस्टिट्यूट्स बंद रहेंगे। जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर सभी तरह की कमर्शियल और इंडस्ट्रियल गतिविधियां बंद रहेंगी। जिन्हें इजाजत मिली हुई है, उसे छोड़कर हॉस्पिटैलिटी सेवाएं भी नहीं चलेंगी। ऑटो रिक्शा, साइकिल रिक्शा, टैक्सी और कैब सेवाएं बंद रहेंगी। सभी सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम, असेंबली हॉल और इनके जैसी जगहें भी नहीं खुलेंगी। सभी तरह के सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, अकादमिक, सांस्कृतिक और धार्मिक समारोह या जमावड़े की इजाजत नहीं होगी। आम लोगों के लिए सभी तरह के धार्मिक स्थान और इबादत की जगहें बंद रहेंगी। धार्मिक जमावड़े को कड़ाई से बंद रखना होगा।

16-Apr-2020 06:26

राजनीति मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology