18-Apr-2020 06:42

छोटे उद्योगों को .. गति देना सरकार की सही पहल ……

प्रधानमंत्री जी ने एक दिन पहले वित्तमंत्री से लंबी मंत्रणा की और बैंकों की लिक्विडिटी (नकदी संचरण) बढ़ाने के लिए आरबीआई के गवर्नर ने तमाम घोषणाएं की ……

कोरोना संकट के बाद सभी बड़ी संस्थाओं ने भारत सहित दुनिया के सभी देशों की विकास दर को काफी नीचे रखा है लेकिन, दो बातें साफ है― भारत की 1.9 प्रतिशत की विकास दर (अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का आंकलन) जी-20 देशों में सबसे ज्यादा है, इस संस्था के अनुसार पूरे एशिया की विकास दर शून्य रह सकती है, जबकि चीन की 1.2 प्रतिशत ……

अगर देश इस भयंकर संकट में कम से कम क्षति झेलते हुए बाहर निकला तो विश्व का नेतृत्व करने की स्थिति में होगा, क्योंकि इसके पास बहुत अनाज होगा, जो एशिया और अफ्रीका के अधिकांश देशों की अगले 1 साल में सबसे बड़ी जरूरत होगी, शायद इसी आशावादिता के तहत प्रधानमंत्री जी ने एक दिन पहले वित्तमंत्री से लंबी मंत्रणा की और बैंकों की लिक्विडिटी (नकदी संचरण) बढ़ाने के लिए आरबीआई के गवर्नर ने तमाम घोषणाएं की ……

इन प्रयासों से लॉकडाउन की मार झेल रहे माइक्रो, लघु व मध्यम (एमएसएमई) उद्योगों और विनिर्माण क्षेत्र पर कर्ज का दबाव कम करके उन्हें आर्थिक गति देना है, एमएसएमई सेक्टर ही देश में कुल रोजगार का 30 फीसदी और कुल उत्पादन का 29 फीसदी देता है, इसमें एक काम करने वाले करोड़ों मजदूर ही आज लॉकडाउन पर दंश झेलते हुए देश के लाखों क्वॉरेंटाइन सेंटरों में अपने परिवार के साथ रहने को मजबूर हुए हैं, लिहाजा अगले चरण में इन्हें फिर से रोजगार में लगाने के लिए इस सेक्टर को जिंदा करना पहली शर्त होगी, इसका तत्काल लाभ यह होगा कि प्रवासी मजदूर घर जाने की उग्र जिद छोड़ कर फिर से रोजी रोटी कमाने में लग जाएगा, शर्त एक ही होगी सामाजिक दूरी बनाए रखना ……

सरकार ने असाधारण आशावादिता दिखाते हुए 2020-21 वर्ष के लिए अनाज के उत्पादन का लक्ष्य 2 फीसदी बढ़ाकर 2980 लाख टन रखा है, 2019-20 में रिकॉर्ड 2920 लाख टन का उत्पादन आज सरकार को उदार भाव से गरीबों के लिए अनाज देने को उद्धृत कर रहा है, उधर किसानों में हौसला इतना बढ़ गया है कि वर्तमान खरीफ सीजन में तेलंगाना सहित कई राज्यों में (जहां खरीफ की बुवाई पहले होती है) बुवाई का रकबा बढ़ गया है, इसी उत्साह को बनाएं रखने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक दिन पहले बताया कि भारत में हर 24 जांच में कोरोना का एक व्यक्ति पाया गया, जबकि अन्य देशों में यह दर 6 से 11 जांच में एक है यानि भारत में फैलाव कम है l

18-Apr-2020 06:42

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