16-Jun-2018 10:44

आज का समय कल इतिहास बन जाता है

आदतन हम स्याह पन्नों  को याद रखते हैं, लेकिन हमें अपनी सोच को बदलना होगा। याद है 2016 में ज्ञान की धरती बिहार से 'प्रोडिकल साइंस' नाम का ऐसा  जिन्न निकला था,  जिसकी वजह से खूब जगहंसाई हुई थी। अखबारों के पन्ने 'प्रोडिकल गर्ल' रूबी राय और टॉपर्स घोटाले से र

   *क्या था टॉपर्स घोटाला* वर्ष 2016 में बिहार बोर्ड के 12वीं के परीक्षा परिणाम में आर्ट्स संकाय में रूबी राय ने टॉप किया था। एक पत्रकार से बातचीत में रूबी के मुंह से पॉलिटिकल साइंस की जगह प्रोडिकल साइंस निकल गया। बस, उसके बाद तो हंगामा मच गया। ऐसा हंगामा हुआ कि सरकार हिल गई। उच्च स्तरीय जांच हुई और टॉपर्स घोटाले का खुलासा हुआ। घोटाले के आरोपित सलाखों के पीछे भेजे गए।अपनी साख सो समझौता नहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी साख कोई समझौता नहीं करते। ऐसे में उन्होंने खुद मामले में हस्तक्षेप किया और उच्च स्तरीय जांच हुई। एसआइटी ने ताबड़तोड़ छापेमारी कर घोटाले के किंगपिन से लेकर अदनों तक को दबोच लिया। पूरा रैकेट पकड़ा गया। रूबी राय, उसके कॉलेज के प्राचार्य बच्चा राय से लेकर बिहार बोर्ड के अध्‍यक्ष-सचिव तक सभी पकड़े गए। नीतीश कुमार ने बोर्ड में नए पदाधिकारियों की टीम तैनात की। बोर्ड की कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन किए गए।

*गर्म दूध से मुह जले तो मट्ठा भी आदमी सुन-सुनकर आदमी पीता है देहाती कहावत एकदम सटीक बैठती हैं* बिहार बोर्ड ने भी कुछ ऐसा ही किया। टॉपर्स घोटाले के बाद बोर्ड ने फैसला लिया कि अब कॉपियां चेक होने के बाद जो भी टॉपर होगा, उसका इंटरव्यू होगा। अब जो भी टॉपर होते हैं उनका भौतिक सत्यापन होता है। विगत दो सालों से यह व्यवस्था। लागू है और अब कोई फर्जी टॉपर सुनने को नहीं मिल रहा।

*कल्पना की ऊंची उड़ान* एक कल्पना चावला थीं। ये भी कल्पवना ही है। इन्होंने देश सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षा नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्‍ट) में टॉप किया है। वह सर्वश्रेष्ठ है, फिर से सिद्ध किया, बिहार बोर्ड में टॉप कर। यह गर्व की अनुभूति कराने वाला दोहरा कारनामा कोई बिहारी ही कर सकता है। *पिता लेक्चरर, मां टीचर, बहन नेवी में ऑफि‍सर* बिहार के शिवहर जिले के तरियानी की बेटी कल्पना ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की 12वीं की परीक्षा में साइंस संकाय में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। शिवहर के वाइकेजेएम कॉलेज (तरियानी) की छात्रा को 500 में 434 अंक मिले हैं। आगे वह हार्ट स्पेशलिस्ट  बनना चाहती है। कल्पना के पिता राकेश मिश्र डायट में लेक्चरर हैं और मां ममता कुमारी कन्या मध्य विद्यालय में शिक्षक हैं। बड़ी बहन भारती एनआइटी, पटना से पढ़ाई पूरी कर इंडियन नेवी में ऑफिसर हैं। भाई प्रणय प्रताप आइआइटी गुवाहाटी में इंजीनियरिंग के अंतिम वर्ष में है। *बेटी पढ़ाओ, कल्पना जैसी बनाओ* बड़ी बात है कि जिस राज्य की बेटियों के बेहतर भविष्य  के लिए बाल विवाह पर रोक, दहेज बंदी की बातें हो रही हैं, वहां की बेटियां ज्ञान के दम पर कीर्तिमान गढ़ रही हैं। इस बार बिहार बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में तीनों संकाय- साइंस, आर्ट्स और कॉमर्स में टॉपर बेटियां ही हैं। साइंस में कल्पना, आर्ट्स में कुसुम कुमारी तथा कॉमर्स में निधि सिन्हा ने टॉप किया है।

*अब कल्पना के कारनामे की बात होगी* नकारात्मंकता के अंधेरे से निकलकर देखें तो प्रोडिकल साइंस कभी याद नहीं आएगी। यदि एक घटना से जगहंसाई हो सकती है तो दूसरी घटना से पुराने दाग क्‍यों नहीं धुल सकते। जरूरत है मन-मस्तिष्क से 2016 की उस घटना को दफन करने की और सिर्फ और सिर्फ कल्पना पर गर्व करने की। हम सिर्फ कल्पना के उस साइंस की बात करेंगे, जिसने एक ही साल में दो परीक्षाओं में टॉप किया। 

16-Jun-2018 10:44

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