28-Apr-2018 07:21

अंतिम सांस ले रही वैशाली को मिला नया नेतृत्व

पिछले लगभग दो सालों में कभी लगा ही नहीं कि वैशाली में वैशाली जिला प्रशासन कुछ हैं। निष्क्रिय पड़ी दिखी जिलाधिकारी की भूमिका, क्या अब बदलेगा स्वरूप ?

एक बहुत बड़ी अच्छी ही खबर आई कि वैशाली जिला ने आखिरकार एक जीवंत व्यक्तित्व को अपने जिला अधिकारी के रूप में पाया। वाकई राजीव रोशन सिविल सर्विस परीक्षा से लेकर आज अपने कामों में एक अलग परिचय अपनी अलग छाप छोड़ी है।

राजीव रौशन जिलाधिकारी के लिए आसान नहीं होगा वैशाली का सफर। बताते चलें कि वैशाली जिला सिर्फ लोकतंत्र की जननी नहीं, बल्कि आज वर्तमान समय में जिले के अंदर लोकतंत्र की कोई कल्पना नहीं की जा सकती। अगर नए जिलाधिकारी राजीव रौशन की इच्छा शक्ति मजबूत हुई, तो फिर से स्थापित होगी लोकतंत्र ।लेकिन कितना सफल हो पाएंगे, नए जिलाधिकारी यह कहना बहुत मुश्किल है। उनके व्यक्तित्व पर सवाल उठाना अपने आप पर सवाल उठाने के बराबर है। लेकिन वैशाली जिला में जिस तरीके से राजनीतिक परिपेक्ष में जिला प्रशासन को घेर रखा है। उससे निकल पाना शायद इतना आसान नहीं होगा। फिर भी राजीव रौशन की कार्यशैली उनके कार्य करने का अंदाज एक बार फिर लोकतंत्र की तरफ बढ़ते वैशाली को स्थापित कर पाएगी। हम उम्मीद करते हैं, राजीव रौशन अपने कुशल नेतृत्व के कारण वैशाली में फिर से एक लोकतंत्र की नई परिपाटी लिखेंगे।

आजादी के बाद और जिला बनने के इतने लंबे अवधि में इक्का-दुक्का को छोड़कर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी ने वैशाली को विकास की ओर ले जाने में अपनी रुचि नहीं दिखाई। जिला प्रशासन लगभग समयों में निष्क्रिय ही रही है। जिसके कारण वैशाली जिला प्रशासन कि हमेशा से उपेक्षा होती रही है। वैशाली जिला प्रशासन के नेतृत्वहीन कार्यशैली की वजह से बिहार के 38 जिलों में हमेशा नीचे से पहले दूसरे तो कभी चार पांच स्थानों पर रहिए। तो देखना होगा कि वैशाली किस रूप में किस स्वरूप में अपनी गरिमा को प्राप्त करता है।

सूत्र बताते हैं कि राजीव रौशन एक सकुशल नेतृत्व करता है। उन्होंने सीतामढ़ी में रहते हुए जिला के विकास और उन्नति के लिए हर प्रयास किया। जिसके लिए वहां के आम जनमानस में उनकी अपनी एक अलग पहचान है और लोगों को कहना है कि वाकई में राजीव रौशन ने जो किया वह काबिले तारीफ है। सीतामढ़ी में शांति, सुरक्षा, कानून, व्यवस्था से लेकर जिला को स्वच्छ, सुंदर, सुदृढ़ एवं स्वस्थ बनाने में उनकी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। वहीं खुले में शौच मुक्त करने के लिए राजीव रौशन ने बहुत सारे सराहनीय कदम उठाएं। एक कुशल निर्देशन और अद्भुत नेतृत्व क्षमता से सीतामढ़ी वासियों का दिल जीता एवं अपनी एक अलग पहचान बनाई। बाढ़ जैसी बड़ी मुसीबतों में उन्होंने अपनी सक्रियता दिखाते हुए जो अनमोल एवं सुरक्षित कदम उठाएं उसे सीतामढ़ी की आम जनता कभी नहीं भूल पाएगी। अपने विभिन्न भूमिकाओं में अद्वितीय नेतृत्व का परिचय दिया है। अब संभव हो कि वैशाली आने के बाद राजीव रौशन यहां की राजनीतिक पृष्ठभूमि से अपने को बचाते हुए, एक कुशल नेतृत्व कर्ता के रूप में अपने एडमिनिस्ट्रेटिव क्षमता को धरातल पर उतारे और सामाजिक लोगों के साथ मिलकर वैशाली के विकास पर काम करें।

28-Apr-2018 07:21

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