01-Sep-2018 08:45

बिदूपुर-अगामी गणिनाथ जयंती को लेकर किया गया झंडा पूजा।

देश के कोने कोने से लाखों की संख्या में उमड़ते हैं श्रद्धालु।

बिदूपुर। बिदूपुर प्रखंड के गणिनाथ पलवैया धाम में आगामी 8 सितंबर को गणिनाथ जयन्ती पर लगने वाले मेला को लेकर शनिवार को पंडितों के मंत्रों-उच्चारण के साथ विधिवत भूमि पूजण व झंडा रोहण किया। कोषाध्यक्ष विद्यानन्द साह ने बताया कि आज कुल देवी-देवताओं का खॉर कार्य यानी नेवता दिया गया है। अगलें शनिवार को जयंती महोत्सव मनाई जाएगी। जयन्ति के अवसर पर देश के कोने-कोने से श्रद्धालुओं पूजा अर्चना कर मन्नत मांगने के लिए यहां आते हैं।विदित हो कि यहां बिदूपुर घाट पर बाबा गणिनाथ की स्थापना सन- 1954 ई० में परम् भक्त स्वर्गीय गन्नी साह के द्वारा किया गया था। वही हजारी साह,रामजी साह, बिहारी राय के द्वारा 1958 ई०में प्रांतीय कमिटी की गठन की गई थी। 1978 ई०में बाबा के धाम पर एक संत का पदार्पण हुआ जिनका नाम श्री श्री 108 प्रभु दास जी था। धाम की दुर्दशा से पीड़ित हो कर श्री प्रभु दास जी ने 28 दिन तक अनसन पर बैठे रहे तब स्थानीय लोगों और प्रांतीय कमिटी ने श्री दास जी कोवचन देते मंदिर निर्माण की तिथि निर्धारित कर संत की अनसन तुड़वाये थे। तब जाकर भव्य मंदिर की शिलान्यास किया गया था। रिद्धि-सिद्धि के मंदिर में ढेला फेंकने से मिलती हैं मन्नत। मंदिर निर्माण प्रांतीय गन्नी साह वंशज शशि भूषण प्रसाद ने कहा कि यहाँ मंदिर परिसर में मानों वाँछित मन्नत मांगने की एक पौराणिक परम्पराएं है जो सदियों से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में एक ताखें बनी है जिसमें श्रद्धालुओं पवित्र मन से मिट्टी के ढेलें फेकतें हैं जिसें मन वाँछित फल मिलता हैं। पिछले साल की अपेक्षा इस बार जयन्ति की पूर्व संध्या में संस्कृति कार्यक्रम एवं कलाकारों के द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम की जाएगी।

01-Sep-2018 08:45

समाचार मुख्य खबरें

समाचार भारत_दर्शन राजनीति खेल जुर्म शिक्षा चिकित्सा धर्म परम्परा व्यक्तित्व कला सम्मान फिल्म सामाजिक_संस्थान रोजगार कानून अर्थव्यवस्था समस्या पर्यावरण सैनिक पुलिस गांव शहर ज्योतिष सामान्य_प्रशासन जन_संपर्क छात्र_छात्रा
Copy Right 2020-2025 Ahaan News Pvt. Ltd. || Presented By : CodeLover Technology