29-Nov-2018 11:07

समान शिक्षा और समान अधिकार को लेकर चौथे दिन भी चला सघन जनसंपर्क अभियान 25 फरवरी को पटना में होगा सव

हाजीपुर, 27 नवंबर 2018 : राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा के राष्ट्रीय संयोजक ई. रविन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में वैशाली में यात्रा के चौथे दिन चमरहरा दुर्गा मंदिर स्थान, बासदेवपुर दुर्गा मंदिर स्थान, करनौति, जगदीशपुर, बिजरौली(बिंदी चौक), हरपुर(बेलवा), महुआ

उन्‍होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार को भी मंदिर मामले में फैसला लेना चाहिए। वैसे तो एससीएसटी के काले कानून के मामले में चिराग पासवान के हुंकार से ही 56 इंच का सीना 26 इंच का हो गया है। अगर सच में 56 इंच का सीना है, तो वे जल्‍द मंदिर निर्माण करवाये और एससीएसटी के काले कानून को खत्‍म करे। उन्‍होंने केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान पर जमकर हमला बोला और कहा कि जात की राजनीति करने वाले राम विलास पासवान जैसे नेताओं ने देश के विकास को अवरूद्ध किया है। ऐसे लोग आज सभी दलों में भरे हैं, जो देश में पिछड़े लोगों को सर्वर्णों के खिलाफ भड़काते हैं और वोट लेते हैं, इसके बावजूद भी आज पिछड़ापन भारत की समस्‍या बनी हुई। सभी पार्टियां कहती है कि हम जात-पात की राजनीति नही करते हैं, फिर दलित, महादलित,अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ बना के क्यों रखी है? और सवर्ण प्रकोष्ठ क्यों नही? वहीं, उन्‍होंने केंद्र सरकार से नई रेल लाईन की मांग की, एवं जो रेलवे लाइन लालगंज हो कर जा रही हैं, जिसमे पड़ने वाले विठोली के बगल में जो हॉल्ट बन रही है उसका नाम स्वर्गीय दीपनारायण सिंह जी के नाम पर रखा जाये और लालगंज स्टेशन का नाम महान स्वतंत्रासेनानी बैकुण्ठ शुक्ला जी के नाम पर।

रोहित सिंह रैकवार कहा कि देश में समान शिक्षा और स्‍वास्‍थ्‍य की व्‍यवस्‍था की मांग इस यात्रा का प्रमुख उद्देश्‍य है, जिसको लेकर हम जनजागृति पैदा करने के लिए लोगों के बीच जा रहे हैं। सामाजिक उत्‍थान के लिए आज बिहार में एक जैसी शिक्षा नीति की आवश्‍यकता बेहद आवश्‍यक है। साथ ही हम चाहते हैं कि प्रदेश के सभी प्रखंड स्‍तर पर आधुनिक सुविधा से लैस अस्‍पताल की स्‍थापना हो। वहीं, राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा सह संयोजक सुनील पाण्डेय ने आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग करते हुए कहा कि हम आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन आरक्षण का निर्धारण आर्थिक आधार पर हो। हमारी एकजुटता ही हमारे अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षा को सबल देगा। हम इस यात्रा के जरिये देश को एक सूत्र में बांधना चाहते हैं। उन्‍होंने कहा कि किसानों के फसलों का सम्मानजनक बाजार मूल्य निर्धारित करने सहित अन्य मांगों के समर्थन में रैली का आयोजन किया जा रहा है। आजादी के सात दशक बाद भी सावर्णो के कल्याण के लिए किसी भी सरकार ने कोई कारगर कदम नही उठाया।

विशाल सिंह परमार ने कहा कि राष्ट्रीय समान अधिकार यात्रा का व्यापक सोच़ है कि हम पटेल के विचारों को बड़ा बनाये। सरदार पटेल की एक व्यापक सोच़ ही थी, जिसके कारण 562 रियासतें एक साथ भारत को एक बनाने का काम किया । सभी रियासतों ने ही मिलकर भारत के संचालन के लिए आर्थिक मदद कर एक मजबूत स्तंभ तैयार किया । देश में शिक्षा का स्तर नगन्य हो चुका था, वहीं स्वास्थ्य सेवा ध्वस्त को जीवनदायिनी बनाने के लिए भारत एवं राज्यों की सरकारों को सवर्णों ने जमीन देकर प्रत्येक भारतीयों के लिए समानता की नींव रखी। जाति-धर्म से उपर उठकर सभी के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था कर सर्वांगीण विकास किया। उन्‍होंने कहा कि एकबार फिर से राष्ट्र पर राजनैतिक खतरें मंडरा रहा है। सवर्णो द्वारा स्थापित किया गया विद्यालय, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग, बाजार समितियों, किसानों के जीवन को जीवनदायिनी बनाने के लिए 25 फरवरी 2019 को गाँधी मैदान पटना में आयोजित महारैली में अपना महत्वपूर्ण योगदान एकबार फिर दे।

सभा की अध्‍यक्षता डॉ दामोदर सिंह ने की। इस मौके पर रोहित सिंह रैकवार, विशाल सिंह परमार, कुंदन कुमार चौधरी, श्याम कुमार चौधरी, श्री नारायण चौधरी, सुजीत कुमार,चंदेश्वर चौधरी, सुजीत कुमार, अमित सिंह, जयवीर सिंह, सौरव सागर के साथ सैकड़ो लोग मौजूद थे।

29-Nov-2018 11:07

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