19-Sep-2018 03:47

संजीत के दिमाग में ऐसे समस्याओ से रह जाते है दंग ।।

यदि आप सभी लोग जाति-धर्म के झगडों से फुरसत मिल गई हो तो मेरी बात भी सुन लिजिये ।

सिर्फ अंबेडकरवादियों से ही नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक से कहना चाहता हूँ कि इस बिहार में सबसे बड़ा मुद्दा " गिरती शिक्षा व्यवस्था" का है।। एक तरफ ऐसे स्कूल हैं जहाँ नर्सरी में ऐडमिशन तब होते ही बच्चे को A, B, C, D...... 123.....100 और हिंदी की वर्णमाला याद हो जाती है....जबकि दूसरी ओर ऐसे स्कूल हैं जहाँ 4वीं कक्षा तक बच्चे हिंदी पढना तक नहीं सीख पाते। और 5 वी कक्षा में हिंदी के साथ अंग्रेजी में इतनी कड़ी रहती है पैटर्न की बच्चे को मानसिक तनाव से ग्रसित हो जाती है । वही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों अपने बच्चे को सरकारी स्कूलों में दाखिल नही करते ऐसा क्यों ? इस मुद्दे पर कभी भी सोचे है आपने । एक तरफ बिहार बोर्ड तो दूसरी तरफ CBSE बोर्ड।। शिक्षा असमानता की इतनी बडी खाई है, मैं हेरान हूँ कि लोग फिर भी इस विषय पर आंदोलन क्यूँ नहीं करते...? क्यूँ सडकों पर नहीं उतरते...? यह मुद्दा सिर्फ उन लोगों का नहीं है जिनके बच्चे सरकारी स्कूलों में पढते हैं, बल्कि उन लोगों का भी है जिनके बच्चे महँगे प्राईवेट स्कूलों में पढते हैं । क्योकि आज की शिक्षा प्रणाली ही कुछ इस तरीके से बनाई गए है कि आप खुद सोचकर देखिए कि स्कूल वाले एक बच्चे की 60-70 हजार रुपये फीस लेते हैं.....फिर भी आपके बच्चे को ट्यूशन की जरूरत पडती है।। जबकि स्कूल के नाम पे मोटी फीस ओर एक्स्ट्रा एक्टिविटी के नाम पे डोनेशन तक वसूला जाता है।।

शिक्षा_व्यवस्था_और_हम। संजीत के दिमाग में ऐसे समस्याओ से रह जाते है दंग ।। यदि आप सभी लोग जाति-धर्म के झगडों से फुरसत मिल गई हो तो मेरी बात भी सुन लिजिये । सिर्फ अंबेडकरवादियों से ही नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक से कहना चाहता हूँ कि इस बिहार में सबसे बड़ा मुद्दा " गिरती शिक्षा व्यवस्था" का है।। एक तरफ ऐसे स्कूल हैं जहाँ नर्सरी में ऐडमिशन तब होते ही बच्चे को A, B, C, D...... 123.....100 और हिंदी की वर्णमाला याद हो जाती है....जबकि दूसरी ओर ऐसे स्कूल हैं जहाँ 4वीं कक्षा तक बच्चे हिंदी पढना तक नहीं सीख पाते। और 5 वी कक्षा में हिंदी के साथ अंग्रेजी में इतनी कड़ी रहती है पैटर्न की बच्चे को मानसिक तनाव से ग्रसित हो जाती है । वही सरकारी स्कूलों के शिक्षकों अपने बच्चे को सरकारी स्कूलों में दाखिल नही करते ऐसा क्यों ? इस मुद्दे पर कभी भी सोचे है आपने । एक तरफ बिहार बोर्ड तो दूसरी तरफ CBSE बोर्ड।। शिक्षा असमानता की इतनी बडी खाई है, मैं हेरान हूँ कि लोग फिर भी इस विषय पर आंदोलन क्यूँ जंहा एक ओर सरकार RTE के तहत गरीब बच्चे को बड़ी- बड़ी स्कुलो में दाखिला तो दिलवा देती है पर क्या हमारी शिक्षा व्यवस्था इस तरीके की है कि आम स्कूल और महँगी स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे एक समान शिक्षा ले रहे हो ??

यदि आज आपने शिक्षा की इस दयनीय हालत और शोषणकारी व्यवस्था के खिलाफ आवाज नहीं उठाई तो आने वाली पीढ़ी हमसभी को कभी माफ नहीं करेगी ।

जागो मेरे देश के नौजवानों , देश के नागरिकों । शिक्षा व्यवस्था में दो नीति चाल चलने वाले लोगों के खिलाफ आवाज बुलंद करे ।

19-Sep-2018 03:47

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