19-Sep-2019 06:51

श्री शारदा सदन पुस्तकालय, लालगंज में हिंदी दिवस सह स्मृति सम्मान समारोह-2019 का आयोजन

गांधी जी की एक पंक्ति में ही हिंदी को जनमानस की भाषा भी कहा था। जिससे हिंदी की महत्ता को स्वीकार करने में संवैधानिक रूप से भी आसान हो गया।

हिन्दी दिवस प्रत्येक वर्ष 14 सितम्बर को मनाया जाता है। 14 सितम्बर 1949 को संविधान सभा ने एक मत से यह निर्णय लिया कि हिन्दी ही भारत की राजभाषा होगी। इसी महत्वपूर्ण निर्णय के महत्व को प्रतिपादित करने तथा हिन्दी को हर क्षेत्र में प्रसारित करने के लिये राष्ट्रभाषा प्रचार समिति, वर्धा के अनुरोध पर वर्ष 1953 से पूरे भारत में 14 सितम्बर को प्रतिवर्ष हिन्दी-दिवस के रूप में मनाया जाता है। एक तथ्य यह भी है कि 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी के पुरोधा व्यौहार राजेन्द्र सिन्हा का 50-वां जन्मदिन था, जिन्होंने हिन्दी को राष्ट्रभाषा बनाने के लिए बहुत लंबा संघर्ष किया । स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद हिन्दी को राष्ट्रभाषा के रूप में स्थापित करवाने के लिए काका कालेलकर, मैथिलीशरण गुप्त, हजारीप्रसाद द्विवेदी, सेठ गोविन्ददास आदि साहित्यकारों को साथ लेकर व्यौहार राजेन्द्र सिंह ने अथक प्रयास किए।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाने के लिए श्री शारदा सदन पुस्तकालय सभगार, लालगंज,वैशाली में विषय-"इंटरनेट युग मे हिंदी:संभावनाएं एवं चुनौतियां" पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। 15 सितंबर 2019 अपराह्न 2:00बजे से इस कार्यक्रम का आयोजन आरंभ किया गया। पुस्तकालयाध्यक्ष आनंद कुमार ने बताया कि उद्धघाटनकर्ता : डॉ अनिल सुलभ, अध्यक्ष, बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के द्वारा किया गया। वहीं मुख्यअतिथि : न्यायाधीश श्री दिनीश कुमार शर्मा, पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहे हैं। साथ ही साथ विशिष्ट अतिथि : श्री श्यामकिशोर साह, पूर्व न्यायाधीश की गरिमामय उपस्थिति रही हैं। जिससे हिंदी दिवस की खुबसूरत बेला में चार चांद लग गए।

वहीं शिक्षाविदों में प्रो0 अर्चना त्रिपाठी, प्राध्यापक, अरविंद महिला कॉलेज, पटना एवं श्री कृति प्रकाश, निदेशक, वर्चुअस इंटरनेशनल स्कूल, हाजीपुर की उपस्थिति प्रमुख रहीं। शिक्षा के क्षेत्र में अपने व्यक्तित्व को उभारने के लिए आज हिंदी का प्रयोग बढ़ गया है। शिक्षा और शिक्षण संस्थानों में अंग्रेजी की महत्ता बढ़ती दिख रही हैं, परंतु हिंदी का एक निश्चित स्थान है। साथ ही अध्यक्षता डॉ शशि भूषण कुमार, अध्यक्ष, वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा किया गया। उन्होंने बताया कि आज हिंदी दिवस सह स्मृति सम्मान समारोह-2019 का आयोजन वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के द्वारा किया गया। वैशाली जिला के लालगंज बाजार स्थित शारदा पुस्तकालय सदन सभगार में किया गया। इस कार्यक्रम में 13 साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। वहीं संचालन डॉ अरुण कुमार निराला, प्रधानमंत्री, वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा किया गया। स्वागत भाषण श्री मेदिनी कुमार मेनन एवं सुधांशु कुमार चक्रवर्ती उपाध्यक्ष, वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन किया गया। धन्यवाद ज्ञापन श्री संजय मंडल, उपसचिव शारदा सदन पुस्तकालय सह कोषाध्यक्ष, वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन द्वारा किया गया।

वहीं अतिथि स्वागत श्री आनंद कुमार, पुस्तकालय अध्यक्ष, शारदा पुस्तकालय द्वारा किया गया। आयोजन के संबंध में आनंद कुमार बताते हैं कि हिंदी की जिम्मेदारी लगातार बढ़ती जा रही हैं। वैशाली जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के माध्यम से लोगों तक हिंदी में निरंतर होते बदलाव को पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं बता दें कि कि रविवार को वैशाली जिले स्थित लालगंज के श्री शारदा सदन पुस्तकालय में बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का जिला सम्मेलन किया गया। इस सम्मेलन में आनंद कुमार पुस्तकाधयक्ष आनंद कुमार को साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ठ कार्य के लिए साहित्य सम्मान बिहार हिंदी साहित्य के अध्यक्ष अनिल सुलभ ने सम्मानित किया। इस कार्यक्रम में और भी कई साहित्यकारों को भी सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में 100 से भी ज्यादा लोगों ने भाग लिया। इसमें डॉ राम किशोर चौधारी, अनुपम कुमारी, सोनी कुमारी, सुप्रिया कुमारी, मोनू कुमार अभिषेक कुमार, अरविन्द कुमार, संजय कुमार ठाकुर, विक्की कुमार आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।

19-Sep-2019 06:51

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